उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ में 48 घंटों में ठंड बढ़ेगी:वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर, 1 से 2 डिग्री गिरेगा तापमान; दो दिन बाद राहत की उम्मीद

Jan 22, 2026 - 09:39
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उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ में 48 घंटों में ठंड बढ़ेगी:वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर, 1 से 2 डिग्री गिरेगा तापमान; दो दिन बाद राहत की उम्मीद
छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। पिछले 24 घंटों की बात करें तो प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.8°C दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.4°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में एक्टिव वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण छत्तीसगढ़ में ठंडी हवाएं पहुंच रही हैं, जिसके असर से प्रदेश के मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ठंडी हवाओं के कारण रात के तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है। सुबह के समय धुंध या हल्का कोहरा छा सकता है। ठंड की ये तस्वीरें देखिए... तीन सिनोप्टिक सिस्टम एक्टिव 1. दक्षिण पाकिस्तान में साइक्लोन सर्कुलेशन 2. ऊपरी और मध्य वायुमंडल में ट्रफ 3. ऊंचाई पर बहने वाली तेज हवा यही सिस्टम छत्तीसगढ़ में ठंड बढ़ा रहा छत्तीसगढ़ में इस सिस्टम के चलते रात के तापमान में गिरावट की संभावना है। खासकर उत्तर और मध्य भारत से आ रही ठंडी हवाओं की वजह से छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान 1-2 डिग्री तक गिर सकता है। उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, धूप निकलेगी, लेकिन सुबह और रात ठंडी बनी रहेंगी। वहीं इन सिस्टम्स का असर सिर्फ ठंडी हवाओं तक सीमित है, इसलिए प्रदेश में बारिश के आसार नहीं हैं। कुल मिलाकर यह पूरा सिनॉप्टिक सिस्टम उत्तर भारत की ठंड को छत्तीसगढ़ तक पहुंचा रहा है। इसका सीधा असर रात की ठंड बढ़ने, सुबह धुंध और कुछ इलाकों में शीतलहर के रूप में देखने को मिलेगा। बच्चों पर पड़ रहा ठंड का असर कड़ाके की ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में रायपुर के अंबेडकर समेत निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है। नवजातों की मांसपेशियां कम विकसित होती हैं, जिससे वे ठंड सहन नहीं कर पाते। वहीं, सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में हाइपोथर्मिया का खतरा और बढ़ जाता है। NICU और SNCU तक पहुंच रहे मामले डॉक्टरों के अनुसार, पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने पर बच्चों को एनआईसीयू (NICU) और एसएनसीयू (SNCU) में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। नवजात का शरीर अचानक ठंडा पड़ जाना या तापमान सामान्य से कम हो जाना हाइपोथर्मिया का प्रमुख लक्षण है। OPD में मरीजों की भीड़ ठंड के चलते अस्पतालों की ओपीडी में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अंबेडकर अस्पताल में मेडिसिन, पीडियाट्रिक और चेस्ट विभाग में 600 से ज्यादा मरीज सामने आए हैं। रोजाना 2000 से अधिक मरीजों का इलाज ओपीडी में किया जा रहा है। क्या है हाइपोथर्मिया? हाइपोथर्मिया एक लाइफ थ्रेटनिंग इमरजेंसी स्थिति है। इसमें शरीर का सामान्य तापमान 98.6 फॉरेनहाइट (37 डिग्री सेल्सियस) से नीचे चला जाता है। तापमान गिरने पर शरीर सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता और धीरे-धीरे उसके अहम अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। पीडियाट्रिशियन डॉ. आकाश लालवानी के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर हवा या पानी के संपर्क में आकर तेजी से अपनी गर्मी खो देता है। शरीर की लगभग 90 फीसदी गर्मी त्वचा और सांस के जरिए बाहर निकलती है। ठंडी हवा या नमी के संपर्क में आने पर यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है। अगर कोई व्यक्ति ठंडे पानी में है, तो उसका शरीर हवा की तुलना में 25 गुना तेजी से अपनी गर्मी खोता है, जिससे हाइपोथर्मिया का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। रायपुर में नगर निगम ने कई जगहों पर अलाव रायपुर में शीतलहर का असर बढ़ते ही नगर निगम ने आम लोगों को राहत देने के लिए शहर में अलाव जलाए जा रहे हैं। निगम ने 12 से अधिक लोकेशन पर रातभर अलाव जलवाने के निर्देश दिए थे, ताकि बेघर, राहगीरों और आम नागरिकों को ठंड से तुरंत राहत मिल सके। रायपुर नगर निगम की मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप के निर्देशों के बाद सभी जोन कमिश्नरों और जोन हेल्थ अधिकारियों से रात में फील्ड में रहने और अलाव के इंतजाम की निगरानी करने को कहा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने भी जारी की एडवाइजरी स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से हाइपोथर्मिया, सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर का खतरा बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि शीतलहर के दौरान, केवल आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें और बाहर निकलते समय पूरी तरह गर्म कपड़े पहनें। मलेरिया फैलने का खतरा भी बढ़ा मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में मलेरिया फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है। पिछले कुछ दिनों से रायपुर में दिन का तापमान लगातार प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा है। वहीं सूरज ढलते ही तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। ऐसे में ऑफिस जाने वाले, स्कूली बच्चों काे गर्म कपड़े साथ रखने चाहिए। ताकि अचानक तापमान गिरने का असर तबीयत पर न पड़े। सर्दियों में इम्यूनिटी मजबूत करें गर्म पानी से भाप लेना फायदेमंद अगर बंद नाक की समस्या है तो गर्म पानी से भाप लेना बेहद फायदेमंद है। भाप नाक के जरिए हमारे शरीर में जाकर गर्मी पैदा करती है। नाक में जमा म्यूकस भाप की गर्मी से ढीला हो जाता है, जिससे बंद नाक की समस्या दूर हो सकती है। इसके लिए एक बाउल में गर्म पानी लें। फिर सिर को एक कॉटन टॉवेल से ओढ़ लें। इसके बाद बर्तन का ढक्कन हटाकर 5 से 10 मिनट तक भाप लें। गले में खराश होने पर करें नमक-पानी के गरारे आमतौर पर गले में खराश वायरस के कारण होती है। नमक-पानी के गरारे से इसमें राहत मिलती है। अगर सर्दी-खांसी ज्यादा है तो नमक-पानी में तुलसी की कुछ पत्तियां भी मिला सकते हैं। तुलसी में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो सर्दी-खांसी में काफी आराम पहुंचाते हैं। इसके लिए कम-से-कम एक कप गर्म पानी में एक चौथाई चम्मच नमक घोलकर गरारे कर सकते हैं। विटामिन C रिच डाइट लें विटामिन C एंटीऑक्सीडेंट्स का काम करती है, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाती है। विटामिन C की कमी से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। इसके लिए सर्दियों में विटामिन C से भरपूर चीजें जैसे संतरा, नींबू, आंवला को अपनी डाइट में शामिल करें। इससे न सिर्फ इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होगी, बल्कि वायरल इन्फेक्शन का खतरा भी कम होता है। अदरक-तुलसी की चाय बेहद फायदेमंद अदरक और तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया से लड़ने में मददगार हैं। इसकी चाय पीने से वायरल इन्फेक्शन से बच सकते हैं। इसके अलावा तुलसी और अदरक का काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं। यह शरीर में जमे कफ को बाहर निकलता है। साथ ही सर्दी-ज़ुकाम, खांसी और गले की खराश में आराम दिलाता है।

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