नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 11 साल की जेल:संभल पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला, समोसा खिलाकर बेहोश किया था
संभल की पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को 11 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 59 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला वर्ष 2020 का है। यह घटना संभल जनपद की तहसील चंदौसी के थाना बहजोई क्षेत्र के एक गांव की है। वादी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 18 दिसंबर 2020 को उसकी 17 वर्षीय बेटी को दन्ने उर्फ कृष्णा, निवासी खेड़ा नवादा, जनपद बदायूं, और एक अन्य युवक ने बहला-फुसलाकर अपनी कार में बैठा लिया था। वे उसे घर छोड़ने का बहाना बनाकर अपने घर खेड़ा नवादा ले गए। अगले दिन, 19 दिसंबर 2020 को, बेटी ने मोबाइल पर अपनी आपबीती बताई। इसके बाद आरोपी लड़की को बदायूं छोड़कर फरार हो गए। वादी अपनी बेटी को घर ले आया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। किशोरी ने पुलिस को बताया कि गांव की एक महिला उसे जबरन बहजोई ले गई थी। वहां उसे दन्ने उर्फ कृष्णा और एक अन्य युवक मिला। कृष्णा ने उसे समोसे खिलाए, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। होश आने पर उसने खुद को एक कमरे में बंद पाया, जहां दोनों आरोपियों ने तीन दिन तक उसके साथ दुष्कर्म किया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य सिंह ने बताया कि पुलिस ने एफआईआर में दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाते हुए दन्ने उर्फ कृष्णा के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। इस मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। अदालत द्वारा लगाए गए अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता को दी जाएगी, जबकि शेष राशि राज्य सरकार के पक्ष में जमा होगी। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा-4 के अपराध के लिए 11 वर्ष का कारावास एवं 50,000/-रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया जाता है। अर्थदण्ड अदा न करने पर 08 माह का साधारण कारावास भोगेगा। धारा-363 के अपराध के लिए तीन वर्ष का कारावास एवं 3000/- रूपये के अर्थदण्ड दण्डित किया जाता है। धारा-366 के अपराध के लिए पांच वर्ष का कारावास एवं 6000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया जाता है।
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