देवरिया में टीजीटी परीक्षा शुरू, 8064 अभ्यर्थी शामिल:11 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा, बायोमेट्रिक जांच के बाद मिला प्रवेश
देवरिया में सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी (टीजीटी) की परीक्षा शनिवार को कड़ी सुरक्षा और सख्त प्रशासनिक निगरानी के बीच शुरू हुई। यह परीक्षा जिले के 11 निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जिसमें कुल 8064 अभ्यर्थी शामिल होंगे। नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए प्रत्येक केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अव्यवस्था को रोकने के लिए 177 पुलिस कर्मियों को विभिन्न केंद्रों पर तैनात किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 9 बजे से 11 बजे तक हुई, जिसमें सामान्य अध्ययन और सामाजिक विज्ञान विषय के 4608 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन और जीव विज्ञान विषय के 3456 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को समय से पहले पहुंचने के निर्देश दिए गए थे ताकि वे जांच प्रक्रिया पूरी कर निर्धारित समय पर परीक्षा कक्ष में प्रवेश कर सकें। घने कोहरे में केंद्रों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण शनिवार सुबह देवरिया जिले में घना कोहरा छाया रहा। कम विजिबिलिटी के कारण अभ्यर्थियों को केंद्रों तक पहुंचने में परेशानी हुई। कई अभ्यर्थी समय से पहले घरों से निकल पड़े थे, लेकिन इसके बावजूद कुछ अभ्यर्थियों को सड़कों पर दौड़ते हुए देखा गया। कोहरे के कारण वाहन धीमी गति से चल रहे थे और यातायात प्रभावित हुआ, कई अभ्यर्थियों को पैदल ही केंद्रों तक पहुंचना पड़ा।
बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही प्रवेश सुबह 7:30 बजे से जांच प्रक्रिया शुरू हुई, जो 8:30 बजे तक चली। निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। प्रवेश के दौरान आधार कार्ड और प्रवेश पत्र की जांच के बाद बैग, पर्स और अन्य सामान की तलाशी ली गई। सुरक्षा के मद्देनजर अभ्यर्थियों की शारीरिक जांच की गई और कई केंद्रों पर जूते, मोजे आदि उतारकर जांच की गई। इसके बाद सभी अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक सत्यापन से गुजरना पड़ा।
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा के लिए सतत निगरानी सत्यापन सफल होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। जिला प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नकल, अनुचित साधनों और अव्यवस्था पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सभी केंद्रों पर सतर्कता बरती जा रही है।
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