मुरैना लूटकांड- जिसे लूटा, वह निकला सायबर ठग::ट्रैवल संचालक और ड्राइवर मास्टरमाइंड, कोडवर्ड- टोल टैक्स कटने का मैसेज आना

Jan 31, 2026 - 09:10
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मुरैना लूटकांड- जिसे लूटा, वह निकला सायबर ठग::ट्रैवल संचालक और ड्राइवर मास्टरमाइंड, कोडवर्ड- टोल टैक्स कटने का मैसेज आना
मुरैना नेशनल हाईवे-44 पर 10 दिन पहले लूट हुई। लुटेरों ने फिल्मी स्टाइल में ओवरटेक कर गाड़ी रोकी। ड्राइवर की आंख में मिर्च पाउडर झोंका और रुपयों से भरा बैग लेकर गायब हो गए। फरियादी पुलिस के पास पहुंचा, खुद को व्यापारी बताया। 19 लाख रुपए की लूट की शिकायत की। जांच में जो सामने आया, पुलिस उसे सुनकर चौंक गई। यहां फरियादी व्यापारी नहीं, बल्कि लोगों के साथ सायबर फ्रॉड निकला। सायबर फ्रॉड के मामले में उत्तर प्रदेश में वह जेल भी जा चुका है। वहीं, ड्राइवर जो खुद को पीड़ित बता रहा था। हकीकत में वही लूट का आरोपी निकला। उसमें अपने मास्टर माइंड ट्रैवल्स मालिक के साथ मिलकर हाईवे पर लूट को अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से साढ़े 18 लाख रुपए, मोबाइल और कार भी बरामद किया है। पहले लूट की शिकायत और झूठ का खुलासा ‎21-22 जनवरी की दरमियानी रात नेशनल हाईवे 44 (आगरा रोड) पर सेल्स‎ टैक्स बैरियर से दो-तीन किमी दूर लूट हुई। फरियादी आगरा (उप्र) निवासी‎ अमन चौधरी ने सराय छोला पुलिस को बताया कि वह गुना में आलू व्यापारी है। ‎वह गुना निवासी अपने मुनीम व दोस्त बंटी किरार और ड्राइवर हर्ष ‎धाकड़ के साथ किराए की कार से 19 लाख रुपए नकद ‎लेकर गुना से आगरा जा रहा था। तीनों गुना से रात करीब 9 बजे रवाना ‎हुए थे। अमन के अनुसार, रात 2.46 बजे छोटा टोल पार करने के बाद‎ सफेद स्विफ्ट कार ने उनकी कार को ओवरटेक किया और टक्कर मार दी। ‎कार रुकते ही दूसरी कार में आए 5-6 बदमाश उतरे। मिर्च पाउडर फेंककर‎ मारपीट की। पिस्टल दिखाकर बैग में रखे नकदी, जरूरी कागजात ‎और चार मोबाइल लूट ले गए।‎ सिकरौदा नहर के पास घटना इतनी जल्दी में हुई कि कुछ समझ नहीं पाए। पुलिस ने तीन संयुक्त टीम गठित की। इसमें सिविल लाइन, क्राइम ब्रांच और बानमौर पुलिस शामिल थी। ट्रेवल्स संचालक और टैक्सी ड्राइवर निकले लुटेरे जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि फरियादी आलू व्यापारी नहीं, बल्कि शातिर सायबर ठग है। यह बात सामने आते ही पुलिस सायबर ठगी से जोड़ कर देखने लगी। इसके बाद पुलिस हिरासत में मौजूद टैक्सी ड्राइवर हर्ष धाकड़ को छोड़ने का मन बनाया। हर्ष को गिरफ्त से मुक्त करने की बात जब अधिकारियों को बताई, तो उन्होंने दोबारा पूछताछ के बाद छोड़ने को कहा। पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो बयान में विरोधाभास मिला। कार ड्राइवर हर्ष धाकड़ ने बताया कि बदमाशों ने उसके ‎साथ मारपीट की। आंखों में मिर्च डाली, लेकिन उसने व्यापारी के‎ पास बैग नहीं देखा। उसने यह भी बताया कि रास्ते में ग्वालियर में ‎कार रुकवाई गई थी, जहां अमन ने एटीएम से पैसे निकाले थे। पुलिस‎ को यह बात खटक गई कि यदि पहले से लाखों रुपए नकद थे, तो ‎एटीएम से पैसे निकालने की जरूरत क्यों पड़ी? इन‎के बाद पुलिस ने गुना के आलू व्यापारियों से बात की। पता ‎चला कि अमन चौधरी नाम का आलू व्यापारी नहीं है। पुलिस ने फरियादी अमन चौधरी और उसके सहयोगी बंटी किरार की कुंडली खंगाली। पता चला कि दोनों आलू व्यापारी नहीं हैं, बल्कि साइबर ठग हैं। इन दोनों पर उत्तर प्रदेश में सायबर फ्रॉड के मामले दर्ज हैं। हाल में बनारस में जेल से सजा काट कर आए हैं। जानिए, गुना में रची गई लूट को साजिश को पुलिस जिस हर्ष धाकड़ को मासूम मानकर छोड़ना चाहती थी, जब उसके मोबाइल की सीडीआर निकाली, तो चौंक गई। हकीकत में लूटकांड का वही राजदार निकला। पता चला कि ड्राइवर और यादव ट्रेवल्स के संचालक जितेंद्र यादव के बीच कई बार बात हुई थी, जिसमें लूट का भी जिक्र था। अमन चौधरी ने आगरा जाने के लिए गुना के यादव ट्रेवल्स से टैक्सी बुक की। कार लेकर ड्राइवर हर्ष धाकड़ को आगरा जाना था। अमन के पास बैग था। हर्ष ने गुना में मौका मिलते ही बैग