छत्तीसगढ़ सरकार ने कुछ नियमों को बदल:जन्म-मृत्यु के एक साल बाद प्रमाण पत्र के लिए अब मजिस्ट्रेट के पास करना होगा आवेदन, गाड़ी में जन्म होने पर भी बना नियम

Jan 29, 2026 - 09:04
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छत्तीसगढ़ सरकार ने कुछ नियमों को बदल:जन्म-मृत्यु के एक साल बाद प्रमाण पत्र के लिए अब मजिस्ट्रेट के पास करना होगा आवेदन, गाड़ी में जन्म होने पर भी बना नियम
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने कुछ नियमों को बदल दिया है। अब एक साल से अधिक समय बीतने के बाद प्रमाण पत्र बनवाने के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास आवेदन करना होगा। वे मामले की जांच करवाकर जब आदेश पारित करेंगे तभी उप पंजीयक प्रमाण पत्र जारी करेगा। अब तक इसके लिए कलेक्टर जिसे अधिकृत करते थे, वह प्रमाण पत्र जारी कर देता था। इसे साथ ही अब गोद लिए गए बच्चे का भी जन्म प्रमाण पत्र बनेगा। इसके लिए तीन आवेदन तैयार किए गए हैं। जिसमें दत्तक माता-पिता को अपने आधार नंबर से लेकर पते तक की जानकारी देनी होगी। यही नहीं अब मृत जन्म प्रमाण पत्र भी बनेगा यानी अगर कोई बच्चा जन्म के समय ही मरा हुआ पैदा होता है तो उसका भी माता-पिता सर्टिफिकेट बनवा पाएंगे। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण 2026 के तहत 19 नियम बनाए हैं। इसमें गर्भावधि की न्यूनतम अवधि 28 सप्ताह ही रखी गई है। मां की शिक्षा, पिता का व्यवसाय बताना होगा प्रपत्र में जन्म देने वाली मां की शिक्षा का कॉलम भी बनाया गया है। इसमें पूर्व प्राथमिक से लेकर डाक्टरेट तक 20 कॉलम बनाए गए हैं। इसके अलावा माता-पिता का व्यवसाय भी पूछा जाएगा। इसमें कृषक, कृषि मजदूर, दैनिक वेतन भोगी, पारिवारिक कार्यकर्ता, नियोक्ता, सरकारी कर्मचारी, निजी कर्मी, घरेलू सहायक और गैर कार्यकर्ता जैसे 9 कॉलम बनाए गए हैं। वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र में भी मरने वाले के लिए यह जानकारी ली जाएगी। यही नहीं कितने सप्ताह में बच्चे का जन्म हुआ अब यह भी बताना होगा। जहां गाड़ी सबसे पहले रुकेगी, वहीं जन्मस्थान काम की बात- जन्म, मृत्यु में 21 दिन तक पंजीयक के पास आवेदन देकर 30 दिन में प्रमाण पत्र पाया जा सकता है। {21 दिन से अधिक होने पर एक वर्ष तक कलेक्टर जिसे अधिकृत करे वह जारी कर सकता है। { एक साल से अधिक देरी होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास आवेदन करना होगा। {किसी बच्चे के जन्म का पंजीयन बिना किसी नाम के होता है तो माता-पिता को एक साल के अंदर नाम की सूचना रजिस्ट्रार को मौखिक या लिखित देनी होगी। एक साल गुजरने के बाद अगर नाम की सूचना देंगे तो 250 रुपए विलंब शुल्क देकर नाम दर्ज कराना होगा। {आवेदन करने के 30 दिन में अधिकारी को प्रमाण पत्र जारी करना होगा। अगर समय सीमा में जारी नहीं करता है तो अगले 15 दिन में उसे डाक से प्रमाण पत्र भेजना होगा। तीन तरीके के विलंब शुल्क भी हुए तय - 21 दिन की समय सीमा गुजर जाने के 30 दिन के अंदर आवेदन करते हैं तो 20 रुपए विलंब शुल्क देना होगा। - 30 दिन से अधिक और एक साल से कम में जिला रजिस्ट्रार के पास आवेदन करते हैं तो 50 रुपए शुल्क लगेगा। - एक साल से अधिक समय के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास आवेदन करने पर 100 रुपए शुल्क देना होगा।

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