NGT ने नर्मदा प्रदूषण रोकने सरकार को दिए आदेश:100 मीटर के भीतर प्लास्टिक प्रतिबंध करना पड़ेगा; कार्रवाई की रिपोर्ट भी देना होगी

Jan 31, 2026 - 09:10
 0  0
NGT ने नर्मदा प्रदूषण रोकने सरकार को दिए आदेश:100 मीटर के भीतर प्लास्टिक प्रतिबंध करना पड़ेगा; कार्रवाई की रिपोर्ट भी देना होगी
नर्मदा नदी में गंदा पानी और डेरी का जल मिलने की समस्या को रोकने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राज्य सरकार को अहम निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने कहा है कि तीन माह के भीतर सरकार अपनी रिपोर्ट में यह स्पष्ट करे कि नदी में प्रदूषण रोकने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही एनजीटी ने निर्देश दिए हैं कि नर्मदा किनारे स्थित डेरी उद्योगों को हटाया जाए। रिपोर्ट के बाद इस मामले में अगली सुनवाई होगी। यह मामला नागरिक उपभोक्ता मंच के संरक्षक डॉ. पीजी नाजपांडे की याचिका से जुड़ा है, जिसमें नर्मदा नदी में लगातार हो रहे प्रदूषण का जिक्र किया गया था। एनजीटी की भोपाल बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि नर्मदा के बाढ़ क्षेत्र का सीमांकन किया जाए और प्रतिबंधित क्षेत्र से सभी स्थाई निर्माण हटाए जाएं। इसके अलावा नर्मदा नदी के 100 मीटर के दायरे में प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश भी दिया गया। एनजीटी ने पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिया है कि वे कलेक्टर्स के माध्यम से नर्मदा, परियट और गौर नदियों के किनारे स्थित डेरी उद्योगों को दूर शिफ्ट करवाएं, ताकि डेरी का प्रदूषण सीधे नदी में न मिल सके। सिर्फ 12 सीवर ट्रीटमेंट प्लांट्स कर रहे काम सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि जबलपुर में स्थापित 16 सीवर ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) में से केवल 12 ही काम कर रहे हैं, जबकि गौरीघाट, ललपुर, रानीताल और गुलौआ तालाब में लगाए गए 4 एसटीपी बंद हैं। एनजीटी ने कहा कि यह स्थिति नर्मदा के शुद्धिकरण में बाधक है और तीन माह के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए। स्थाई निर्माण हटाया जाए डॉ. पीजी नाजपांडे ने बताया कि एनजीटी ने सबसे पहले कहा कि नर्मदा के बाढ़ क्षेत्र का सीमांकन किया जाए और वहां किए गए सभी स्थाई निर्माण तुरंत हटाए जाएं। इसके साथ ही परियट, गौर और नर्मदा नदी के किनारे स्थित डेरी उद्योगों को हटाने का आदेश दिया गया, ताकि नदी में पानी साफ और प्रदूषण मुक्त रहे। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि आदेश में 100 मीटर के भीतर प्लास्टिक बैन करने का निर्देश भी दिया गया है। जबलपुर में 16 एसटीपी लगाए गए थे, जिनमें से 12 ही चल रहे हैं और 4 बंद हैं। इससे स्पष्ट होता है कि अभी भी नर्मदा का शुद्धिकरण अधूरा है और जल्द सुधार की आवश्यकता है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0