चेक किया, जिसमें लाखों रुपए दिखे। उसने तत्काल इसकी जानकारी अपने मालिक जतेंद्र यादव को दी। दोनों ने मौके पर ही लूट की साजिश रच डाली। तय हुआ कि लूट को मुरैना क्राॅस कर नेशनल हाईवे 44 सिकरौदा नहर के पास अंजाम देंगे। साजिश में 5 को शामिल किया, मुरैना टोल का मैसेज लूट का संकेत वारदात को अंजाम देने और साथियों की जरूरत थी। जितेंद्र ने हर्ष से कहा- तू गाड़ी लेकर निकल, धीरे चलना। जितेंद्र ने कहा था कि मैं साथियों के साथ पहले से ही सिकरौदा नहर के पास पहुंचकर खड़ा हो जाऊंगा। मेरे मोबाइल पर मुरैना के छौंदा टोल टैक्स पर फास्ट टैग कटने का मैसेज तो ही मुझे लोकेशन मिल जाएगी। मैं इसे संकेत मान लूंगा। हम तुम्हारी गाड़ी को ओवर टेक करेंगे। मिर्च पाउडर डाल कर लूट को अंजाम देंगे। हर्ष के निकलते ही जितेंद्र ने तत्काल 5 साथियों को तैयार किया। लूट के लिए रवाना हो गया। इन 5 में पुजारी गौरव शर्मा भी शामिल था। जितेंद्र यादव ने शिवपुरी की किराना दुकान से मिर्च पाउडर खरीदा। रात का समय था। अकेले मिर्च पाउडर खरीदूंगा, तो शक होगा। उसने साथ में धनिया पाउडर भी ले लिया। 39 लाख की ठगी ‎में जेल जा चुका है बंटी‎ आगरा के अमन चौधरी का मुनीम‎ बनकर थाने पहुंचा कमलेश किरार उर्फ‎ बंटी (30 वर्ष), निवासी भार्गव ‎कॉलोनी गुना ने अगस्त 2024 में वाराणसी की एक‎ महिला से 39 लाख रुपए की ऑनलाइन‎ ठगी की थी। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। पीड़ित की शिकायत पर वाराणसी पुलिस ने गुना से आरोपी को दबोचा था। वह ऑनलाइन ठगी गिरोह का ‎मास्टरमाइंड निकला था। जांच में सामने आया कि पीजी तक ‎पढ़ा-लिखा कमलेश बेरोजगार युवकों‎ को निशाना बनाता था। वह पार्ट-टाइम ‎जॉब की फर्जी वेबसाइट बनाकर नौकरी ‎दिलाने का झांसा देता। युवकों से ‎उनके बैंक खातों में पैसा डलवाकर ‎ऑनलाइन ठगी करता था। गिरोह के माध्यम से वह अलग-अलग ‎राज्यों में सक्रिय था। यूपी पुलिस द्वारा ‎गिरफ्तार किए जाने के बाद कमलेश‎ उर्फ बंटी करीब 14 माह तक जेल में‎ रहा। कार से मिले मिर्च पाउडर, 17 डेबिट कार्ड मिले… सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव के अनुसार यह वारदात चुनौती थी। पहले तो अमन चौधरी आलू व्यापारी नहीं निकला, तो केस ही पलट गया। जब जांच में बढ़ी, तो क्लू मिलते गए, जिसने साइबर से लेकर लूट तक की कहानी दर्शा दी। मैंने गुना में खुद डेरा डाला। एक-एक कर आरोपियों को उठाया। पहले गाड़ी मालिक यादव ट्रेवल्स संचालक जितेंद्र यादव को उठाया, जोकि लूट का मास्टर माइंड है। उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपियों को पकड़ा। पुलिस ने जब कार की तलाशी ली, तो उसमें चार मोबाइल‎ फोन और अलग-अलग नामों के 17 डेबिट कार्ड मिले। घटनास्थल ‎की जांच के दौरान मिर्च पाउडर का खाली पाउच मिला, जिस पर गुना ‎का रैपर लगा था। इसके अलावा लूटे गए दो मोबाइल फोन पास के ‎खेत में पड़े मिले। पुलिस को शक हुआ कि लूट की कहानी फर्जी है। अमन चौधरी के पास से एटीएम और मोबाइल मिले हैं, जो साइबर फ्राॅड की ओर इशारा करते हैं।‎ 300 से अधिक सीसीटीवी खंगाले एसपी समीर सौरभ के अनुसार-केस की तह तक जाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल से लेकर गुना तक 300 से अधिक सीसीटीवी खंगाले। इन्हीं की मदद से शिवपुरी में मिर्च खरीदने वाली बात पता चली। घटना के बाद से ही केस अलग-अलग दिशा में गया, लेकिन जैसे-जैसे जांच बढ़ी, कड़ियां जुड़ती गईं। खुद को आलू व्यापारी बताने वाले अमन चौधरी और बंटी किरार के सायबर ठग के अपराधी निकले। दोनों बनारस जेल से जमानत पर आए थे। लगा था मामला सायबर ठगी का है। जब टैक्सी ड्राइवर की सीडीआर निकाली, तो लूट होना साबित हुआ। पुलिस ने गुना में डेरा डालकर ट्रेवल्स मालिक समेत 6 आरोपियों को पकड़ा। इनके पास से लूट की रकम भी मिली। अमन चौधरी से हिसाब मांगा, तो वह नहीं दे पाया। पुलिस साइबर फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला… वाले एंगल पर भी जांच कर रही है। अमन चौधरी और बंटी को राउंडअप किया है। इसमें दूसरे खुलासों की भी उम्मीद है।

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