पटना के मॉडर्न श्मशान घाट में मिलेगी खाने-पीने की सुविधा:पूड़ी-जलेबी सहित मिलेगा रसगुल्ला-लौंगलत्ता; उद्घाटन के बाद अब संचालन की तैयारी
पटना के बांस घाट में बने हाई टेक श्मशान घाट का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी समृद्धि यात्रा के समापन के दौरान किया था। यह बिहार का पहला मॉडर्न श्मशान घाट माना जा रहा है। अब इसके संचालन की तैयारी है। शवदाह गृह परिसर में खाने-पीने की व्यवस्था भी की जा रही है। इसके लिए कैंटीन का निर्माण किया गया है। इसमें पूड़ी, जलेबी, सब्जी, वेज थाली, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, लौंगलत्ता, हिंग कचौड़ी, समोसा, चाय और पानी की बोतल सहित कुल 13 प्रमुख खाने की चीज़ उपलब्ध होगी। अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को नाश्ता और भोजन मिलेगा इन सामग्रियों की व्यवस्था बुडको की ओर से की जा रही है। सभी वस्तुएं निर्धारित दर पर उपलब्ध होंगी, ताकि किसी तरह की मनमानी न हो। परिसर में ही अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को नाश्ता और भोजन मिल सकेगा। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रोजेक्ट से इसका निर्माण किया गया है। वहीं, शवदाहगृह की निर्माण एजेंसी बुडको है। इसलिए, इसके मेंटेनेंस और अन्य कामों के लिए एजेंसी को 5 साल की जिम्मेदारी दी गयी है। जबकि, संचालन के लिए ईशा फाउंडेशन से बात चल रही है। धोती-साड़ी सहित 45 तरह के अंत्येष्टि सामग्री मिलेगी मोक्ष द्वार के पास अंत्येष्टि की सामग्री मिलेगी। इसमें कपड़ा, डीप गप्स क्लोथ, लेस गप्स क्लोथ, एकरंगा क्लोथ, राम नाम पट्टी, धोती, घी, चंदन की लकड़ी, देवदार, अगरबत्ती, कपूर, गुलाब जल, पंचमेवा, साड़ी, चूना, माचिस, जौ, हवन सामग्री सहित अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। अंत्येष्टि के दौरान काम आने वाले करीब 45 तरह की सामग्री मिलेगी। इसके लिए कोटेशन मांगे गए हैं, ताकि लोगों को कम कीमत में बेहतर सामान मिल सके। 40-40 किलो का मिलेगा सखुआ और आम की लकड़ी शवदाह गृह परिसर में पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार करने की सुविधा उपलब्ध है। लकड़ी से क्रीमेशन की मदद से शव को जलाया जा सकता है या पूरी तरह केवल लकड़ी की मदद से अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। इसके लिए तय कीमत पर सखुआ की लकड़ी 40 किलो, आम की लकड़ी 40 किलो और प्रति झलसी पौधा उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लोगों को अलग-अलग दुकानों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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