बीयू में नैक मूल्यांकन शुरू, 10 विभागों का दौरा:छात्रों को टीम से मिलने से रोका, NSUI ने कहा- कल फिर करेंगे प्रयास
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU) में बुधवार से नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) का तीन दिवसीय निरीक्षण शुरू हुआ। 7 सदस्यीय टीम विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, रिसर्च, इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्लेसमेंट व्यवस्थाओं का मूल्यांकन कर रही है। इनमें से 5 सदस्य वर्चुअली इस निरीक्षण से जुड़े हैं। पहले दिन विश्वविद्यालय ने टीम के सामने 27 प्रेजेंटेशन दी। जिसमें से एक कुलगुरु और अन्य 26 विभागों के एचओडी द्वारा प्रेजेंट की गईं। लेकिन, इसी दौरान NSUI ने छात्रों को टीम से मिलने से रोकने पर विरोध दर्ज किया। साथ ही कहा कि कल वे फिर टीम से मिलने का प्रयास करेंगे। BU का तैयारियों पर भरोसा
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस बार A++ ग्रेड पाने की उम्मीद है। बुधवार सुबह नैक टीम ने IQAC सेल का निरीक्षण किया और इसके बाद कुलगुरु कार्यालय में ओवरऑल प्रेजेंटेशन देखा। प्रेजेंटेशन में पिछले मूल्यांकन (2023) में आई कमियों और उनके समाधान के लिए उठाए गए कदमों को विस्तार से बताया गया। नैक टीम ने विश्वविद्यालय के 26 विभागों की अलग-अलग प्रेजेंटेशन देखी और मैनेजमेंट, फिजिक्स, योगा, फार्मेसी सहित 10 प्रमुख विभागों का दौरा किया। टीम ने इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च परियोजनाओं, लाइब्रेरी और छात्रावास की सुविधाओं का भी अवलोकन किया। NSUI- 26 जुलाई को विश्वविद्यालय बंद करेंगे
नैक मूल्यांकन के पहले दिन NSUI ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने छात्रों और संगठन के प्रतिनिधियों को नैक टीम से मिलने से रोक दिया। यह विवाद नैक मूल्यांकन में संस्थान की ग्रेडिंग पर असर डाल सकता है। जिसे लेकर बीयू प्रशासन सतर्क है। वे लगातार छात्रों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रबंधन के अनुसार, पूर्व छात्रों के एक ग्रुप का पहले ही चयन किया जा चुका है। जो टीम से मिलेंगे, नैक निरीक्षण एक तय प्रक्रिया के तहत होता है। वहीं, NSUI जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा, हम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं और A+ ग्रेड के पक्ष में हैं, लेकिन हमें नैक टीम से संवाद का मौका नहीं दिया गया। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया, प्रशासन असलियत छुपाकर टीम को गुमराह कर रहा है। यदि छात्रों की आवाज नहीं सुनी गई, तो 26 जुलाई को विश्वविद्यालय बंद करेंगे। NSUI नेताओं ने आरोप लगाया कि पुस्तकालय, कैंटीन और छात्रावास जैसी बुनियादी सुविधाएं बदहाल हैं। आशीष शर्मा (गैर तकनीकी विंग अध्यक्ष) ने कहा, BUIT और फार्मेसी विभागों में AICTE और PCI मानक पूरे नहीं हो रहे। अतिथि शिक्षकों पर ही पढ़ाई निर्भर है। NSUI की प्रमुख मांगें नैक मूल्यांकन का महत्व
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