धान खरीद के नाम पर 46.85 लाख की ठगी:करनाल में व्यापारी को दिया धोखा,हनुमानगढ़ की फर्म से सौदा कर इंद्री की फर्म पर आरोप
हरियाणा के करनाल में धान खरीद के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। राजस्थान के हनुमानगढ़ की एक फर्म से इंद्री की फर्म ने धान का सौदा किया, लेकिन तय शर्तों के अनुसार पूरी राशि का भुगतान नहीं किया। करीब 91 लाख रुपए के सौदे में से 46.85 लाख रुपए बकाया रह गए। बार-बार मांग करने के बावजूद रकम नहीं दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दलाल के जरिए हुआ था सौदा
शिकायतकर्ता विजय पाल ने थाना इंद्री में दी शिकायत में बताया कि वह फर्म विजय कुमार प्रभात कुमार, दुकान नंबर 133-ए, नई धानमंडी, टिब्बी रोड, हनुमानगढ़ टाउन में पार्टनर है। 7 नवंबर 2025 को दलाल राजकुमार उसकी फर्म पर आया और खुद को धान की फसल का सौदा करवाने वाला बताया। उसने इंद्री की फर्म श्री शिवाय एग्रो फूड के साथ सौदा करवाने का प्रस्ताव दिया। अगले दिन मालिक को साथ लाकर कराया एग्रीमेंट
8 नवंबर 2025 को राजकुमार अपने साथ फर्म श्री शिवाय एग्रो फूड के मालिक विपिन गर्ग को लेकर आया। दोनों पक्षों के बीच धान खरीद का सौदा तय हुआ। इसमें शर्त रखी गई कि हर बिल के बाद अगला बिल देने से पहले पिछली रकम का भुगतान किया जाएगा। 11 से 15 नवंबर के बीच बेचा गया 91 लाख से ज्यादा का धान
शिकायत के अनुसार 11 नवंबर से 15 नवंबर 2025 तक अलग-अलग बिलों के जरिए 91,23,387 रुपए का धान बेचा गया। विपिन गर्ग ने कुछ भुगतान किया, जिसमें 13 नवंबर 2025 को 8.50 लाख रुपए आरटीजीएस से, 15 नवंबर को 6.90 लाख रुपए एटीएम और 10 लाख रुपए आरटीजीएस से, 16 नवंबर को 5.98 लाख रुपए, 19 नवंबर को 4 लाख 99 हजार 500 रुपए, 23 नवंबर को 4 लाख रुपए, 25 नवंबर को विजय पाल के एचडीएफसी खाते में 2 लाख और प्रभात के खाते में 2 लाख रुपए जमा करवाए। कुल मिलाकर 44 लाख 37 हजार 500 रुपए दिए गए। 46.85 लाख रुपए बकाया, टालमटोल करता रहा आरोपी
शिकायत में बताया गया कि 46 लाख 85 हजार 887 रुपए बकाया रह गए। रकम लेने के लिए विजय पाल कई बार करनाल स्थित फर्म के पते पर गया, लेकिन विपिन गर्ग नहीं मिला। वहां मुनीम राजबीर शर्मा मिलता था, जो फोन पर बात करवाता था, लेकिन हर बार भुगतान को लेकर टालमटोल किया जाता रहा। 15 दिसंबर को साफ कहा- ठगी करनी थी
विजय पाल के अनुसार 15 दिसंबर 2025 को आखिरी बार बात हुई, जिसमें आरोपी पक्ष ने साफ कह दिया कि उन्होंने ठगी करने के इरादे से ही माल खरीदा था और पैसे नहीं देंगे। इसके बाद सभी मोबाइल नंबर बंद कर लिए गए। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच सौंपी
प्रार्थी ने बीती 23 मार्च को लिखित शिकायत दी। थाना इंद्री में एमएचसी संदीप कुमार के समक्ष यह परिवाद दर्ज हुआ। जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला पाया गया। 9 अप्रैल को थाना इंद्री में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने फर्म श्री शिवाय एग्रो फूड, गढ़ी साधान के मालिक विपिन गर्ग और मुनीम राजबीर शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच एएसआई धर्मेंद्र कुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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