पत्रकारिता को चौथे स्तंभ की मान्यता के लिये लाएं लोकसभा मे प्रस्ताव -- शलभ भदौरिया जिला मुख्यालय मे हम बनाएगें पत्रकार भवन -- दिलीप जायसवाल सोशल मीडिया और एआई का प्रयोग कल्याणकारी पत्रकारिता के लिये हो -- हर्षल पंचोली सोशल मीडिया के उपयोग मे नियमों का ध्यान रखना जरुरी -- विक्रांत मुराब
पत्रकारिता को चौथे स्तंभ की मान्यता के लिये लाएं लोकसभा मे प्रस्ताव -- शलभ भदौरिया जिला मुख्यालय मे हम बनाएगें पत्रकार भवन -- दिलीप जायसवाल सोशल मीडिया और एआई का प्रयोग कल्याणकारी पत्रकारिता के लिये हो -- हर्षल पंचोली सोशल मीडिया के उपयोग मे नियमों का ध्यान रखना जरुरी -- विक्रांत मुराब अनूपपुर / सोशल मीडिया और वर्तमान पत्रकारिता जैसे सारगर्भित विषय को लेकर अनूपपु्र जिला मुख्यालय स्थित धनश्री पैलेस मे गुरुवार 16 जुलाई को आयोजित मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला सम्मेलन मे जिले भर से आए लोगो के बीच विद्वान वक्ताओं ने सारगर्भित विचार रखे। जिला सम्मेलन मे पत्रकारों को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने अपने सारगर्भित उद्बोधन मे कहा कि भले ही मीडिया को संविधान मे चौथे स्तंभ का दर्जा प्राप्त ना हो लेकिन समाज मे आज भी उसे विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका की तरह चौथे स्तम्भ की स्वीकार्यता है। उन्होने कहा कि सोशल मीडिया और वर्तमान पत्रकारिता अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। प्रिंट मीडिया के बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अब सोशल मीडिया पत्रकारिता का एक और बढता हुआ कदम है। सोशल मीडिया का उपयोग सही , सत्य और तथ्यात्मक पत्रकारिता मे होना चाहिए । उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के प्रत्येक बदलाव के बाद भी प्रिंट मीडिया का महत्व आज भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारे पत्रकार भाई प्रतिदिन कडी मेहनत करके खोजपरक खबरे निकालते हैं । उन्होंने कलेक्टर हर्षल पंचोली से कहा कि यह प्रयास हो कि जिला मुख्यालय मे एक पत्रकार भवन बनाया जाए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि शलभ भदौरिया ने कार्यक्रम की शुरुआत दो लाइनों से करते हुए कहा कि -- खामोशी तुम्हें जीने नहीं देगी, सच के लिए कोहराम मचा दो। जिसका सभी ने तालियों के साथ स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पहले तीन प्रकार की पत्रकारिता होती रही है । आज के दौर मे तीसरे पायदान पर जनोंमुखी पत्रकारिता है। आज के दौर में जनोंनुखी पत्रकारिता की जरूरत है। उन्होंने कहा की परिवार का मुखिया होने के नाते मेरा यह दायित्व है कि मैं झूठी तारीफ न कर आप सबको आपकी कमियां बताकर उन्हें दूर करूं।श्री भदौरिया ने कहा कि आज कल सरकार नारद जयंती मनाने लगी है , तो नारद भी तो हम पत्रकारों के कुनबे के ही पत्रकार हैं।ववे देव ऋषि थे , फिर भी राक्षसों के बीच सम्मान पाते थे।उन्होंने कहा कि यदि नेता लोग हमें वास्तव में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानते हैं तो लोकसभा में प्रस्ताव पारित करें। पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने पत्रकारिता की मर्यादा और जिम्मेदारी पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों में अनुशासन होना सबसे जरूरी है। श्री भदौरिया ने कहा पत्रकार सरस्वती पुत्र हैं इसलिए उन्हें किसी की चरण वंदना से बचना चाहिए। पत्रकार का काम सच दिखाना है, चापलूसी करना नहीं। उहोंने अपने उद्बोधन में पौराणिक उद्धरण का जिक्र करते हुए कहा कि सूर्पनखा की एक गलत रिपोर्टिंग का परिणाम यह हुआ कि धरती से राक्षस संस्कृति खत्म हो गई। यानी एक गलत खबर पूरे समाज को प्रभावित कर सकती है। वहीं नारद जी का उदाहरण देते हुए कहा कि नारद देवताओं के हितैषी थे, फिर भी वे राक्षसों के बीच सम्मान पाते थे। इसका सीधा मतलब है कि पत्रकार को सच और निर्भीक रहना चाहिए।