काशी में 7 सितंबर को लगेगा खग्रास चंद्रग्रहण:2 घंटे पहले बंद होगा मंदिर का कपाट,आरती में समय में भी किया गया है परिवर्तन

Aug 26, 2025 - 12:47
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काशी में 7 सितंबर को लगेगा खग्रास चंद्रग्रहण:2 घंटे पहले बंद होगा मंदिर का कपाट,आरती में समय में भी किया गया है परिवर्तन
7 सितंबर 2025, रविवार की रात्रि काशी में खग्रास चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने इस अवसर पर मंदिर की परंपरा और धर्मशास्त्रों के अनुसार विशेष पूजा-अर्चना एवं आरती की व्यवस्था घोषित की है। खग्रास चंद्रग्रहण का समय इस प्रकार रहेगा स्पर्श रात्रि 9:57 बजे, मध्य रात्रि 11:41 बजे और मोक्ष रात्रि 1:27 बजे। धर्मग्रंथों के अनुसार चंद्रग्रहण से 9 घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। यद्यपि भगवान विश्वनाथ पर सूतक का कोई प्रभाव नहीं होता, फिर भी श्रद्धालुओं की सुविधा और शास्त्रीय मान्यताओं के अनुरूप मंदिर की व्यवस्था बदली जाएगी। 2 घंटे पहले बंद होगा कपाट मंदिर परंपरा के अनुसार ग्रहण लगने से लगभग दो घंटे पहले कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इसी क्रम में 7 सितंबर को शयन आरती के उपरांत मंदिर के कपाट बंद होंगे। उस दिन की आरती व्यवस्था इस प्रकार घोषित की गई है— संध्या आरती शाम 4:00 से 5:00 बजे तक, श्रृंगार-भोग आरती शाम 5:30 से 6:30 बजे तक और शयन आरती शाम 7:00 से 7:30 बजे तक संपन्न होगी। शयन आरती के बाद दर्शन बंद हो जाएंगे और पुनः ग्रहण मोक्ष के पश्चात विशेष स्नान, शुद्धिकरण एवं पूजा-अर्चना के बाद कपाट खोले जाएंगे। धार्मिक भावनाओं के अनुरूप परंपरागत नियमों का पालन मंदिर सीईओ ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस विशेष अवसर पर निर्धारित समय के अनुसार दर्शन-पूजन करें और ग्रहण काल में घरों में भी मंत्रजप, ध्यान एवं भगवान शिव का स्मरण करें। ग्रहण समाप्ति पर स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना गया है। भगवान शिव समस्त लोकों के स्वामी हैं और उन पर सूतक का कोई प्रभाव नहीं पड़ता, फिर भी जनमानस की धार्मिक भावनाओं के अनुरूप परंपरागत नियमों का पालन किया जाएगा।

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