संविदाकर्मी ने जेई पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया:बकाया वसूली के दबाव का मामला, जेई ने आरोपों को निराधार बताया, जांच शुरू
लखीमपुर खीरी के विद्युत उपकेंद्र मितौली में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) दिवाकर पर एक संविदाकर्मी शुभम ने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। शुभम का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह जेई के व्यवहार से परेशान होने की बात कह रहा है। शुभम का लखनऊ के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वीडियो में शुभम ने आरोप लगाया है कि जेई दिवाकर उस पर लगातार बकाया बिजली बिल की वसूली का दबाव बनाते थे। शुभम के अनुसार, जेई ने उससे कहा था कि "तीन बिल लाए हो, न खंभे पर चढ़ पाओगे, न वसूली कर पाओगे, करोगे क्या?" संविदाकर्मी का कहना है कि उन्हें चिलचिलाती धूप में घर-घर जाकर उपभोक्ताओं से बकाया बिल वसूलना पड़ता है। शुभम ने यह भी आरोप लगाया कि बकाया वसूली कर लौटने के बाद जेई ने उसे सबके सामने फटकारा, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया और उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शुभम का दावा है कि उसके पास जेई द्वारा प्रताड़ित किए जाने से जुड़े सभी साक्ष्य मौजूद हैं। दूसरी ओर, जेई दिवाकर ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि बकाया वसूली को लेकर कार्यालय में सामान्य बातचीत हो रही थी और उस समय अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे। इसी दौरान शुभम की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद वह स्वयं अन्य कर्मचारियों के साथ उसे अस्पताल लेकर गए। जेई दिवाकर ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों ने शुभम का बीपी और पल्स रेट सामान्य बताया था। शुभम के अनुरोध पर उसे लखीमपुर में डॉ. स्पर्श भल्ला को भी दिखाया गया, जहां शुरुआती जांच रिपोर्ट भी सामान्य आई। इसके बाद क्या हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। मामले पर अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने बताया कि संविदाकर्मी की तबीयत अब ठीक है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की शनिवार को जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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