दो दिन में 187.1 एमएम बारिश-आज भी बारिश की संभावना:पिछले 10 साल में सबसे कम तापमान इस जुलाई में रहा, 4 से 6 जुलाई तक हैवी रेन का अलर्ट
आगरा में इस बार झमाझम बारिश हो रही है। सूरज की तपिश को बादलों ने ठंडा कर दिया है। जून ही नहीं, जुलाई में भी काफी बारिश हो रही है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जुलाई के शुरुआती दो दिनों में ही सामान्य से लगभग तीन गुना बारिश हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 और 2 जुलाई को 187.1 एमएम बारिश हुई। जबकि इन दो दिनों का सामान्य औसत 64.5 एमएम है। 2 जुलाई को 9.7 एमएम बारिश हुई। तापमान में गिरावट लगातार हो रही बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। रिकार्ड देखें तो इस 2 जुलाई को पिछले 10 सालों में इस डेट में सबसे कम तापमान रहा है। वर्ष 2016 से 2025 के बीच 2 जुलाई सबसे अधिक तापमान 2021 में रहा। रिकार्ड के अनुसार-2 जुलाई 2021 को अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस था। जबकि इस समयावधि में 2 जुलाई को सबसे कम तापमान इस साल यानि 2 जुलाई 2025 को रहा। इस डेट को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा है। देखें पिछले 10 साल में 2 जुलाई को तापमान की स्थिति तापमान में उतार-चढ़ाव जारी पिछले 5 दिनों में सबसे कम तापमान 30 जून रहा। इस डेट को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा था। हालांकि 28 जून से 2 जुलाई के बीच तापमान का उतार-चढ़ाव जारी रहा। पिछले 5 दिनों में तापमान की स्थिति पूर्वानुमान: 8 जुलाई तक आंधी-बारिश माैसम के अनुसार, 8 जुलाई तक आंधी और बारिश की संभावना है। 4 से 6 जुलाई के बीच हैवी रेन का अलर्ट है। जबकि बाकी दिनों में बारिश की उम्मीद है। इस बीच बादल छाये रहेंगे। तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। देखें क्या रह सकती है तापमान की स्थिति जून में भी हुई झमाझम बारिश इस बार आगरा में झमाझम बारिश हुई है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जून में सामान्य से 3 गुना अधिक बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 30 जून के बीच आगरा में 177.5 MM बारिश हुई। जबकि जून का औसत 60.9 MM है। बारिश अधिक होने से मौसम तो सामान्य रहा लेकिन लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। यहां हुआ जलभराव
अधिक बारिश होने की वजह से शहरवासियों को जलभराव की समस्या का भी सामना करना पड़ा। खेरिया मोड, ग्वालियर रोड, मधु नगर, अलबतिया रोड, सुभाष नगर, हाथरस रोड, ट्रांसयमुना कॉलोनी, हाईवे, मारुति एस्टेट रोड आदि जगहों पर काफी जलभराव रहा। जून में इतनी तेज बारिश हुई कि शिवाजी मार्केट और राजामंडी बाजार की दुकानों तक में पानी भर गया। दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रामबाग चौराहा पर इतना जलभराव हो गया था कि सड़क किनारे खड़ी ठेलों के आधे पहिये डूब गए।
नाला सफाई अभियान की खुली पोल
जून में मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के नाला सफाई अभियान की पोल खोल दी। नगर निगम सीमा में 410 छोटे-बड़े नाले हैं। नगर निगम का दावा था कि उसने इन सभी नालों को साफ कर दिया है। लेकिन बारिश ने उनके इस दावे की पोल खोल दी। शहर का शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र बचा होगा, जहां जलभराव न हुआ हो।
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