रायगढ़ के गेंदा फूल की प्रदेशभर में डिमांड:1500 पौधों से शुरुआत, अब 1 लाख गेंदा पौधे लगा रहा किसान;पिछले साल 36 लाख की आय
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दीपावली पर गेंदा फूल की मांग काफी बढ़ जाती है। शहर की कई सड़कों पर गेंदा के पौधों की बिक्री होती है। यह पौधे मुख्यतः लैलूंगा ब्लॉक के कोड़केला गांव से आते हैं, जहां के किसान विद्याधर पटेल गेंदा की खेती कर सालाना लाखों रुपए की आय अर्जित कर रहे हैं। कोड़केला निवासी किसान विद्याधर पटेल पहले सब्जी की खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। एक दिन उन्होंने पुष्प प्रदर्शनी में विभिन्न पौधों को देखा और यहीं से उनके मन में फूलों की खेती का विचार आया। इसके बाद उन्होंने गेंदा फूल की दो अलग-अलग किस्मों की खेती शुरू की। विद्याधर पटेल बताते हैं कि उन्होंने इस साल 5 एकड़ में गेंदा की खेती की है। साल 2008 में जब उन्होंने पहली बार गेंदा फूल की जानकारी ली, तब 1,500 पौधों से शुरुआत की थी। शुरुआत में ही अच्छा फायदा मिलने पर उन्होंने इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का निश्चय किया। पिछले साल उन्होंने करीब 1,30,000 गेंदा पौधे लगाए थे, जिससे उन्हें लगभग 36 लाख रुपए की आय हुई थी। इस साल वे 1 लाख हाईब्रिड गेंदा पौधे लगा चुके हैं, जिन्हें बाजार में बेचा जा रहा है। थोक में एक पौधे की कीमत 30-35 रुपए है, जबकि बाजार में यह 40-50 रुपए तक बिकता है। पौधा 65-70 दिन में तैयार होता है
किसान विद्याधर पटेल ने बताया कि हाईब्रिड गेंदा का बीज बेंगलुरु से लाजा जाता है। बीजों को सबसे पहले नर्सरी बेड में खाद डालकर बोया जाता है। 15-18 दिनों में यह पौधा प्लास्टिक बैग में लगाने लायक हो जाता है और करीब 65-70 दिनों में पूरी तरह तैयार हो जाता है। रायगढ़ समेत दूसरे जिलों में जा रहा पौधा
किसान ने बताया कि नवरात्रि और दीपावली के समय गेंदा की बिक्री ज्यादा मात्रा में होती है। इस दौरान वे रायगढ़ के अलावा सारंगढ़, बरमकेला, जशपुर, कुनकुरी, सक्ती, ओडिशा के राउलकेला, झारसुगुड़ा, संबलपुर, सुंदरगढ़ समेत अन्य जिले और शहरों में बिक्री करते हैं। गांव के कई लोगों को मिला रोजगार विद्याधर पटेल की 5 एकड़ में की जा रही खेती में उनके परिवार के सदस्य सहयोग करते हैं, साथ ही गांव के अन्य लोगों को भी इससे रोजगार मिलता है। इससे न केवल विद्याधर के परिवार की आय होती है, बल्कि गांव के कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। मनाया जाता है गेंदा महोत्सव विद्याधर पटेल को कृषि अनुसंधान के कृषि वैज्ञानिक डॉ. केडी. महंत से मार्गदर्शन भी मिलता है। उन्होंने बताया कि उन्हें बेंगलुरु स्थित IIHR (Indian Institute of Horticultural Research) में गेंदा की खेती को लेकर सम्मानित भी किया गया था। पिछले साल से उन्होंने "गेंदा महोत्सव" की शुरुआत की है, जिसमें आसपास के गांवों से किसान शामिल होते हैं और गेंदा की खेती के लिए प्रेरित होते हैं। ............................... यह खबर भी पढ़ें... रायगढ़ में सिकंदर-टेनिस बाॅल गेंदा की डिमांड बढ़ी: दीपावली के लिए लैलूंगा से आए फूल, 10 एकड़ में फसल; जमकर हुई बिक्री छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में दिवाली में इस बार सिकंदर और टेनिस बाॅल की मांग ज्यादा रही। यह गेंदा फूल के किस्म का नाम है। जिसमें ऑरेज रंग का गेंदे को सिकंदर और पीले रंग के गेंदे को टेनिस बाॅल गेंदा के नाम से जाना जाता है। पढ़ें पूरी खबर...
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