कलेक्टर के फर्जी आदेश पर 4 गिरफ्तार:3 बाबू और 1 बिचौलिया शामिल; सील-हस्ताक्षर कर निकालते थे जमीन अंतरण की अनुमति

Apr 15, 2026 - 08:18
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कलेक्टर के फर्जी आदेश पर 4 गिरफ्तार:3 बाबू और 1 बिचौलिया शामिल; सील-हस्ताक्षर कर निकालते थे जमीन अंतरण की अनुमति
देवास के कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर और सील लगाकर जमीन अंतरण (भू-राजस्व संहिता की धारा 165-6) के फर्जी आदेश जारी करने का बड़ा मामला सामने आया है। पंजीयन कार्यालय में धोखाधड़ी सामने आने पर कलेक्टर की शिकायत के आधार पर बीएनपी थाना पुलिस ने नजूल शाखा व तहसील के 3 बाबू और 1 बिचौलिये को गिरफ्तार किया है। वर्तमान में पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर 1 अन्य फरार आरोपी की तलाश कर रही है और कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए इन्हें पद से पृथक करने की बात कही है। 1 दर्जन से अधिक आदेश फर्जी होने की आशंका, 1 रजिस्ट्री होगी निरस्त प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नजूल शाखा सहित विभिन्न तहसीलों में कार्यरत बाबू अधिकारियों की जानकारी के बिना उनके हस्ताक्षर और सील की नकल कर फर्जी आदेश जारी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, अब तक एक दर्जन से अधिक फर्जी आदेश जारी होने की आशंका है। इनमें से एक फर्जी आदेश के आधार पर रजिस्ट्री भी हो चुकी है, जिसे अब निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिचौलिया महेंद्र की निशानदेही पर 3 बाबू गिरफ्तार यह खुलासा तब हुआ जब एक संदिग्ध आदेश पंजीयन कार्यालय पहुंचा। कलेक्टर के पत्र के बाद पुलिस ने सबसे पहले बिचौलिया महेंद्र कुशवाह को पकड़ा। उसकी पूछताछ के बाद नजूल शाखा के बाबू रमेश लोबानिया, एडीएम कार्यालय के रीडर संजय जाटव और विजयागंज मंडी तहसील के बाबू जितेंद्र भद्रे को गिरफ्तार किया गया। एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह फर्जीवाड़ा कब से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं। कलेक्टर बोले- पद से पृथक करने की भी कार्रवाई होगी पूरे मामले को लेकर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कहा, "फर्जी आदेश जारी होने की जानकारी मिलने के बाद जांच के आदेश दे दिए गए । आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। सख्त कार्रवाई की जाएगी। पद से पृथक करने की भी कार्रवाई होगी।" सीएसपी ने कहा- कूटरचना कर अवैध लाभ अर्जित किया सीएसपी सुमित अग्रवाल ने कहा, "कलेक्टर कार्यालय में नजूल शाखा है। उसमें विभिन्न प्रकार के आदेश और अनुमतियां जारी की जाती है, इसमें कुछ लोगों ने संगठित होकर कुछ आदेश और अनुमतियों की कूटरचना कर अवैध लाभ अर्जित किया है। इस संबंध में बीएनपी थाने में अपराध पंजीबद्ध किया है। कुछ लोगों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसमें जांच की जा रही है कि कब से कूटरचना कर लाभ लिया है इस मामले को लेकर विवेचना की जा रही है। प्रकरण अभी जांच में है जांच में जो भी तथ्य आएंगे उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।"

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