विश्वकप विजेता मप्र की ब्लाइंड बेटियों को आंध्रप्रदेश में सम्मान:उप मुख्यमंत्री ने विजयवाड़ा बुलाकर 5-5 लाख रुपए दिए, अपने प्रदेश में अब तक 'खाली हाथ'
पहली बार आयोजित दृष्टिबाधित महिला टी-20 विश्वकप जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक जीत में मध्य प्रदेश की तीन बेटियों- सुनीता सराठे (नर्मदापुरम), सुषमा पटेल (दमोह) और दुर्गा येवले (बैतूल) की अहम भूमिका रही। लेकिन विडंबना देखिए, देश को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाली इन बेटियों का आंध्र प्रदेश में भव्य सम्मान हुआ, वहां के डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने उन्हें 5-5 लाख रुपए का इनाम दिया, लेकिन अपने ही गृह प्रदेश (MP) में वे अब तक सम्मान और पुरस्कार से वंचित हैं। हालांकि, 10 दिन के इंतजार के बाद आज (शनिवार) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन बेटियों को मिलने के लिए बुलाया है। दूसरे राज्यों ने खोले खजाने, MP में सिर्फ इंतजार
जीतकर आने पर देश भर में खिलाड़ियों का सम्मान हो रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने अब तक न तो किसी पुरस्कार की घोषणा की है और न ही नौकरी का वादा किया है। वहीं, अन्य राज्यों की स्थिति यह है... कोच का दर्द- 10 दिन बाद मिला अप्वाइंटमेंट
क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड मप्र के जनरल सेक्रेटरी और कोच सोनू गोलकर ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "क्रांति गौड़ के जीतते ही प्रधानमंत्री और नेताओं के फोन आ गए थे, घोषणाएं हो गई थीं। लेकिन मप्र में इन बेटियों के लिए 10 दिन बाद अप्वाइंटमेंट मिला। शनिवार सुबह तीनों बेटियां फ्लाइट से विजयवाड़ा से भोपाल पहुंची हैं, जहां सीएम से मुलाकात होगी।" नेपाल को हराकर ऐसे बनीं चैंपियन
ब्लाइंड महिला क्रिकेट टी-20 विश्व कप का यह पहला आयोजन था। फाइनल मुकाबला श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में खेला गया।
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