कलेक्टर-SP कार्यालय में ‘नो हेलमेट-नो अटेंडेंस’ आदेश बेअसर:बिना हेलमेट पहुंच रहे कर्मचारी; नागरिकों का कहना ​नियम सबके लिए बराबर हो

Feb 5, 2026 - 08:21
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कलेक्टर-SP कार्यालय में ‘नो हेलमेट-नो अटेंडेंस’ आदेश बेअसर:बिना हेलमेट पहुंच रहे कर्मचारी; नागरिकों का कहना ​नियम सबके लिए बराबर हो
कटनी जिले में प्रशासनिक अमला अपने ही यातायात नियमों का पालन कराने में विफल साबित हो रहा है। जहां एक ओर पुलिस आम नागरिकों के हेलमेट न होने पर चालान काट रही है, वहीं कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में 'नो हेलमेट-नो अटेंडेंस' आदेश का पालन नहीं हो रहा है। कर्मचारी बिना हेलमेट के बेखौफ कार्यालय पहुंच रहे हैं। कलेक्टर ने ‘नो हेलमेट-नो अटेंडेंस’ का दिया था आदेश जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर आशीष तिवारी ने यातायात जागरूकता के लिए 'नो हेलमेट-नो अटेंडेंस' का सख्त आदेश जारी किया था। अक्टूबर 2025 में जारी इस आदेश के तहत, दोपहिया वाहन से शासकीय कार्यालय आने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया था। यह आदेश मध्यप्रदेश मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 129 और केंद्र-राज्य शासन के निर्देशों पर आधारित था। दर्जनों पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के कार्यालय पहुंच रहे आदेश के शुरुआती दिनों में इसका कड़ाई से पालन हुआ था और कर्मचारियों में भी हड़कंप देखा गया था। हालांकि, समय बीतने के साथ यह आदेश केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस मुख्यालय, जहां से जिले भर में यातायात नियमों के पालन के निर्देश जारी होते हैं, वहीं के कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। रोजाना दर्जनों पुलिसकर्मी बिना हेलमेट के कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। इसके विपरीत, शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चेकिंग पॉइंट लगाकर आम जनता पर लगातार चालान की कार्रवाई की जा रही है। नागरिकों का कहना ​नियम सबके लिए बराबर हो नागरिको का कहना है कि ​नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए। अगर पुलिसकर्मी और कलेक्ट्रेट कर्मचारी बिना हेलमेट के दफ्तर आ सकते हैं, तो केवल आम आदमी और मजदूरों का ही चालान काटना सही नही है। ​सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि जिला पंचायत और कलेक्ट्रेट कार्यालय का भी यही हाल है। यहां न केवल कर्मचारी बल्कि आने वाले आम नागरिक भी बिना किसी रोक-टोक के बिना हेलमेट के प्रवेश कर रहे हैं। गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी भी इन्हें रोकने की जहमत नहीं उठाते। ​एएसपी बोले-कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा इस मामले पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार डेहरिया का कहना है नो हेलमेट-नो अटेंडेंस के संबंध में आदेश पहले से प्रभावी हैं। यदि सरकारी कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, तो उन्हें चिह्नित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही, यातायात पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यालय परिसर के भीतर भी चेकिंग कर चालान काटे जाएं।

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