बेटे को ठीक करने तीन वर्ष के बच्चे की बलि:बलरामपुर में सवा साल बाद पकड़ा गया आरोपी, पूजा के बाद काटा था बच्चे का गला

Jul 16, 2025 - 15:48
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बेटे को ठीक करने तीन वर्ष के बच्चे की बलि:बलरामपुर में सवा साल बाद पकड़ा गया आरोपी, पूजा के बाद काटा था बच्चे का गला
बलरामपुर जिले के सुलुगडीह में अपने बीमार बच्चे को ठीक करने युवक ने गांव के एक तीन वर्षीय बच्चे की बलि चढ़ा दी। घटना के सवा साल बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बताया कि बच्चे को अकेला देखकर आरोपी ने उसे बिस्कुट एवं मिठाई खिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गया और पूजा पाठ करने के बाद लोहे की छुरी से बच्चे का गला काट दिया। मामला सामरी थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, सामरी थाना क्षेत्र के सुलुगडीह निवासी बिरेंद्र नगेशिया (24 वर्ष) का तीन वर्षीय पुत्र अजय नगेशिया 01 अप्रैल 2024 को जंगल से लापता हो गया था। बिरेंद्र नगेशिया प्राथमिक शाला सबाग में रसोईया का काम करता है। वह अपनी पत्नी दयामुनि के साथ इलबासा जंगल में झोपड़ी बनाकर 29 मार्च 2024 से महुआ बिनने का काम कर रहे थे। लापता अजय का पता नहीं चला तो 06 अप्रैल को गुमशुदगी सामरीपाट थाने में दर्ज कराई। सवा साल बाद हुआ खुलासा बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद बच्चे की खोजबीन की जा रही थी। जांच के दौरान जानकारी मिली कि लापता बच्चे के दादा अपने सहयोगी झल्लू के साथ बच्चे को खोजते हुए राजू कोरवा के पास पहुंचे। राजू कोरवा ने उनसे कहा कि बड़ा पूजा (मानव बलि देने की प्रथा) करना पड़ेगा, तब मिलेगा। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने राजू कोरवा से पूछताछ की तो उसने कह दिया कि उसने नशे की हालत में ऐसा कहा था। पुलिस ने राजू कोरवा के पीछे मुखबिर लगाए थे। इस बीच कुछ क्लू मिला तो पुलिस ने राजू कोरवा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले का खुलासा हो गया। बेटे को ठीक करने की लालसा में दी बलि पूछताछ में राजू कोरवा ने अजय नगेशिया की बलि चढ़ाने की जानकारी दी। राजू कोरवा ने बताया कि उसका बड़ा बेटा बचपन से मानसिक रूप से कमजोर है एवं उसे मिर्गी की बीमारी है। किसी ने उससे कहा था "महादानी देवता" को बच्चे की बलि देने से वह ठीक हो जाएगा। अंधविश्वास के चलते इस सोच ने उसे हैवान बना दिया। 01 अप्रैल 2024 को राजू कोरवा इलबासा के जंगल में गया था, जहां उसे अजय नगेशिया अकेले घूमते हुए मिला। राजू कोरवा उसे मिठाई एवं बिस्कुट देने का लालच देकर अपने घर कटईडीह ले आया। उसने घर में "महादानी देवता" की पूजा की और अजय नगेशिया की गला काट काटकर उसकी बलि चढ़ा दी। राजू कोरवा ने बच्चे के शव का सिर घर में सुरक्षित रख लिया। धड़ को गांव के बाहर नाले के पास गड्ढा खोदकर दफन कर दिया। जब बच्चे की खोजबीन होने लगी तो उसने बच्चे के सिर को भी नाले के पास गड्ढे में दफन कर दिया। कब्र खुदवा बरामद किया अवशेष पुलिस ने एसडीएम कुसमी के आदेश पर सामरी तहसीलदार की मौजूदगी में नाले के किनारे आरोपी द्वारा बताए गए स्थान की खुदाई कराई। बच्चे के सिर की हड्डियां करीब दो फुट गड्ढे में दफन मिली। कुछ दूर पर जहां धड़ दफन किया गया था, वहां से भी हड्डियां बरामद की गई हैं। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे की छुरी भी जब्त की है। आरोपी गिरफ्तार, भेजा गया जेल पुलिस ने आरोपी राजू कोरवा (40वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ धारा 363, 302, 201 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। कार्रवाई में सामरी थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह की टीम शामिल रही।

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