मेयर के बिना अनुमति रक्षाबंधन कार्यक्रम में महिलाएं दबी:भाजपा नेता की मामी की मौत, 20 हजार महिलाओं की जुटी थी भीड़, पुलिस को भनक तक नहीं
बरेली में मेयर डॉ. उमेश गौतम के गुरुवार को आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में करीब 20 हजार बहनें राखी बांधने पहुंचीं। भीड़ अधिक होने से अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई और कई महिलाएं गिरकर बेहोश हो गईं। इस दौरान भाजपा पूर्वी मंडल अध्यक्ष राजा तोमर की 36 वर्षीय मामी मधु भी भीड़ में गिरकर दब गईं। उन्हें आनन-फानन में मेयर के मिशन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने अस्पताल और कार्यक्रम आयोजकों पर घोर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। भाजपा मंडल अध्यक्ष राजा तोमर ने लगाए लापरवाही के आरोप
मृतका के भांजे और भाजपा पूर्वी मंडल अध्यक्ष राजा तोमर ने बताया कि वे सुबह परिवार को छोड़कर अपने काम पर चले गए थे। दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे सूचना मिली कि भगदड़ के चलते मामी मधु की तबीयत बेहद गंभीर हो गई है। जब वे अस्पताल पहुंचे तो उन्हें आईसीयू और इमरजेंसी के चक्कर लगवाए गए और कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। तोमर ने आरोप लगाया कि करीब दो से ढाई घंटे तक अस्पताल प्रशासन मामले को टालता रहा और अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। काफी प्रयासों और एक अन्य महिला द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर जब उन्होंने तलाश की, तब जाकर पता चला कि उनकी मामी की मौत हो चुकी है। परिजनों ने व्यवस्था और सूचना तंत्र पर भारी लापरवाही का आरोप लगाया है। महिला प्रत्यक्षदर्शी ने बयां किया दर्दनाक मंजर
भगदड़ में बाल-बाल बची एक बुजुर्ग महिला ने रोते हुए बताया कि सतीपुर चौराहे से करीब 15 लोग पास लेकर कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम के दौरान अचानक मची भगदड़ में भारी अफरा-तफरी मच गई और पीछे की महिलाएं नीचे गिरती चली गईं, जिन्हें भीड़ पैरों तले रौंदती रही। इस दौरान उनकी 36 वर्षीय भाभी मधु भी भीड़ के नीचे दब गईं। लोगों ने किसी तरह उन्हें खींचकर बाहर निकाला, लेकिन तब तक वे गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं। महिला का आरोप है कि अस्पताल लाने के बाद प्रशासन और कर्मियों ने करीब दो घंटे तक उन्हें अपनी भाभी का चेहरा तक नहीं देखने दिया और बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया। कार्यक्रम की नहीं ली गई थी अनुमति, पुलिस को भी नहीं थी जानकारी
इतना बड़ा कार्यक्रम शहर के सबसे प्रमुख बरेली क्लब में आयोजित हुआ था, लेकिन इसके लिए कोई प्रशासनिक अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस को भी इस आयोजन की कोई पूर्व सूचना नहीं थी। जब कार्यक्रम में महिलाएं बेहोश होने लगीं और एंबुलेंस बुलाई गई, तब जाकर पुलिस को भनक लगी। इसके बाद कोतवाली, कैंट, महिला थाना समेत कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
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