जनजातीय विभाग में अटैच शिक्षकों पर अनदेखी:सहायक आयुक्त बोले- विभाग की ओर से लिखेंगे पत्र,जनजातीय विभाग अब भी मौन
बुरहानपुर जिले में राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा अटैच शिक्षकों को उनकी मूल शालाओं में वापस भेजने के आदेश के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जहां शिक्षा विभाग ने आदेश जारी होते ही कार्रवाई शुरू कर दी, वहीं जनजातीय विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इससे बड़ी संख्या में शिक्षक अब भी विभिन्न कार्यालयों और संस्थानों में अटैचमेंट पर कार्यरत हैं। शिक्षा विभाग ने तत्काल जारी किए निर्देश राज्य शिक्षा केंद्र ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि किसी भी कार्यालय या संस्था में प्रतिनियुक्ति (अटैचमेंट) पर कार्यरत शिक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर उनकी मूल संस्था में भेजा जाए, ताकि विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो। शिक्षा विभाग ने इस आदेश का पालन करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए। जनजातीय विभाग में अब भी जारी है अटैचमेंट इसके विपरीत जनजातीय विभाग में अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र जारी नहीं हुआ है। जिले के विभिन्न विकासखंडों और कार्यालयों में कई शिक्षक एवं जनशिक्षक आज भी प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। जानकारी के अनुसार खकनार कार्यालय में राज्य शिक्षा केंद्र से जुड़े चार कर्मचारी (एक बीआरसी, एक बीएसी, एक बाबू और एक चपरासी) अटैच हैं। वहीं जनजातीय विभाग में देड़तलाई में 1, सिरपुर में 2, डोईफोड़िया में 2, खकनार में 1, तुकईथड़ में 2, नेपानगर में 1, नावरा में 1, भातखेड़ा में 1 और अंबाड़ा में 1 जनशिक्षक सहित कुल 12 जनशिक्षक अभी भी अटैचमेंट पर कार्यरत हैं। सहायक आयुक्त बोले- जरूरत पड़ी तो विभाग भी जारी करेगा आदेश जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त भरत जांचपुरे ने कहा कि शिक्षकों को स्वयं राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशों का पालन करते हुए अपनी मूल संस्था में कार्यभार ग्रहण करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिन शिक्षकों को राज्य शिक्षा केंद्र ने प्रतिनियुक्ति पर लिया था, उन्हें वापस भेजने का आदेश भी वहीं से जारी होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके विभाग में आदेश का पालन नहीं हो रहा है तो विभाग की ओर से भी पत्र जारी कर संबंधित शिक्षकों को कार्यमुक्त कराया जाएगा। स्थानांतरण के कारण स्कूलों में शिक्षकों की कमी सहायक आयुक्त के अनुसार हाल ही में हुए स्थानांतरण के कारण कई शिक्षक जिले से बाहर चले गए हैं। इससे जनजातीय विभाग के स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई है। ऐसे में विभाग चाहता है कि प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत शिक्षक जल्द से जल्द अपनी मूल शालाओं में लौटें, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। कागजों तक सीमित रह गया आदेश शिक्षा विभाग जहां आदेश के पालन में सक्रिय नजर आ रहा है, वहीं जनजातीय विभाग की धीमी कार्रवाई के कारण राज्य शिक्षा केंद्र का यह महत्वपूर्ण निर्देश अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हो सका है। इससे स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और शैक्षणिक व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका बनी हुई है।
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