साध्वी रंजना बोलीं- ना शुक्रवार देंगे, ना हरा रंग:राजगढ़ में हिंदू सम्मेलन में कहा- टोपीवालों, तुम्हारी आवाज से सनातन नहीं मिटेगा

Dec 31, 2025 - 19:34
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साध्वी रंजना बोलीं- ना शुक्रवार देंगे, ना हरा रंग:राजगढ़ में हिंदू सम्मेलन में कहा- टोपीवालों, तुम्हारी आवाज से सनातन नहीं मिटेगा
अरे! टोपीवालों...प्रयास कर-कर तुम कब्रों में दफन हो गए...और आज भी तुम्हारे प्रयास जारी हैं, लेकिन हम उन्हें सफल नहीं होने देंगे। जो सनातन नहीं मिटा लंकेश की हुंकार से, जो सनातन नहीं मिटा कंस की तलवार से, वह सनातन क्या मिटेगा, कठमुल्लों तुम्हारी आवाज से। हम जाति और संप्रदाय के नाम पर बंटते जा रहे हैं। यह बात भोपाल (औबेदुल्लागंज) आईं साध्वी रंजना दीदी ने विराट हिंदू सम्मेलन में कही। राजगढ़ के छापीहेड़ा में श्रीरामलला प्राण-प्रतिष्ठा उत्सव की वर्षगांठ पर बुधवार को विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें करीब 20 हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे। कार्यक्रम में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा समेत कई साधु-संत शामिल हुए। जयश्री राम से शुरू किया संबोधन साध्वी रंजना दीदी ने मंच पर पहले जयश्री राम और भारत माता की जय के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि जैसी आवाज आनी चाहिए, वैसे आ नहीं रही। भारत माता का जयकारा तो बोलना ही पड़ेगा, क्योंकि जो विधर्मी, जो कठमुल्ले, जो ईसाई मिशनरी हिंदू संस्कृति पर कीचड़ उछालने का काम कर रहे हैं, उनके कानों में आवाज जानी चाहिए। महाराष्ट्र के संभाजी नगर में याद करो, औरंगजेब की उस कब्र को जहां वह दफन है, उसके कानों तक भी आवाज जानी चाहिए, ताकि उसे पता चल जाए कि उसने हमारे हिंदू धर्म को मिटाने में कमी नहीं छोड़ी।तुमने हिंदू संस्कृति पर कीचड़ उछालने, उसे नष्ट करने का प्रयास किया, मंदिरों को लूटा, संस्कृति को छिन्न-भिन्न किया। महिलाओं से बोलीं- अपनी शक्ति पहचानिए साध्वी ने महिलाओं से कहा कि मातृ शक्ति किसी से कम नहीं है, अगर धरती पर राम, कृष्ण और शिवाजी जैसे महापुरुषों को भी जन्म लेना पड़ा तो उन्हें भी मां की कोख का सहारा लेना पड़ता है, इसलिए मातृ शक्तियों आप अपनी शक्ति को पहचानिए। राजगढ़ की भूमि से राष्ट्रभक्त निकलते हैं, इसलिए मानती हूं कि यहां बैठा हर व्यक्ति राष्ट्रभक्त होगा। कहा- उर्दू तो हमारी मौसी उन्होंने कहा कि "इबादत" शब्द प्रयोग करने पर, मुझे एक व्यक्ति ने कहा कि आप उर्दू का शब्द यूज करती हो। मैंने कहा- क्या उर्दू शब्द पर किसी की पाबंदी है। बोले- हां, वह तो मुसलमानों की भाषा है। मैंने कहा - यही तो भूल है। यह उर्दू कठमुल्लों की नहीं है, उर्दू तो हमारी मौसी है। इनका ही जरा बताइए। शुक्रवार और हरा रंग उनको नहीं देंगे साध्वी ने कहा कि हम लोग कहते हैं, शुक्रवार