रामपुरिया पंचायत के रोजगार सहायक पर भ्रष्टाचार का आरोप:जनसुनवाई में शिकायत करने पहुंचे ग्रामीण, निलंबित करने की मांग

Jun 30, 2026 - 17:14
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रामपुरिया पंचायत के रोजगार सहायक पर भ्रष्टाचार का आरोप:जनसुनवाई में शिकायत करने पहुंचे ग्रामीण, निलंबित करने की मांग
झाबुआ जिले की ग्राम पंचायत रामपुरिया के उपसरपंच, पंच और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जनसुनवाई में पहुंचकर रोजगार सहायक के खिलाफ शिकायत की है। ग्रामीणों ने रोजगार सहायक सुनील गरवाल पर पंचायत में मनमानी करने और सरकारी कामकाज को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि रोजगार सहायक ने अमृत सरोवर तालाब निर्माण के नाम पर सरकारी राशि का गबन किया। यह तालाब पंचायत मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर स्थित है। आरोप है कि रोजगार सहायक ने वर्ष 2007-08 में बने पुराने तालाब की लोकेशन का उपयोग कर फर्जी मस्टर रोल भरे। इसमें उन लोगों के नाम पर मजदूरी का भुगतान उठाया गया, जो उस समय गांव में मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों के अनुसार, मस्टर रोल में ऐसे व्यक्तियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जो उस दौरान बामनिया में अपनी दुकानों पर काम कर रहे थे। भ्रष्टाचार के आरोप केवल मनरेगा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भी हितग्राहियों के शोषण की शिकायतें मिली हैं। पीड़ितों का कहना है कि आवास की किस्तें जारी करवाने के बदले रोजगार सहायक ने प्रत्येक हितग्राही से पांच-पांच हजार रुपये की अवैध वसूली की है। इसमें एक दिव्यांग व्यक्ति को भी नहीं बख्शा गया। कई हितग्राहियों से पैसे लेने के बावजूद उनके आवास का न तो जियो-टैग कराया गया और न ही राशि स्वीकृत की गई। इस कारण कई गरीब परिवार अधर में लटके हुए हैं। उन्हें मकान पूरा करने के लिए बाजार से ब्याज पर पैसे लेने पड़े, जबकि जिनके पास व्यवस्था नहीं थी, उनके घर आज भी अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि वर्ष 2023 से 2026 के बीच मनरेगा के तहत हुए सभी निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कलेक्टर तथा संबंधित उच्चाधिकारियों से रोजगार सहायक को तत्काल निलंबित करने की पुरजोर मांग की है।

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