कर्नाटक मजदूरी करने गया था, जिंदा नहीं लौटा, लगाया जाम:मां बोली-ठेकेदार ने बेरहमी से पीटा, वीडियो कॉल पर खून से सना देखा अपना बेटा
ग्वालियर से ठेकेदार के साथ मजदूरी करने कर्नाटक गए युवक की 20 दिन बाद डेड बॉडी घर पहुंची। ठेकेदार का कहना है कि उसकी तबीयत बिगड़ी फिर वह लापता हो गया था। जब मजदूर मिला तो हॉस्पिटल में था, जहां उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 20 मई को ही कर्नाटक के हसनपुरा इलाके में उसकी मौत हुई है, जबकि परिजन ने युवक का शव लक्ष्मीगंज रोड पर रखकर ट्रैफिक जाम कर दिया। करीब चार घंटे तक पूरा रास्ता जाम रहा।
मृतक की मां का आरोप है कि बेटे का वीडियो कॉल आया था। उसमें वह खून सना हुआ दिख रहा था। वह कह रहा था कि यह लोग मुझे मार डालेंगे और वही हुआ। कर्नाटक में मजदूर की मौत के बाद ग्वालियर में हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी स्पॉट पर पहुंचे, लेकिन परिजन बिना एफआईआर मानने को तैयार नहीं थे। करीब चार घंटे जाम के बाद परिजन कार्रवाई के आश्वासन पर माने हैं। शहर के जनकगंज स्थित जीवाजीगंज के निम्बाजी की खो निवासी 36 वर्षीय राजेन्द्र पुत्र फूल सिंह कुशवाह मजदूरी करता है। 4 मई को उसको जीवाजीगंज का ही महावीर कुशवाह उर्फ लला कर्नाटक में एक एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में मजदूरी के लिए लेकर गया था। यहां वह ठेकेदार भगवान सिंह कुशवाह और महावीर कुशवाह के लिए काम करता है। महावीर के साथ आकाश और रवि थे। अचानक 20 मई को कर्नाटक के हसनपुरा इलाके में मजदूरी करने गए राजेन्द्र कुशवाह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। आज 24 मई को राजेन्द्र का शव लेकर परिजन ग्वालियर पहुंचे हैं। हर दिन लगा रहा था फोन यह लोग मुझे मार डालेंगे
मृतक की मां चंद्रकला ने बताया कि मेरे पास घटना वाले दिन राजेन्द्र का वीडियो कॉल आया था। वह खून से सना था और सिर से लेकर पूरे शरीर पर चोट दिख रही थी। तब उसने बताया था कि बाहर महावीर, आकाश व रवि खड़े हैं। मैंने अंदर से कुंडी लगा ली है। यह लोग मुझे मारना चाहते हैं। मुझे बचा लो यह लोग मुझे मार डालेंगे। उसके बाद महावीर से बात की तो उसका कहना था कि इससे गेट खुलवा दो इसकी तबीयत खराब है। यह काम से भी भाग आया है। इसे हमें बस में बैठा रहे हैं। पर उसके बाद राजेन्द्र का कुछ पता नहीं चला और मौत की खबर आई।
ऐसे समझिए पूरा मामला
- ग्वालियर से 4 मई को महावीर, आकाश व रवि मजदूरी के लिए राजेन्द्र को कर्नाटक ले गए थे।
- 9 मई को अचानक वह लापता हो गया और 15 किलोमीटर दूर किसी अस्पताल में भर्ती हो गया।
- 14 मई को महावीर की ओर से कर्नाटक के संबंधित थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई।
- 19 मई को राजेन्द्र की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
- 20 मई को कर्नाटक में मर्ग कायम किया गया।
- 24 मई को परिजन कर्नाटक से शव लेकर ग्वालियर पहुंचे और हंगामा किया। ठेकेदारों पर मारपीट कर हत्या का आरोप
मृतक के भाई कमल किशोर, बेटे यश कुशवाह ने बताया कि उसके भाई को महावीर कुशवाह कर्नाटक में किसी एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में काम दिलाने का कहकर ले गए थे और मारपीट कर हत्या कर दी। यहां से जाने के बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। दो दिन बाद मोबाइल ऑन हुआ था और उससे कुछ ही दूरी पर राजेन्द्र घायल मिला था। इसलिए उसकी हत्या करने वालों पर मामला दर्ज किया जाए। ठेकेदार का साथी बता एक युवक को पीटा
जब मृतक के परिजन ट्रैफिक जाम कर रहे थे तो एक युवक को मृतक के परिजन व स्थानीय लोगों ने पीट दिया। लोगों का कहना था कि यह व्यक्ति आरोपियों के साथ का है, जबकि घायल युवक खुद को मृतक का रिश्तेदार बता रहा था। किसी तरह युवक को पुलिसकर्मियों ने भीड़ से बचाया और हॉस्पिटल पहुंचाया है। चार घंटे बाद माने परिजन, तब खोला जाम
मजदूर की मौत के बाद उसके शव को लक्ष्मीगंज रोड पर रख ट्रैफिक जाम कर रहे लोगों से मिलने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। लेकिन वह नहीं माने। काफी देर तक बातचीत का दौर चला। मृतक के बच्चों को आर्थिक सहायता व आरोपियों पर कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही परिजन माने और रास्ते से शव हटाकर जाम खोला। पुलिस का कहना इस मामले में एएसपी गजेंद्र सिंह वर्धमान का कहना है कि घटनाक्रम कर्नाटक का है। परिजन की मांग पर ग्वालियर पुलिस ने कर्नाटक पुलिस से बातचीत की है और हर तरह के सहयोग की बात कही है। जिससे जल्दी जांच हो सके।
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