खौफ खत्म, अब दिखेगा बस्तर का असली रंग:2026 में 20 लाख से ज्यादा सैलानियों के आने की संभावना, 2025 में 12 लाख टूरिस्ट पहुंचे
कभी नक्सलवाद के लिए पहचाना जाने वाला बस्तर अब तेजी से देश-विदेश के पर्यटकों का पसंदीदा पर्यटन स्थल बनता जा रहा है। 2025 में बस्तर जिले में देश-विदेश से करीब 12 लाख पर्यटक पहुंचे, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर 20 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। यह बदलाव इलाके में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटन विकास और सरकारी प्रयासों का नतीजा माना जा रहा है। बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, झरनों, गुफाओं और आदिवासी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, दंतेश्वरी मंदिर, बस्तर दशहरा, धुड़मारास गांव में बैंबू राफ्टिंग और आदिवासी हाट-बाजार पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। 2025 में पर्यटकों में बड़ी संख्या छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और दक्षिण भारत के राज्यों से रही। यूरोप और एशियाई देशों से भी विदेशी पर्यटक बस्तर पहुंचे। पर्यटन विभाग के अनुसार, सुरक्षा हालात में सुधार के बाद पर्यटकों का भरोसा बढ़ा है। सड़कों, होमस्टे, रिसॉर्ट, गाइड सुविधा और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार से यात्रा पहले से ज्यादा आसान और सुरक्षित हो गई है। बस्तर के कई गांवों में होमस्टे मॉडल शुरू होने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है। 2026 में पर्यटकों की संख्या में 60-70 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान है। पर्यटन बढ़ने से आर्थिक गतिविधि में तेजी, युवाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़े स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों और टैक्सी ड्राइवरों का कहना है कि पर्यटन बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई। युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। बस्तर की सकारात्मक छवि देशभर में उभर रही है। आने वाले दिनों में यहां पर्यटन के क्षेत्र और भी तेजी देखने मिलेगी। लोग दूर-दूर से यहां आ रहे हैं। 2026 में बस्तर घूमने के लिए आने वाले पर्यटकों की संख्या में 60 से 70 % बढ़ोतरी होने की जताई जा रही है संभावना
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