ग्वालियर के प्रधान आरक्षक को ब्लैक-कोबरा ने दो बार डंसा:थाना प्रभारी ने AI से पहचाना जहर का पैटर्न; समय पर एंटी-वेनम मिलने से बची जान

Aug 15, 2026 - 19:34
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ग्वालियर के प्रधान आरक्षक को ब्लैक-कोबरा ने दो बार डंसा:थाना प्रभारी ने AI से पहचाना जहर का पैटर्न; समय पर एंटी-वेनम मिलने से बची जान
​ग्वालियर के बिजौली थाने में एक ऐसी घटना घटी, जहां जिंदगी और मौत के बीच सिर्फ चंद मिनटों का फासला रह गया था, लेकिन थाना प्रभारी की डिजिटल सतर्कता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की त्वरित मदद ने एक पुलिसकर्मी को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर खींच लिया। ​घटना रात गुरुवार करीब 9 बजे की है। थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक पूरन सिकरवार अपने सरकारी आवास में विश्राम कर रहे थे। उसी दौरान एक ब्लैक कोबरा कमरे में घुस गया। उसने पूरन सिकरवार के हाथ पर एक के बाद एक दो बार डंस लिया। दो जगह काटने से शरीर में जहर तेजी से फैलने लगा। दर्द से तड़पते प्रधान आरक्षक ने मदद के लिए चीख लगाई, जिसकी आवाज सुनते ही थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव और अन्य पुलिसकर्मी तुरंत क्वार्टर की ओर दौड़ पड़े। फोटो से पता किया इलाज का तरीका घटना स्थल पर पहुंचते ही जवानों ने देखा कि प्रधान आरक्षक की हालत तेजी से बिगड़ रही थी। ऐसी स्थिति में अक्सर घबराहट में कीमती समय बीत जाता है, लेकिन टीआई सौरभ श्रीवास्तव ने सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने बिना समय गंवाए मोबाइल से कोबरा की स्पष्ट तस्वीर खींची और उसे एआई टूल पर अपलोड कर दिया। एआई ने तुरंत सांप की सटीक प्रजाति 'ब्लैक कोबरा' और इसके न्यूरोटॉक्सिक जहर के असर का विश्लेषण कर दिया। ​साथ ही एआई द्वारा दिए गए प्राथमिक उपचार के सुझावों को टीआई ने तुरंत लागू कराया और मरीज को अस्पताल ले जाते समय वह फोटो सीधे डॉक्टरों के पास भेज दी। फोटो मिलते ही तय हुआ एंटी-वेनम का सटीक डोज पुलिस टीम घायल जवान को पहले जेएएच (जय आरोग्य अस्पताल) और फिर बेहतर इलाज के लिए अपोलो अस्पताल लेकर पहुंची। डॉक्टरों के पास मरीज के पहुंचने से पहले ही सांप की तस्वीर और उसकी प्रजाति की पूरी जानकारी डिजिटल माध्यम से पहुंच चुकी थी। चिकित्सकों का कहना है कि चूंकि कोबरा ने दो बार काटा था, इसलिए खतरा बेहद गंभीर था। लेकिन सांप की फोटो ने डॉक्टरों का संशय दूर कर दिया और उन्हें यह तय करने में एक सेकंड का भी वक्त नहीं गंवाना पड़ा कि कौन सा एंटी-वेनम और एंटीबायोटिक डोज देना है। समय पर सही इलाज शुरू होने से जवान की जान बच गई। अस्पताल भेजने के बाद पकड़ा कोबरा जवान को अस्पताल रवाना करने के बाद टीआई सौरभ श्रीवास्तव और थाने के बल ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। पुलिसकर्मियों ने जान जोखिम में डालकर उस ब्लैक कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। अगर सांप मौके से भाग जाता तो इलाज के दौरान भ्रम की स्थिति बनी रह सकती थी, लेकिन पुलिस टीम की सतर्कता ने हर आशंका को खारिज कर दिया। ​फिलहाल अपोलो अस्पताल में भर्ती प्रधान आरक्षक पूरन सिकरवार की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है और वे खतरे से बाहर हैं। बिजौली थाना प्रभारी के इस हाईटेक एक्शन की पूरे पुलिस महकमे में सराहना हो रही है।

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