नीट यूजी-2025 में इंदौर के उत्कर्ष की AIR-2:कहा- मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी; पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रहा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शनिवार को नीट यूजी (NEET UG 2025) परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। इंदौर के उत्कर्ष अवधिया की 99.9 पर्सेंटाइल के साथ ऑल इंडिया सेकेंड रैंक आई है। वे दिन में 10-12 घंटे पढ़ाई करते थे और नियमित मॉक टेस्ट व टाइम मैनेजमेंट का खास ध्यान रखते थे। उनके परिवार और शिक्षकों ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टॉपर उत्कर्ष की मां आशिया अवधिया ने बताया कि उत्कर्ष के दादा का सपना था कि उनका बेटा डॉक्टर बने। उनका ये सपना अब पोता पूरा कर रहा है। नीट 2025 में ऑल इंडिया सेकेंड रैंक हासिल करने वाले उत्कर्ष अवधिया ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा कि, मैं क्लास में फोकस्ड रहता था। जो भी टीचर्स पढ़ाते थे, उसने ध्यान से सुनता है। क्लास में ही 60% तक कोर्स पूरा हो जाता था। घर जाकर क्वेश्चंस की प्रैक्टिस करता था। सिलसिलेवार पढ़िए ऑल इंडिया सेकेंड रैंक लाने उत्कर्ष अवधिया से बातचीत सवाल: आपको कब पता चला कि आपकी दूसरी रैंक आई है? जवाब: मैं दोपहर करीब 1 बजे सो रहा था। तभी मम्मी ने जगाकर बताया कि मेरी दूसरी रैंक आई है। पहले तो मुझे यकीन नहीं हुआ, लेकिन बाद में कन्फर्म हुआ। मुझे लगा था कि मेरी रैंक 20 से 25 के बीच आएगी, लेकिन सेकेंड रैंक देखकर बहुत खुशी हुई। सवाल: आपने तैयारी कब और कैसे शुरू की? जवाब: मैंने नीट की तैयारी 11वीं क्लास से शुरू की थी, लेकिन 10वीं से ही कोचिंग ज्वाइन कर ली थी। शुरुआत से ही रोज़ 2-3 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। अगर कोचिंग और सेल्फ स्टडी को मिलाकर देखा जाए तो रोज़ाना करीब 10 घंटे पढ़ाई की। सवाल: पढ़ाई के दौरान किन बातों का खास ध्यान रखा? जवाब: मैं क्लास में सबसे ज़्यादा ध्यान देता था। मेरी लगभग 60% पढ़ाई क्लास में ही हो जाती थी। घर जाकर क्वेश्चन पेपर्स हल करता था। सबसे बड़ा चैलेंज मुझे बायोलॉजी में लगा, क्योंकि यह एनसीईआरटी बेस्ड होती है। इसलिए हर चीज बहुत ध्यान से याद करनी पड़ती थी। सवाल: अब आपका अगला टारगेट क्या है? जवाब: अब मेरी पहली प्राथमिकता एम्स दिल्ली है। अभी मेरा इरादा मेडिसिन लेने का है, लेकिन समय के साथ और भी विकल्पों पर विचार करूंगा। सवाल: पढ़ाई के दौरान आपने फोन और सोशल मीडिया में कितना समय दिया? दूसरे बच्चों को क्या मैसेज देना चाहेंगे? जवाब: मैं सोशल मीडिया हफ्ते में सिर्फ एक बार खोलता था। शुरू से कीपैड फोन इस्तेमाल किया। पढ़ाई के लिए टैबलेट यूज करता था, लेकिन वो भी सिर्फ रविवार को। दूसरों को यही कहना चाहूंगा कि जो करना है, आज ही करें। हर काम उसी दिन करें जिस दिन का है और नीट के क्वेश्चन अच्छे से प्रैक्टिस करें। इंदौर में 49 केंद्रों पर 27 हजार स्टूडेंट ने दी थी परीक्षा इंदौर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 27 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश और करीब 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने पूरे शहर की बिजली व्यवस्था ठप कर दी। इसके चलते करीब 11 सेंटरों की बिजली चली गई और परीक्षा केंद्रों में अंधेरा छा गया। इस संबंध में इंदौर हाई कोर्ट में 60 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने दोबारा परीक्षा कराने के लिए याचिका दायर की थी। यह मामला अभी इंदौर हाईकोर्ट में विचाराधीन है। प्रदेश में कुल MBBS की 4938 सीटें मध्यप्रदेश में MBBS की कुल सीटों की संख्या है। इनमें से 17 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2488 सीटें और 13 निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 2450 सीटें हैं। काउंसलिंग में एमबीबीएस के साथ बीडीएस में भी दाखिला दिया जाएगा। प्रदेश में 13 निजी डेंटल कॉलेज हैं जिसमें कुल बीडीएस की कुल 1220 सीटें हैं। कोर्ट ने क्यों रोका 75 स्टूडेंट का रिजल्ट 4 मई को हुए एक्जाम के दौरान इंदौर में 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जहां लगभग 27 हजार छात्रों ने परीक्षा दी। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया। तेज बारिश और करीब 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी ने पूरे शहर की बिजली व्यवस्था ठप कर दी। इसके चलते करीब 11 सेंटरों की बिजली चली गई और परीक्षा केंद्रों में अंधेरा छा गया। 600 छात्रों की परीक्षा सीधे तौर पर प्रभावित हुई। यह पहला मौका था जब NTA ने शहर के सरकारी स्कूलों में परीक्षा केंद्र बनाए थे। यहां पावर बैकअप का कोई इंतजाम नहीं था। बिजली गुल होने की वजह से कई छात्रों को मोमबत्ती और मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पेपर देना पड़ा। घना अंधेरा होने के कारण बहुत से छात्र प्रश्नपत्र तक ठीक से पढ़ नहीं पाए। परीक्षा के बाद कई छात्र रोते हुए बाहर निकले। प्रभावित अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्होंने पूरी मेहनत से तैयारी की थी, लेकिन खराब व्यवस्था ने उनका भविष्य संकट में डाल दिया। इसके खिलाफ 75 स्टूडेंट ने इंदौर हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बाकी स्टूडेंट्स का रिजल्ट जारी करने के आदेश दे दिए हैं। नीट यूजी एग्जाम के बाद हाईकोर्ट में ऐसे चली सुनवाई इंदौर हाई कोर्ट में 15 मई को पहली सुनवाई हुई। इसमें 15 से ज्यादा याचिकाएं शामिल थीं। तब कोर्ट ने रिजल्ट पर रोक लगा दी थी। 19 मई को NTA की ओर से जवाब पेश किया गया। 22 मई को NTA की ओर से सॉलिसिटर तुषार मेहता वर्चुअली पेश हुए और कहा कि इंदौर से जुड़े 24 सेंटरों के स्टूडेंट्स के मामले में एक कमेटी गठित की जाए। अगली तारीख 26 मई तक याचिकाकर्ताओं की संख्या 60 हो गई। जबकि प्रभावित स्टूडेंट्स की संख्या 2 हजार से ज्यादा हो गई। कोर्ट ने अगली तारीख 29 मई को तय की लेकिन नंबर नहीं आने के कारण सुनवाई टल गई। 5 जून को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें ज्यादा बहस नहीं हो सकी। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख सोमवार 9 जून तय की है। 9 जून को हाईकोर्ट में बहस हुई।
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