पूर्व सांसद के गांव में 40 परिवार आवास से वंचित:अशोकनगर में ट्रैक्टर-ट्रॉली से जिपं पहुंची महिलाएं; चेतावनी- कार्रवाई नहीं हुई तो देंगे धरना

Apr 26, 2025 - 09:29
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पूर्व सांसद के गांव में 40 परिवार आवास से वंचित:अशोकनगर में ट्रैक्टर-ट्रॉली से जिपं पहुंची महिलाएं; चेतावनी- कार्रवाई नहीं हुई तो देंगे धरना
अशोकनगर के पूर्व सांसद डॉ. केपी यादव के गांव रुसल्ला की हरिजन बस्ती आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक पक्के मकानों का सपना देख रहे दर्जनों गरीब परिवारों को राहत नहीं मिली है। शुक्रवार की शाम बस्ती की दो दर्जन से ज्यादा महिलाएं ट्रैक्टर-ट्रॉली से जिला पंचायत कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक धरना प्रदर्शन करेंगी। 50 में से 40 परिवार अब भी कच्चे घरों में रहने को मजबूर महिलाओं ने बताया कि गांव की हरिजन बस्ती में करीब 50 घर हैं, जिनमें से लगभग 40 परिवार आज भी कच्चे और जर्जर मकानों में जिंदगी गुजार रहे हैं। मजदूरी करके गुजर-बसर करने वाले इन परिवारों को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। सांसद का गांव, फिर भी हाल बेहाल ग्रामीण महिला गीताबाई ने बताया कि यह वही गांव है जहां से डॉ. केपी यादव सांसद रहे हैं, बावजूद इसके यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। न तो पक्के मकान हैं और न ही साफ पानी की व्यवस्था। पूरे मोहल्ले के लिए केवल एक हैंडपंप है। महिलाओं ने कहा कि बस्ती तक पहुंचने वाली सड़क भी कच्ची है। बारिश के मौसम में कीचड़ और पानी भर जाने के कारण घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। अशोकनगर के पूर्व सांसद डॉ. केपी यादव के गांव रुसल्ला की हरिजन बस्ती में रहने वाले परिवार पक्के मकान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ अभी तक इन परिवारों को नहीं मिला है। इस गांव में अहिरवार व अन्य पिछड़ी जातियों के लोग रहते हैं। शुक्रवार की शाम बस्ती की दो दर्जन से अधिक महिलाएं ट्रैक्टर ट्राली से जिला पंचायत कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। महिलाओं ने बताया कि बस्ती में करीब 50 परिवार कच्चे और जर्जर घरों में रहने को मजबूर हैं। ये सभी गरीब और मजदूरी करने वाले लोग हैं। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद भी केवल आश्वासन मिला है। महिलाओं का कहना है कि गांव से सांसद रहने के बावजूद उन्हें इस तरह परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीण महिला गीताबाई के अनुसार, गांव में लगभग 50 घरों की बस्ती है। इनमें से करीब 40 परिवारों को आवास नहीं मिले हैं। पूरी बस्ती में केवल एक हैंडपंप है। पानी की समस्या के साथ-साथ कच्ची सड़क की भी समस्या है। बारिश के मौसम में घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है।

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