युवा वैज्ञानिक राहुल के ड्रोन प्रोजेक्ट में हुई थी धोखाधड़ी:गोरखपुर में ADG से मिलकर मानसिक उत्पीड़न और धमकियों का लगाया था आरोप

Jul 18, 2026 - 11:02
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युवा वैज्ञानिक राहुल के ड्रोन प्रोजेक्ट में हुई थी धोखाधड़ी:गोरखपुर में ADG से मिलकर मानसिक उत्पीड़न और धमकियों का लगाया था आरोप
महराजगंज जिले के कोठीभार थाना क्षेत्र के सिसवा निवासी युवा ड्रोन इनोवेटर राहुल सिंह की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। एक ओर राहुल के परिजन नोएडा निवासी चंद्रभूषण मिश्रा समेत अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चंद्रभूषण मिश्रा की तहरीर पर 13 जून को बस्ती जिले में राहुल सिंह के खिलाफ 62 लाख रुपये की कथित ठगी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी बीच मामले में एक नया पहलू सामने आया है। मुकदमा दर्ज होने के अगले दिन, 14 जून को राहुल सिंह ने गोरखपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) को विस्तृत प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उन्होंने अपने आवेदन के साथ कई दस्तावेज और साक्ष्य भी संलग्न किए थे। राहुल ने आरोप लगाया था कि उनके साथ ड्रोन प्रोजेक्ट के नाम पर धोखाधड़ी, विश्वास का दुरुपयोग, आर्थिक दबाव, आपराधिक धमकियां और लगातार मानसिक उत्पीड़न किया गया। दो तस्वीरें देखिए 11 साल के शोध और कई पुरस्कारों का किया था उल्लेख प्रार्थना पत्र में राहुल सिंह ने बताया था कि वह पिछले करीब 11 वर्षों से ड्रोन तकनीक पर अनुसंधान कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न उद्देश्यों के लिए कई स्वदेशी ड्रोन प्रोजेक्ट विकसित किए। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके तकनीकी कार्यों के लिए उन्हें तीन अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों के अलावा राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर भी सम्मान मिल चुका है। पूर्व मुख्य सचिव के माध्यम से हुई थी मुलाकात राहुल के मुताबिक, वर्ष 2025 में उनकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा के माध्यम से चंद्रभूषण मिश्रा से हुई थी। राहुल का आरोप था कि ड्रोन प्रोजेक्ट में निवेश और सहयोग का भरोसा देकर उनसे संपर्क बढ़ाया गया। परियोजना के लिए करीब 7.85 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। बाद में उन्हें एक महंगा मोबाइल फोन और 61.99 लाख रुपये भी दिए गए। तकनीकी जानकारी लेने के बाद बनाया गया दबाव राहुल ने आरोप लगाया था कि परियोजना से जुड़ी तकनीकी जानकारी और दस्तावेज साझा करने के बाद उन पर लगातार दबाव बनाया जाने लगा। उनका कहना था कि प्रोजेक्ट का नियंत्रण हासिल करने, तकनीकी जानकारी लेने और दी गई रकम वापस मांगने को लेकर विवाद खड़ा किया गया। राहुल का आरोप था कि जब उन्होंने अपनी तकनीकी सामग्री और प्रोजेक्ट वापस करने की मांग की, तब उन्हें कथित रूप से धमकियां दी गईं और अभद्र व्यवहार किया गया। परिवार को भी धमकाने का लगाया था आरोप प्रार्थना पत्र में राहुल ने यह भी आरोप लगाया था कि फरवरी 2026 में कुछ लोग उनके घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके अलावा फोन और व्हाट्सएप कॉल के जरिए लगातार मानसिक दबाव बनाया गया। उन्होंने एडीजी को बताया था कि इन घटनाओं से पूरा परिवार तनाव में है। बस्ती में दर्ज एफआईआर को बताया था भ्रामक राहुल ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया था कि उनके खिलाफ बस्ती जिले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। उनका आरोप था कि यह मुकदमा अधूरी और भ्रामक जानकारी के आधार पर दर्ज कराया गया और इसका इस्तेमाल उन पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने एडीजी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच, बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट समेत अन्य दस्तावेजों की जांच कराने, ड्रोन प्रोजेक्ट और अनुसंधान सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा स्वयं और अपने परिवार को कानूनी संरक्षण उपलब्ध कराने की मांग की थी। परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप दैनिक भास्कर से बातचीत में राहुल की बहन निशु ने चंद्रभूषण मिश्रा और दुर्गा शंकर मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं, राहुल के भाई रोहित सिंह का आरोप है कि लखनऊ से शव लेकर लौटते समय उन्हें फर्जी व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमकियां दी गईं। राहुल के पिता संजय सिंह, मां रासमुनि देवी, भाई रोहित और बहन निशु ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मानसिक उत्पीड़न से आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप, चार पर केस राहुल सिंह के बड़े भाई रोहित सिंह ने लखनऊ के विभूतिखंड थाने में तहरीर देकर चार लोगों पर मानसिक प्रताड़ना, विश्वासघात, लगातार दबाव बनाने और धमकियां देने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में कहा गया कि राहुल सिंह कई वर्षों से ड्रोन तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य कर रहे थे तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान प्राप्त कर चुके थे। उनका उद्देश्य देश के लिए नई तकनीक विकसित करना और भारत का नाम ऊंचा करना था। आरोप है कि नोएडा निवासी चार लोगों के साथ राहुल का ड्रोन प्रोजेक्ट और शोध कार्य को लेकर विवाद चल रहा था। इन लोगों द्वारा कथित रूप से लगातार मानसिक उत्पीड़न, दबाव और धमकियां दी जा रही थीं, जिसके चलते राहुल गहरे तनाव और अवसाद में रहने लगे थे। परिजनों का दावा है कि राहुल ने पहले भी उन्हें इस मानसिक दबाव की जानकारी दी थी। रोहित सिंह ने तहरीर में आरोप लगाया है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना और दबाव के कारण ही राहुल ने आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने सरकार से राहुल सिंह को राष्ट्रीय गौरव के रूप में सम्मानित करने और परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी मांग की है, ताकि वृद्ध माता-पिता को सहारा मिल सके। पीड़ित परिवार ने पुलिस से नामजद आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई करने और राहुल सिंह को न्याय दिलाने की मांग की है।

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