फ्री इलाज की आड़ में नशे का जाल:राजधानी के स्वास्थ्य केंद्र बने नाबालिगों के लिए ‘ड्रग सोर्स’
राजधानी में नाबालिगों के बीच नशे का एक बेहद खतरनाक और चिंताजनक चलन सामने आया है। शहर के सरकारी और शहरी स्वास्थ्य केंद्र अब अनजाने में ही नशे के सामान की आसान सप्लाई का जरिया बनते जा रहे हैं। सर्दी-खांसी और पेट दर्द जैसी सामान्य बीमारियों की आड़ में नाबालिग बच्चे अस्पताल पहुंच रहे हैं और सीधे ऐसे सिरप व दवाओं की मांग कर रहे हैं, जिनका इस्तेमाल वे या तो खुद नशे के लिए कर रहे हैं या फिर उन्हें बेचकर पैसे कमा रहे हैं। हालात यह हैं कि यह ट्रेंड अब इक्का-दुक्का केंद्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लगभग हर शहरी स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों से मिली जानकारी के अनुसार, नाबालिग और कुछ युवा पहले सर्दी-खांसी की शिकायत लेकर आते हैं। इलाज के बाद वे सिरप की खास किस्म का नाम लेकर उसकी मांग करते हैं। जब डॉक्टर बताते हैं कि सिरप की जरूरत नहीं है, तो वे उनसे विवाद करने लगते हैं। अगले दिन वही लोग शिकायत बदलकर पेट दर्द का बहाना बना लेते हैं और दर्द निवारक गोलियां लेने की कोशिश करते हैं। यही नहीं, कई मामलों में उन्हें जरूरत से ज्यादा मात्रा में दवाएं भी मिल जाती हैं, जिससे उनका दुरुपयोग और आसान हो गया है।
दरअसल, रायपुर के स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों के लिए इलाज पूरी तरह मुफ्त है। इसी का फायदा नाबालिग और नशा करने वाले युवक उठा रहे हैं। वे पहले मुफ्त में पर्ची बनवाते हैं, फिर झूठी बीमारी बताकर सर्दी-खांसी की सिरप या पेट दर्द की दवाएं हासिल कर लेते हैं। इन दवाओं का अधिक मात्रा में सेवन कर वे नशा कर रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में न तो मरीज की उम्र की सही जांच हो रही है और न ही किसी अभिभावक की मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है। इसी वजह से नाबालिग इस व्यवस्था का खुलकर फायदा उठा रहे हैं। खोखोपारा: मंगलवार दोपहर भास्कर की टीम खोखोपारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। वहां एक नाबालिग डॉक्टरों से विवाद करता नजर आया। वह कफ सिरप देने की मांग कर रहा था, जबकि डॉक्टरों का कहना था कि उसे इसकी जरूरत नहीं है। इसके बावजूद वह यह कहकर डॉक्टरों को परेशान करता रहा कि उसे कफ है और गला बैठा हुआ है। अंततः दबाव में आकर डॉक्टरों ने उसे सिरप लिख दी। सिरप लेकर वह करीब 300 मीटर आगे गया और ग्राहक की तलाश करने लगा। कुछ देर बाद उसे एक फोन आया और वह गली में सिरप देकर चला गया। भनपुरी: मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे भास्कर की टीम भनपुरी स्थित हमर अस्पताल पहुंची। इस दौरान एक युवक वहां से कफ सिरप लेकर निकलता दिखा। सिरप मिलने पर वह काफी खुश नजर आ रहा था। उसके हाथ में एक पर्ची थी, जिसे उसने नाली में फेंक दिया और सिरप लेकर आगे बढ़ गया। कुछ दूर टीम ने उसका पीछा किया। युवक आगे जाकर एक कोने में बैठा और वहीं सिरप पीने लगा। उसकी यह हरकत टीम के कैमरे में कैद हो गई। भास्कर एक्सपर्ट - डॉ योगेंद्र मल्होत्रा, मेडिसिन एक्सपर्ट सीमित मात्रा इलाज के लिए ठीक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से मिलने वाले कुछ कफ सिरप और पेट दर्द की दवाओं का नाबालिगों और युवाओं द्वारा नशे के लिए इस्तेमाल किया जाना एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या है। गलत और अधिक मात्रा में सेवन से मानसिक निर्भरता, श्वसन संबंधी समस्याएं, लीवर-किडनी को नुकसान और व्यवहार में बदलाव हो सकते हैं। कम उम्र में इसकी शुरुआत आगे चलकर गंभीर नशे की लत का खतरा बढ़ा देती है। इस पर नियंत्रण के लिए दवाओं की सख्त निगरानी, बिना पर्ची दवा न देना, स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण और युवाओं में नशा-निवारण को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है।
बिना जांच पर्ची दवा देने पर कार्रवाई होगी
स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों को सिरप देने से मना किया गया है। बिना जांच और बिना पर्ची यदि कोई फार्मासिस्ट दवा देता पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-मिथिलेश चौधरी, सीएमएचओ
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