डॉक्टर बोले–मिनरल वॉटर ड्रिप नहीं चढ़ाई, पेट साफ किया:कलेक्टर बोलीं– प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया; नर्स सस्पेंड, CMHO समेत तीन को नोटिस
डिंडौरी जिला अस्पताल में मरीज को सलाइन के बजाय मिनरल वाटर की ड्रिप चढ़ाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडेय, सिविल सर्जन डॉ. मरावी और ड्यूटी डॉक्टर भरत संत को कारण बताओ नोटिस दिया है। 3 अगस्त तक जवाब देना है। वहीं, नर्स भावना चौधरी को निलंबित कर दिया है। कलेक्टर का कहना है कि इलाज के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। मेडिकल एक्सपर्ट्स भी इसे गलत मानते हैं। पहली बार ड्यूटी डॉक्टर मीडिया के सामने आए। उनके मुताबिक मिनरल वॉटर की ड्रिप नहीं चढ़ाई है, बल्कि गैस्ट्रिक लैवेज प्रक्रिया से नाक के जरिए पानी से उसका पेट साफ किया था। इधर, मरीज भी स्वस्थ है, वह अपने घर चला गया है। दैनिक भास्कर ने ड्यूटी डॉक्टर भरत संत, सीएमएचओ डॉ. मनोज पांडेय, कलेक्टर अंजू पवन भदौर और एनएचएम के रिटायर्ड डॉक्टर पंकज से से बात कर मामले को समझने की कोशिश की। पढ़िए रिपोर्ट… डॉक्टर बोले– मरीज की जान बचाना प्राथमिकता ड्यूटी डॉक्टर भरत संत ने बताया कि 22 जुलाई की दोपहर 2:15 बजे में सत्यम यादव (18) पिता कपूर यादव भर्ती हुआ। उसने चूहा मार दवा खाई थी। पेट से जहर निकालने के लिए पहले नॉर्मल सलाइन वाटर से गैस्ट्रिक लवाज करवाया। इसके बाद पेट को और साफ करने के लिए मैंने खुद राॅयल्स ट्यूब के जरिए ल्यूक मिनरल वाॅटर से गैस्ट्रिक लैवेज करवाया। मिनरल वाटर मरीज या उसके परिजन से नहीं, बल्कि स्टाफ से मंगवाई थी। वह हल्का गरम था। मरीज को आईवी ड्रिप यानी नसों में सुई के जरिए ड्रिप नहीं लगाई थी। मरीज को ऑब्जर्वेशन में रखा था। वह स्वस्थ होकर चला गया था। इसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया होगा। इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। नर्स की भी कोई गलती नहीं है। उसने वही किया जो मैने कहा था। हमने पढ़ाई भी की और प्रैक्टिकल भी किया हुआ है। मरीज बोला– मैं स्वस्थ हूं, कोई शिकायत नहीं वार्ड-5 पीपल टोला के रहने वाले सत्यम यादव ने बताया कि मुझे सर्दी खांसी थी। दोपहर करीब 12:30 बजे घर पर गोलियों की पुड़िया रखी थी। उसी के साथ चूहा मार दवा भी रखी थी। करीब डेढ़ घंटे बाद उल्टियां होने लगीं। देखा, तो अहसास हुआ कि धोखे से जहर खा लिया। इसके बाद दोस्तों के साथ अस्पताल पहुंचा। डॉक्टर ने नाक के जरिए पानी दिया है। ड्रिप नहीं लगाई। डॉक्टर ने तो जान बचाई है। अब पूरी तरह स्वस्थ हूं। CMHO बोले– प्रोटोकॉल के तहत किया इलाज सीएमएचओ डॉक्टर मनोज पांडेय ने बताया कि जहर का जो प्रोटोकॉल है, उसके हिसाब से नाक में नली डालकर पेट की सफाई की गई है। पहले नाॅर्मल सलाइन से सफाई के बाद हल्के गर्म पानी से सफाई की गई है। दावा है कि बोतल में भरे पानी का तापमान 25 से 26 डिग्री था। जिस पानी को हम पी सकते हैं, उससे सफाई भी कर सकते हैं। इससे पहले, गुरुवार को सीएमएचओ ने कहा था कि इलाज में गंभीर लापरवाही हुई है। डॉक्टर बोले– यह प्रैक्टिकल में सीखा इंदौर में एमजीएम मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक मेडिसिन में पदस्थ डॉक्टर कामता प्रसाद धुर्वे बताते हैं कि प्रैक्टिकल के दौरान सीनियर्स भी करते थे। हमने भी इस प्रोसेस को पढ़ा और प्रैक्टिकल किया है। डॉक्टर की प्राथमिकता मरीज की जान बचाना रहती है। नोटिस में लिखा– मरीज को खतरा हो सकता था
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सलाइन वाटर उपलब्ध होने के बावजूद बिना वरिष्ठ चिकित्सक से सलाह के बिना मरीज के इलाज में पैक्ड मिनरल वॉटर बोतल का उपयोग किया गया। यह गंभीर त्रुटि है, जिससे मरीज को खतरा हो सकता था। इससे विभाग की छवि धूमिल हुई है। मरीज की सुरक्षा के प्रति सावधानी का अभाव है। इसमें म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन किया गया है। एक्सपर्ट्स बोले- इन्फेक्शन हो सकता है नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के रिटायर्ड डायरेक्टर पंकज शुक्ला कहते हैं कि गैस्ट्रिक लैवेज में पेट के अंदर प्लास्टिक ट्यूब डालनी होती है। स्टमक का जहर निकालकर धोना पड़ता है। ऐसा दो से तीन बार करना होता है। शर्त है कि इसमें नॉर्मल सलाइन की बोतल लेते हैं। इससे सेल्स डैमेज नहीं होतीं। मेडिकेटेड ग्रेड वाली चीज से धाेना चाहिए था। यह र्स्टलाइज होती है। मेडिकल टेस्टेड होती है। वहीं, मिनरल पानी की बोतल से स्टर्लाइज नहीं होता। इससे इन्फेक्शन का खतरा है। नॉर्मल पानी यूज करना गलत है। सरकार को एनएचएम द्वारा बनाया गया स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल (STP) को हर अस्पताल में लागू करना चाहिए। ये खबर भी पढ़ें- सलाइन की जगह चढ़ाई मिनरल वाटर की ड्रिप डिंडौरी जिला अस्पताल में एक मरीज को सलाइन की जगह मिनरल वाटर की ड्रिप लगा दी गई। ऐसा करने वाले डॉक्टर को ड्यूटी नर्स ने टोका भी, लेकिन वह नहीं माना। वार्ड में मौजूद दूसरे लोगों ने इसका वीडियो बना लिया। पढ़ें पूरी खबर…
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