साय कैबिनेट:तेंदूपत्ता खरीदने लोन की मंजूरी समेत 10 फैसले
लंबे समय से चर्चा में रही पुलिस कमिश्नर प्रणाली रायपुर में 23 जनवरी से शुरू हो जाएगी। यह फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। इसके अलावा कैबिनेट ने राजधानी रायपुर में 20 जनवरी के शुरू होने वाले ऑटो एक्सपो में वाहन खरीदने वालों को लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 फीसदी छूट देने, तेंदूपत्ता खरीदी के लिए लोन लेने की मंजूरी समेत 10 निर्णय लिए। बैठक में वर्ष 2026 के लिए संग्राहक परिवारों से 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता की खरीदी करने के लिए राज्य सरकार की गारंटी पर ऋण लेने की अनुमति दी गई। साथ ही कोदो, कुटकी और रागी जैसे मोटे अनाजों की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी दी जाएगी, जिससे आदिवासी क्षेत्रों में पोषण और आमदनी दोनों बढ़ेंगे। इसके अलावा संघ को 30 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण भी दिया जाएगा, ताकि वनोपज के भंडारण, प्रोसेसिंग और विपणन की क्षमता बढ़ाई जा सके। सरकार ने वित्तीय बोझ कम करने के लिए पांच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए पुराने ऋणों को 55.69 करोड़ रुपए में पूरी तरह चुकाने का निर्णय लिया है। इससे हर साल लगभग 2.40 करोड़ रुपए का ब्याज खर्च खत्म होगा और सरकार पर लंबित 229.91 करोड़ रुपए की गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी। राज्य में निवेश और उद्योगों को आकर्षित करने के लिए औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में संशोधन किया गया है। इससे प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञों की नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र से जुड़ी अड़चनें दूर होंगी और राज्य में गुणवत्तापूर्ण निवेश व स्थायी रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। रोड टैक्स में छूट से 3 हजार से 12 लाख रु. तक का लाभ होगा राजधानी रायपुर में जनवरी में होने वाले ऑटो एक्सपो में ग्राहकों को रोड टैक्स में 50 फीसदी छूट दी जाएगी। इससे दोपहिया से लेकर हेवी व्हीकल तक ग्राहकों को तीन हजार रुपए से लेकर 12 लाख रुपए तक का लाभ मिलेगा। पिछले साल दिए गए छूट के कारण ऑटो एक्सपो में लगभग दस हजार से ज्यादा वाहनों की बिक्री हुई है। इसलिए इस साल भी 50 फीसदी छूट देने का निर्णय लिया गया है। पिछले साल ग्राहकों को सभी वाहनों को मिलाकर 13 करोड़ रुपए तक का लाभ मिला था। इस साल इससे अधिक की छूट मिलने की संभावना है। नगर निगम रायपुर और बीरगांव क्षेत्र में लागू होगी कमिश्नरी, ग्रामीण एसपी अलग होंगे रायपुर में कमिश्नर प्रणाली मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर लागू होगी। इसमें नगर निगम रायपुर और बीरगांव क्षेत्र में कमिश्नरी सिस्टम लागू किया जाएगा। इस क्षेत्र में करीब 20 लाख आबादी रहती है। इसके अलावा आरंग, तिल्दा, खरोरा, अभनपुर, नवा रायपुर और माना क्षेत्र रायपुर ग्रामीण एसपी के अधीन होगा। इस तरह रायपुर जिले के 36 में से 21 थाने कमिश्नरी क्षेत्र मेंं होंगे, बाकी 15 थाने ग्रामीण में होंगे। कमिश्नर को कलेक्टर की तरह के 17 अधिकार दिए जाएंगे। इसमें आर्म्स एक्ट, धारा 144 लगाने जैसे अधिकार शामिल हैं। यानी अब बंदूक लाइसेंस लेने के लिए कमिश्नर ऑफिस में आवेदन करना होगा। 23 जनवरी से लागू होने वाले कमिश्नरी सिस्टम का खाका अगले सात दिन में तैयार हो जाएगा। ये अधिकार दिए जा सकते हैं कमिश्नर को- यूएपीए एक्ट (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम), अनैतिक देहव्यापार और मानव तस्करी को रोकना (इम्मोरल ट्रैफिकिंग एक्ट), मोटर व्हीकल एक्ट, कारागार अधिनियम (प्रिजन्स एक्ट), पॉइजन एक्ट, कैटल ट्रेस पास एक्ट यानी जानवरों को ले जाने के लिए पास जारी करने जैसे अधिकार अभी तक डीएम के पास रहते थे। लेकिन अब ये अधिकार कमिश्नर के पास भी होंगे। दिल्ली से छोटे क्षेत्र होंगे रायपुर में : दिल्ली में कमिश्नर प्रणाली 15 हिस्सों में बंटी है, इसके अंतर्गत 180 थाने आते हैं। जबकि रायपुर कमिश्नर प्रणाली तीन भागों में हैं और सिर्फ 21 थाने हैं। यानी 7 थाने पर एक डीसीपी होगा, जबकि दिल्ली में औसत 12 थाने पर एक डीसीपी है। बता दें कि रायपुर जिले में अभी 31 थाने ही हैं। कमिश्नरी बनने पर पांच चौकियों को भी थाने में बदला जाएगा। इसमें सिलतरा, राजा तालाब जैसी चौकियां शामिल हैं। 3 हिस्सों में बंटेगी कमिश्नरी
रायपुर कमिश्नरी को तीन हिस्सों में बांटा जा रहा है। मध्य, पूर्व, पश्चिम। हर क्षेत्र की कमान डीसीपी के हाथ में होगी, यह एसपी रैंक का अफसर होगा। इनके ऊपर एडिशनल कमिश्नर और कमिश्नर होंगे। कमिश्नर के अंडर में एडिशनल डीसीपी होंगे और 21 एसीपी रहेंगे, यह डीएसपी रैंक के अफसर होंगे। यानी हर थाने की कमान अब टीआई को नहीं डीएसपी रैंक के अधिकारी को होगी। इसके अलावा मुख्यालय में तीन डीसीपी नियुक्त किए जाएंगे। यह क्राइम, प्रोटोकाल, ट्रैफिक, अजाक और महिला अपराध जैसे विंग देखेंगे। 23 जनवरी ही क्यों
पहले 1 जनवरी से कमिश्नर सिस्टम लागू होना था। कैबिनेट की बैठक में जब यह प्रस्ताव पहुंचा, तो कुछ मंत्रियों का सुझाव था कि इस समय मलमास चल रहा है। फिर 14 जनवरी की तिथि तय की गई, लेकिन उस समय गृहमंत्री की विदेश यात्रा प्रस्तावित है। इसके बाद 26 जनवरी पर सबकी सहमति नहीं बनी। फिर 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती को शुभ दिन माना गया और सबकी सहमति पर यह तारीख तय हुई। ये थाने कमिश्नर प्रणाली में हो सकते हैं शामिल: सिविल लाइन, तेलीबांधा, देवेंद्र नगर, पंडरी, कोतवाली, गोलबाजार, गंज, मौदहापारा, पुरानी बस्ती, राजेंद्र नगर, टिकरापारा, डीडी नगर, आजाद चौक, सरस्वती नगर, आमानाका, कबीर नगर, खमतराई, गुढियारी, उरला, धरसींवा, खम्हारडीह।
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