शरद जोशी का निधन पत्रकारिता जगत के लिये बडी क्षति संबंध निर्वाह , विचारों और कलम के धनी थे शरद जोशी

Aug 10, 2026 - 13:00
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शरद जोशी का निधन पत्रकारिता जगत के लिये बडी क्षति  संबंध निर्वाह , विचारों और कलम के धनी थे शरद जोशी

( मनोज कुमार द्विवेदी , अनूपपु्र, मप्र ) पिछले 20 जुलाई को शरद जोशी जी से मेरी अंतिम बार बात हुई थी। लंबी बीमारी और लकवा के इलाज से वे स्वस्थ होते लग रहे थे। एक ही समय पहले तीन मिनट और तुरंत बाद लगभग आठ मिनट उनसे उनके स्वास्थ्य, संगठन और प्रदेश के राजनैतिक विषयों को लेकर मेरी चर्चा हुई। तब कहीं से वे बीमार लगे नहीं और मन यह सोच कर आश्वस्त था कि अब जोशी जी लगभग स्वस्थ हो गये हैं। पिछले साल उनके नेतृत्व मे रतलाम मे आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक और सम्मेलन मे उनसे मेरी अंतिम मुलाकात हुई थी। शानदार आयोजन के बावजूद कतिपय कारणों को लेकर वे खिन्न थे। इसके बाद वे कुछ आयोजनों मे मुख्य अतिथि/ अतिथि के रुप मे मंच मे थे। अप्रैल 2026 मे उनके अस्वस्थ होने की सूचना मिली । राघव न्यूरो ट्रामा सेंटर मे डॉ मिलेश नागर से उन्होंने स्वास्थ्य लाभ लिया। तब चिंता जैसी बात नहीं होने के बावजूद उन्हे आराम की बहुत जरूरत थी। इसके कारण वे 1 मई मजदूर दिवस के अवसर पर भोपाल मे आयोजित मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश स्तरीय आयोज‌न मे नहीं आए। 20 जुलाई को उन्होंने जिस तरीके से मुझसे बात की तो ऐसा लगा नहीं कि उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई चिंता का कारण हो सकता है। उन्होंने इतना ही कहा कि डायबिटीज़ की बीमारी सायलेंट किलर है। इसे लेकर कोई लापरवाही कभी नहीं करना चाहिए । मुझे लगता है कि कोविड के बाद हर पांचवे - छठवें व्यक्ति को शुगर की शिकायत है। यह हम - उन सबके लिये अलार्मिंग है। श्री जोशी का पूरा जीवन समाजसेवा, पत्रकारिता, लेखन और मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के विभिन्न दायित्वों के बीच बीता ‌। पिछले ढाई - तीन दशक मे संघ से बहुत से वरिष्ठ पुराने साथियों ने मतभेद, मनभेद या आपसी वैमनस्यता के बाद संगठन छोड दिया और बहुत से अलग पत्रकार संगठनों मे चले गये। लेकिन शरद जी ने तमाम विसंगतियों, मतभेदों के बावजूद शांत भाव से संगठन के लिये लगातार कार्य किया। उनका समर्पण , उनकी निष्ठा और संबंधों के निर्वाह की ताकत , अन्य लोगो के लिये अनुकरणीय है। शरद जोशी का शरीर त्याग मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ और पत्रकार जगत के लिये अपूरणीय क्षति है। संघ के लिये हाल - फिलहाल इसकी भरपाई होती नहीं दिख रही। रतलाम और मालवा क्षेत्र मे शरद जोशी का नाम बहुत सम्मान से लिया जाता रहा है। मेरे लिये शरद जोशी जी का आकस्मिक दुखद निधन व्यक्तिगत क्षति है। ईश्वर से मेरी प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों मे स्थान प्रदान करें तथा जोशी परिवार को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

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मनीष शुक्ला प्रधान सम्पादक