आवारा कुत्तों पर लगाम के लिए नया नियम:उन्नाव सदर में बनेगा जिले का पहला ABC सेंटर
देशभर में आवारा कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर उनके नियंत्रण और प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद केंद्र सरकार ने प्रत्येक जिले में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी कड़ी में, उन्नाव जिले में भी पहला एबीसी सेंटर स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है। उन्नाव जिले का पहला एबीसी सेंटर सदर पशु चिकित्सालय परिसर में प्रस्तावित है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद ने बताया कि यह केंद्र लगभग आधा एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा और इसे आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। यहां प्रशिक्षित डॉक्टर और स्टाफ तैनात किए जाएंगे, जो आवारा कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण और माइक्रोचिपिंग का कार्य करेंगे। डॉ. विनोद के अनुसार, एबीसी सेंटर में लाए गए प्रत्येक कुत्ते का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इस रिकॉर्ड में उसकी नसबंदी की स्थिति, टीकाकरण, माइक्रोचिप नंबर, स्वास्थ्य और व्यवहार संबंधी सभी जानकारी दर्ज होगी। इससे जिले में आवारा कुत्तों की संख्या और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखना आसान होगा, साथ ही भविष्य में किसी भी कुत्ते की पहचान और उसके चिकित्सा इतिहास की जानकारी तुरंत मिल सकेगी। नए नियमों के तहत, कुत्तों के काटने की घटनाओं के संबंध में भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यदि कोई कुत्ता पहली बार किसी व्यक्ति को काटता है, तो उसे 10 दिनों के लिए एबीसी सेंटर में रखा जाएगा। इस अवधि में उसके स्वास्थ्य, व्यवहार और स्वभाव की निगरानी की जाएगी। इसके बाद, उसकी नसबंदी, टीकाकरण और माइक्रोचिपिंग करके उसे उसी क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। यदि कुत्ता पालतू है, तो उसके मालिक को मेडिकल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि कोई कुत्ता दूसरी बार किसी व्यक्ति को काटता है, तो उसके लिए नियम और भी सख्त हैं। ऐसे कुत्ते को आजीवन एबीसी सेंटर में रखा जाएगा। उसे तब तक नहीं छोड़ा जाएगा, जब तक कोई व्यक्ति या संस्था उसे गोद न ले। इस प्रावधान को "आजीवन कारावास" के रूप में देखा जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य जन सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।
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