राम मंदिर परिसर में 11 मीटर ऊंचा हुतात्मा स्मारक:कारसेवकों को मिलेगी अमर श्रद्धांजलि, पंचवटी, हरिशंकरी और नक्षत्र वाटिका का भी हो रहा निर्माण

Jan 17, 2026 - 09:59
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राम मंदिर परिसर में 11 मीटर ऊंचा हुतात्मा स्मारक:कारसेवकों को मिलेगी अमर श्रद्धांजलि, पंचवटी, हरिशंकरी और नक्षत्र वाटिका का भी हो रहा निर्माण
अयोध्या में लंबी प्रतीक्षा के बाद भव्य-दिव्य राम मंदिर का निर्माण पूर्ण हो चुका है। रामलला के साथ राजा राम, जनक नंदिनी माता सीता के साथ विराजमान हैं। अब राम मंदिर आंदोलन में अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले लाखों कारसेवकों की स्मृति में एक भव्य हुतात्मा स्मारक भी मंदिर परिसर में आकार ले रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि यह स्मारक सप्त मंडपम और शेषावतार मंदिर के मध्य बनाया जा रहा है। स्मारक की ऊंचाई 11 मीटर होगी। इसके पूर्ण होने पर दर्शनार्थी राम मंदिर आंदोलन के महान योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। 13 एकड़ में बनेगी पंचवटी, ध्यान व योग की सुविधा राम मंदिर परिसर में 13 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित पंचवटी का निर्माण उद्यान विभाग के सहयोग से जीएमआर समूह द्वारा किया जा रहा है। पंचवटी को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव हो। इसके लिए एक मेडिटेशन सेंटर भी बनाया जाएगा, जहां श्रद्धालु ध्यान और योग कर सकेंगे। पंचवटी की रमणीयता बढ़ाने के लिए पशु-पक्षियों के विहार स्थल, जलाशय और म्यूजिकल फाउंटेन की व्यवस्था की जा रही है। रामायण कालीन वनस्पतियों का रोपण भी किया जा रहा है। शोध कार्य में जुटी टीम ने भारत के साथ-साथ दक्षिण एशिया के देशों से भी पौधे मंगवाए हैं। हरिशंकरी वाटिका और नक्षत्र वाटिका का निर्माण पंचवटी में हरिशंकरी वाटिका और नक्षत्र वाटिका का निर्माण भी शुरू हो चुका है। नक्षत्र वाटिका एक विशेष उद्यान है, जिसमें ज्योतिष के 27 नक्षत्रों से जुड़े विशिष्ट पेड़-पौधे लगाए जाते हैं। इन पौधों का आध्यात्मिक, ज्योतिषीय और औषधीय महत्व होता है। मान्यता है कि अपने जन्म नक्षत्र के वृक्ष के नीचे ध्यान करने से विशेष लाभ मिलता है। नक्षत्र वाटिका में आम, पीपल, जामुन, गूलर, नीम, बेल जैसे औषधीय और शुभ माने जाने वाले पौधे लगाए जाएंगे। वहीं हरिशंकरी वाटिका में पीपल, बरगद और पाकड़ के समूह का रोपण किया जा रहा है, जिन्हें धार्मिक मान्यता के अनुसार ब्रह्मा, विष्णु और महेश का स्वरूप माना जाता है। अंगद टीला पर महानाट्य प्रस्तुति आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय श्री राम कथा संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में माता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर महानाट्य प्रस्तुति ‘कर्मयोगिनी माता अहिल्या’ का आयोजन किया जा रहा है। यह नाट्य प्रस्तुति शनिवार को सायंकाल छह बजे अंगद टीला पर होगी। कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।

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