भी इनका है। आप हाथ ऊपर कर संकल्प करो कि हम शुक्रवार इनको नहीं देंगे, क्योंकि शुक्रवार हमारी मां लक्ष्मी का दिन है। हमने हरा रंग उनको दे दिया। लोग कहते हैं कि दीदी हरा रंग तो टोपी धारियों का है। मैंने कहा- यह टोपी नहीं है, यह बीमारी है, क्योंकि हर रंग टोपी धारियों का नहीं है, क्योंकि हमारी प्रकृति हरी है, इसलिए हाथ ऊपर कर संकल्प करो। आज से आंदोलन चालू कि हम इनको हरा रंग भी नहीं देंगे। हमने चांद उनको दे दिया। चंदा मामा से प्यारा मेरा...। तेज आवाज में बोलिए- टोपी धारियों पता तो चलना चाहिए कि हिंदू बंटा नहीं है। आंदोलन करो कि आज से उनको चांद भी नहीं देंगे, क्योंकि चंदा हमारा मामा है। माता-बहनों को बुर्के में कैद कर लिया साध्वी रंजना ने कहा कि खतना करवा कर खुद तो कठमुल्ले बन गए। घरों में माता-बहनों को बुर्के में कैद कर रखा है। उनका भी खतना नहीं हुआ, वह भी हिंदू हैं, इसलिए मैं उन माताओं का आह्वान करती हूं। किस दिन कठमुल्लों ने आपको बुर्के में कैद कर रखा है। सनातन बाहें फैलाकर स्वागत करता है। भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं। कोई पूछेगा, सनातन में मिलेगा क्या? यहां नारी सम्मान मिलेगा। तीन तलाक से मुक्ति मिलेगी। हमने "रस खान" के गुण भी गुनगुनाए हैं साध्वी ने कहा कि तुम स्वीकार कर लो कि राम हमारे पिता हैं। तुम भारत भूमि का खाते हो, लेकिन भारत माता की जय बोलने में प्रॉब्लम है। कैसे बल का प्रदर्शन करते हो आप? तुमसे तो हम अच्छे हैं कि भयभीत होकर हिंदू बने रहे, लेकिन हमने इस्लाम स्वीकार नहीं किया। ईसाई मिशनरी का 25 दिसंबर हम मानते हैं। कई लोग तो नया वर्ष भी मनाते हैं। यह हमारा नया साल नहीं है। धूमधाम से गुड़ी पड़वा पर नव वर्ष मानना चाहिए। हम बंटेंगे तो कटेंगे और घटेंगे भी साध्वी ने कहा कि हम बंटेंगे तो कटेंगे और घटेंगे तो भी। पाकिस्तान की स्थिति देखी आपने। वहां हिंदू एक है, लेकिन क्यों कट रहा, क्योंकि वहां पर घटा है। बांग्लादेश की स्थिति देख रहे हो, वहां बेटियों को चौराहे पर जिंदा जलाया जा रहा है। कब तक सोते रहोगे। जागना पड़ेगा। बांग्लादेश में हिंदू संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन यहां के हिंदुओं को बोलना चाहती हूं कि उन्हें आपके साथ की जरूरत है। इस कारण उद्घोष करो, ना हम बंटेंगे, ना घटेंगे और ना कटेंगे, ऐसा भाव रखो। सनातन का मुख्य आधार हिंदू उन्होंने कहा- सनातन परंपरा का मुख्य आधार हिंदू है। उन्होंने आह्वान किया कि हिंदुओं को जाति-पात और ऊंच-नीच के भेद को समाप्त कर एक सूत्र में बंधना होगा। साध्वी जी ने कहा कि जहां हिंदू समाज कमजोर हुआ है, वहां उसे उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है। देश तभी प्रगति करेगा, जब समाज भेदभाव छोड़कर कंधे से कंधा मिलाकर एकजुट होकर आगे बढ़ेगा।

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