इंस्टाग्राम पर फ्रेंडशिप फिर युवक को बंधक बनाकर ब्लैकमेलिंग:पुणे से मैहर बुलाकर कपड़े उतारे, वीडियो बनाया और धमकी देकर 56 हजार लिए
मैहर में इंस्टाग्राम दोस्ती के नाम पर सोची-समझी साजिश कर ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। पुणे में काम करने वाले एक युवक को मैहर बुलाकर बंधक बनाया गया, उसके साथ मारपीट कर निर्वस्त्र अवस्था में वीडियो बनाया गया और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे 56 हजार रुपये की ऑनलाइन वसूली की गई। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों की पहचान की है, जिनमें से चार को हिरासत में लिया गया है। इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती पीड़ित शिवशंकर गुप्ता (34) मूल रूप से मैहर जिले के भदनपुर पहाड़ का रहने वाला है और वर्तमान में पुणे में काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि करीब दस दिन पहले उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर मानसी उर्फ गोल्डी नाम की युवती से हुई थी। लगातार बातचीत के बाद दोनों में दोस्ती हो गई। मैहर बुलाने की साजिश युवती के कहने पर शिवशंकर 3 फरवरी को पुणे से मैहर पहुंचा। शाम करीब 7:30 बजे वह घंटाघर चौक पहुंचा, जहां मानसी उससे मिली। कुछ देर बातचीत के बाद युवती ने नाश्ता करने की बात कही। दोनों ने आईसीएच में डोसा खाया। इसके बाद युवती ने शिवशंकर से कहा कि वह उसे घुरपुरा स्थित अपने किराए के कमरे तक छोड़ दे। कमरे पर पहुंचने के बाद युवती ने उसे अंदर आने के लिए कहा। पानी के बहाने कमरे में फंसाया शिवशंकर ने पहले कमरे में जाने से इनकार किया, लेकिन युवती ने पानी पीने का बहाना बनाकर उसे अंदर बैठा लिया। कमरे में बैठते ही युवती ने किसी को फोन लगाया। कुछ ही देर में विक्की गुप्ता, मनोज उर्फ माचो, फूलचंद कुशवाहा और एक अन्य व्यक्ति कमरे में आ गए। अचानक कई लोगों को देखकर शिवशंकर कुछ समझ पाता, इससे पहले ही आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट कर निर्वस्त्र किया, वीडियो बनाया आरोप है कि आरोपियों ने युवक को अश्लील गालियां देते हुए पीटा, उसके कपड़े जबरन उतार दिए और निर्वस्त्र कर दिया। विरोध करने पर युवक से मारपीट की, जिससे उसके हाथ, पैर, कान, जांघ, घुटने और पीठ में गंभीर चोटें आईं है। इस दौरान आरोपी युवती भी मौके पर मौजूद रही। आरोपियों ने उसकी निर्वस्त्र अवस्था में वीडियो बना ली और वीडियो वायरल करने, हाथ-पैर तोड़ने और युवती द्वारा झूठे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी। डर के साए में 56 हजार की ऑनलाइन वसूली डर और मानसिक दबाव में आकर युवक ने अपना मोबाइल और फोन-पे का पासवर्ड आरोपियों को बता दिया। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग किस्तों में कुल 56 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए। जांच में यह रकम आशीष कुमार नामक व्यक्ति के खाते में जाना सामने आया है। रात में सुनसान जगह छोड़कर फरार घटना के बाद आरोपी युवक को उसकी ही स्कूटी पर बैठाकर शहर में इधर-उधर घुमाते रहे और रात करीब 1 बजे नेहरू सेंचुरी के सामने सुनसान सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। चार आरोपी हिरासत में, एक की तलाश घटना की जानकारी मिलने पर पीड़ित थाने पहुंचा। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों की पहचान की है। विक्की गुप्ता निवासी लटागांव, मनोज उर्फ माचो, फूलचंद गुप्ता और आरोपी युवती मानसी नामदेव उर्फ गोल्डी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एक अन्य आरोपी फरार है। किराए के फ्लैट से चल रहा था काला धंधा पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी युवती अपने पति से अलग रहती है और गुजारा भत्ते का मामला कोर्ट में चल रहा है। वह विक्की और अन्य युवकों की मदद से किराए के फ्लैट में इस तरह की ब्लैकमेलिंग की वारदातों को अंजाम दे रही थी। पुलिस को जांच में और बड़े खुलासों की उम्मीद है।
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