डॉग बाइट के रोजाना 14 केस:3 साल में 58 हजार से ज्यादा शिकार हुए, फिर भी निगम वाले न डॉग शेल्टर बना रहे और न ही पकड़ रहे रायपुर

Sep 1, 2025 - 09:56
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डॉग बाइट के रोजाना 14 केस:3 साल में 58 हजार से ज्यादा शिकार हुए, फिर भी निगम वाले न डॉग शेल्टर बना रहे और न ही पकड़ रहे रायपुर
राजधानी में कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हो गए हैं। अंबेडकर समेत छोटे-बड़े सरकारी अस्पतालों में रोजाना डॉग बाइट के औसतन 14 केस आ रहे हैं। निगम के आंकड़ों के अनुसार ही रायपुर में पिछले तीन साल में 56 हजार से ज्यादा लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। इसके बावजूद निगम वाले इस समस्या को खत्म करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं। आवारा और आक्रमक कुत्तों को पकड़ कर रखने के लिए डॉग शेल्टर हाउस बनाने का काम ढाई साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। इस वजह से शहर में आवारा और पागल किस्म के कुत्ते लोगों को ज्यादा काट रहे हैं। राजधानी में किसी भी चौक-चौराहे से लोगों को निकलना मुश्किल हो रहा है। शहर की सभी सड़कों पर सबसे ज्यादा रात में कुत्तों का झुंड जमा हो जाता है। आते-जाते लोगों को पर वे हमला करते हैं। इतना ही नहीं बाइक वालों को कई दूर तक दौड़ाते भी हैं। इस वजह से गाड़ी से गिरकर कई बार वे गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। शहर में कई इलाके ऐसे हैं जहां एक ही दिन में 10 से 20 लोगों को कुत्तों ने काटा है। निगम का डॉग कैचर कुत्तों को पकड़ने के लिए कब और कहां निकलता है लोगों को पता ही नहीं चलता है। शिकायत करने के बावजूद डॉग कैचर वाले मोहल्लों में नहीं जाते। सबसे ज्यादा रायपुर में ही लोग परेशान दैनिक भास्कर को मिली जानकारी के अनुसार राज्यभर में सबसे ज्यादा डोंग बाइट की घटनाएं रायपुर में ही हो रही है। शहर की सड़कों-गलियों में आवारा और बेसहारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिले में पिछले तीन साल में 58 हजार से ज्यादा लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। शहर के सभी 70 वार्डों में डॉग बाइट की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं। इस वजह से लोग खासे परेशान हैं। वे हर तरह की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही है। निगम वाले आवारा कुत्तों को पकड़ लेकर जाते भी हैं तो नसबंदी करने के बाद उसी जगह पर छोड़ देते हैं। इस वजह से शहर के किसी भी वार्ड में कुत्तों की संख्या कम नहीं हो रही है। ढाई साल बाद भी डॉग शेल्टर में काम बाकी आवारा और आक्रमक कुत्तों के लिए नगर निगम ने सोनडोंगरी में डॉग शेल्टर तैयार किया है। यहां करीब दो एकड़ खाली जमीन पर एक बाड़ा बनाया गया है। लेकिन पिछले ढाई साल से इस शेल्टर होम का काम पूरा नहीं हो पाया है। इस जगह पर डॉग अस्पताल, डाक्टरों के रहने समेत कई तरह की व्यवस्था की गई है। लेकिन इसे अभी तक शुरू नहीं किया गया है। इस शेल्टर होम में एक साथ करीब 50 कुत्तों को रखा जा सकता है। शहर में बीमार और खूंखार कुत्तों को पकड़कर यहीं पर ही इलाज कर उनकी नसबंदी की जाएगी। लेकिन डॉग शेल्टर का काम कब पूरा होगा और इसे कब शुरू किया जाएगा निगम अफसर भी ये नहीं बता पा रहे है।

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