राष्ट्र सेविका समिति का विदिशा में मातृशक्ति पथ संचलन 'ज्योस्तुते':सैकड़ों स्वयंसेविकाओं ने सफेद गणवेश में किया कदमताल, नागरिकों ने पुष्पवर्षा की
राष्ट्र सेविका समिति ने शनिवार को विदिशा में 'मातृशक्ति पथ संचलन ज्योस्तुते' का आयोजन किया। यह संचलन सरस्वती शिशु मंदिर तलैया से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरा और पुनः सरस्वती शिशु मंदिर तलैया में हुआ। इस संचलन में सफेद गणवेश और दंड धारण किए सैकड़ों स्वयंसेविकाएं अनुशासित पंक्तियों में कदमताल करती नजर आईं। नगर में जगह-जगह नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। संचलन रीठाफाटक, बजरिया, लोहा बाजार, बड़ा बाजार, तिलक चौक, निकासा रोड, थाना कोतवाली, माधव चौराहा और मटके वाली गली जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरा। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ स्वच्छता सहायिका रामकुंवर लोहाट ने की। मुख्य वक्ता डॉ. पिंकेशलता रघुवंशी, विभाग कार्यवाहिका, ने उपस्थित बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र सेविका समिति महिला अधिकारों से अधिक महिला कर्तव्यों पर बल देती है। उन्होंने बताया कि समिति समाज में मातृत्व, नेतृत्व और कृतित्व के तीन सूत्रों पर कार्य कर रही है। डॉ. रघुवंशी ने आगे कहा कि समिति सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर 'पंच परिवर्तन' के माध्यम से जनजागरण कर रही है। उन्होंने पर्यावरण के '3पी' - पॉलीथिन बंद करो, पेड़ लगाओ और पानी बचाओ - को मातृशक्ति से जोड़ते हुए बताया कि महिलाएं इन कार्यों को समाज में बेहतर तरीके से कर सकती हैं। नगर कार्यवाहिका आशा बघेल ने जानकारी दी कि 'ज्योस्तुते पथ संचलन' का यह सातवां वर्ष है। यह कार्यक्रम 'शक्ति सप्ताह' के समापन के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें बासौदा और सिरोंज की सेविकाओं ने भी भाग लिया। जिला सह कार्यवाहिका राजबाला बघेल ने बताया कि समिति वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के साथ अपने 90 वर्ष पूर्ण होने का पर्व मना रही है। यह वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का भी प्रतीक है।
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