पक्ष या विपक्ष में नहीं बल्कि सच के साथ खड़ा होना चाहिए। शलभ भदौरिया ने कहा कि समाज के प्रति पत्रकारों की बड़ी जिम्मेदारी होती है।आज के दौर में पत्रकारिता पर कई सवाल उठ रहे हैं,ऐसे में अनुशासन और मर्यादा ही पत्रकार की असली ताकत है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने पत्रकारों को आईना दिखलाते हुए कहा कि पत्रकारों को बिना भेदभाव और दलगत भावना से ऊपर उठकर समाज हित में काम करने की जरूरत है। पहले लोग पत्रकारों को सम्मान से अपने पास बिठाते थे और पारिवारिक चर्चाएं भी करते थे। पत्रकार को समाज का मार्गदर्शक माना जाता था। आज हालत यह है कि पत्रकार कहीं पहुंच जाए तो लोग विषय बदल देते हैं या बात टाल देते हैं। इसका कारण हमारा आचरण है।हमें अपने आचरण से पुराना सम्मान लौटाने की जरूरत है। शलभ भदौरिया ने कहा कि पत्रकारों को बलात्कार जैसी घटनाओं के प्रकाशन से परहेज करने की जरूरत है। पत्रकार का काम समाज को दिशा देना है,सनसनी फैलाना नहीं। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर गर्व है कि देश में आज भी देशद्रोह के आरोप में एक भी पत्रकार जेल में नहीं है।इसका मतलब है कि पत्रकार मूल रूप से राष्ट्रभक्त होता है।बस दिशा भटकने से बचाना है। उन्होंने संगठन की ताकत पर जोर देते हुए कहा कि संगठन में शक्ति होती है। हमारे आपके बीच में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं पर मनभेद नहीं होना चाहिए। एक पत्रकार पर हमला पूरे समाज पर हमला है।इसलिए जब भी किसी साथी पर संकट आए तो पूरा संगठन एक होकर खड़ा हो। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने पत्रकारों को शानदार आयोजन के लिये बधाई देते हुए कहा कि पत्रकारिता मे बदलाव एक सतत प्रक्रिया है। पहले प्रिंट मीडिया, फिर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अब सोशल मीडिया की चर्चा हम कर रहे हैं। आने वाले वर्षों मे हम एआई मीडिया और इससे आगे की चर्चा करेगें । एआई पत्रकारिता के लिये बडी चुनौती है। इसकी अचछाईयों को हमे अपना कर पत्रकारिता को और अधिक भरोसेमन्द बनाना होगा। यह मीडिया, प्रशासन ,पुलिस मे समन्वय का बेहतर माध्यम बन सकता है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने सोशल मीडिया और पत्रकारिता के कानूनी पक्ष पर अपने सारगर्भित, तथ्यपरक जानकारी शेयर करते हुए कहा कि खबरों और सूचनाओं को सबसे तेज, सबसे पहले शेयर करने की होड मे उसकी विश्वसनीयता और साख को बनाए रखना बडी चुनौती है । यद्यपि मैने यह पाया है कि सोशल मीडिया मे मैटर शेयर करते हुए पत्रकार सावधानी बरतते हैं । इसके नियमों के उल्लंघन के दूसरे परिणाम और मानहानि जैसी बातें हो सकती है। इससे पूर्व मंच को रामलाल रौतेल, राजेन्द्र तिवारी, मनोज अग्रवाल, प्रीति रमेश सिंह, हीरासिंह श्याम, मनोज द्विवेदी, मो अली, धनंजय तिवारी, सुनील चौरसिया, रमेश तिवारी, मेंहदी हसन ,बाबा पाठक, अरविन्द बियाणी, अजीत मिश्रा , राजेश पयासी, गुड्डू सिंह चौहान, नर्मदा सिंह, अनुपम सिंह सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। मंच का संचालन अंजनी सिंह ने और आभार आकाश नामदेव ने किया। इससे पहले सभी मंचासीन अतिथियों , पत्रकारों, गणमान्य लोगों का सम्मान किया गया। संकल्प महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत् गीत से अतिथियों का स्वागत् किया । कार्यक्रम मे वरिष्ठ पत्रकार अरविन्द बियाणी, धनंजय तिवारी ,रमेश तिवारी का अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम का स्वादपूर्ण समापन सहभोज के साथ किया गया।
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