पुलिस की सुबह छापेमारी:शाम को खुलेआम मिल रहा गोगो और चिलम, 10 रुपए का 1 पेपर
राजधानी के तीनों जोन सेंट्रल, नार्थ, वेस्ट के साथ ही देहात इलाकों में नशे के खिलाफ लगातार पुलिस अभियान चल रहा है। अवैध शराब से लेकर ड्रग्स, गांजा और नशीली दवाइयों के तस्करों को पकड़ा जा रहा है। इसके बावजूद नशे का अवैध कारोबार थम नहीं रहा है। कई जगह नशे का सामान खुलेआम बिक रहा है, तो कहीं चोरी-छिपे पुड़िया बनाकर दिया जा रहा है। तस्कर कार्रवाई से बचने के लिए होम डिलीवरी तक करने लगे हैं। पुलिस की कार्रवाई के बीच भास्कर की टीम ने शाम को राजातालाब, सड्डू, डंगनिया, टिकरापारा और रायपुरा इलाके में नशे का सामान खरीदने का प्रयास किया, जहां आसानी से गोगो पेपर मिल गया। इसका उपयोग गांजा पीने के साथ ही ड्रग्स के नशे में भी किया जा रहा है। 10 से 25 रुपए में गोगो पेपर बेचा जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई से कीमत बढ़ी
पुलिस की कार्रवाई के बाद 10 रुपए में मिलने वाला गोगो पेपर अब 25 से 30 रुपए तक बिक रहा है। पहले पान ठेलों और दुकानों में गांजा लपेटकर गोगो दिया जाता था, लेकिन कार्रवाई के बाद अब सिर्फ पेपर बेचा जा रहा है। गोगो बेचने वालों को पुलिस की कार्रवाई की सूचना पहले ही मिल जाती है। जैसे ही पुलिस निकलती है, दुकानें बंद कर दी जाती हैं और पुलिस के जाने के बाद फिर से खोल दी जाती हैं। गोगो के अलावा कुम्हारों के पास अब भी मिट्टी की चिलम बिक रही है। गोलबाजार इलाके में चीनी मिट्टी और प्लास्टिक की चिलम भी बेची जा रही है। रायपुर नार्थ जोन में छापेमारी, 9 दुकानें सील, नशे में उपयोग होने वाला 2 लाख रायपुर में पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद नशे के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। बुधवार की सुबह रायपुर नार्थ जोन में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान 9 दुकानों और पान ठेलों से गांजा सेवन में उपयोग होने वाला गोगो पेपर और हुक्के का सामान मिला। पुलिस ने सारा सामान जब्त कर लिया है। इसकी कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने संबंधित दुकानों को सील कर दिया है। इसी तरह पुलिस ने उरला-बीरगांव इलाके में छापेमारी कर चार पान ठेलों और दुकानों से गोगो पेपर जब्त किया है। इन दुकानों को सील कर दिया गया और संचालकों के खिलाफ कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। इसी तरह खमतराई, उरला समेत अन्य इलाकों में भी कार्रवाई की गई है। पुलिस का दावा है कि गोगो पेपर से गांजा तस्करी बढ़ रही है। नशेड़ी इसका उपयोग गांजा पीने के लिए करते हैं। बीड़ी की तरह इसमें गांजा लपेटकर कश लगाया जाता है। वहीं प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम हुक्का का सामान बेचा जा रहा है, जिसमें फ्लेवर समेत अन्य सामग्री शामिल है।
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