महाराज भवानी सिंह ने चर्च के लिए दी थी जमीन:छतरपुर में 1930 में अमेरिकी मिशनरियों ने किया निर्माण; नौगांव में 142 साल पुराना ब्रिटिशकालीन चर्च

Dec 25, 2025 - 10:08
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महाराज भवानी सिंह ने चर्च के लिए दी थी जमीन:छतरपुर में 1930 में अमेरिकी मिशनरियों ने किया निर्माण; नौगांव में 142 साल पुराना ब्रिटिशकालीन चर्च
छतरपुर जिले में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान बनाए गए चर्च आज भी अपनी ऐतिहासिक पहचान के साथ खड़े हैं। छतरपुर शहर का मित्र कलीशिया चर्च करीब 94 वर्ष पुराना है, जबकि नौगांव का करीब 142 साल पुराना आर्मी चर्च ब्रिटिश काल की महत्वपूर्ण धरोहर माना जाता है। ये चर्च आजादी से पहले अंग्रेजों और अमेरिकी मिशनरियों की ओर से स्थापित किए गए थे, जिनका संचालन अब मसीही समाज और भारतीय सेना कर रही है। शहर के महोबा रोड पर स्थित मित्र कलीशिया चर्च की स्थापना साल 1930-31 में की गई थी। इस तरह यह चर्च आज करीब 94 साल पुराना हो चुका है। चर्च की स्थापना अमेरिकी मिशनरियों द्वारा की गई थी। इसके लिए छतरपुर के तत्कालीन महाराजा भवानी सिंह ने जमीन दान में दी थी। आजादी से पहले अमेरिकी मिशनरियों के अधीन था चर्च भारत की आजादी से पहले तक छतरपुर के मित्र कलीशिया चर्च का संचालन अमेरिकी मिशनरियों द्वारा किया जाता था। इतिहासकारों के अनुसार उस दौर में चर्च की धार्मिक गतिविधियां और देखरेख पूरी तरह विदेशी मिशनरियों के हाथ में थी। 1955 में मसीही समाज को सौंपा गया चर्च इतिहासकार शंकर लाल सोनी के अनुसार, साल 1955 में अमेरिकी मिशनरियों ने छतरपुर का चर्च भारतीय मसीही समाज को सौंप दिया था। इसके बाद से लगातार स्थानीय मसीही समाज द्वारा चर्च की देखरेख और आराधना की जा रही है। वर्ष 1979 में चर्च का जीर्णोद्धार भी कराया गया था। नौगांव में 142 साल पहले बना था आर्मी चर्च छतरपुर जिले की रियासतकालीन छावनी नौगांव में भी ब्रिटिश शासनकाल के दौरान एक चर्च का निर्माण कराया गया था। इस चर्च की आधारशिला 1883 में रखी गई थी। यह चर्च आज भारतीय सेना के अधीन है और आर्मी चर्च के रूप में जाना जाता है। यह चर्च भी आजादी से पहले का है और ब्रिटिश काल की धार्मिक और सैन्य व्यवस्था की गवाही देता है। नौगांव में मौजूद अन्य ब्रिटिशकालीन धरोहरें नौगांव क्षेत्र में ब्रिटिश शासनकाल की कई अन्य संरचनाएं आज भी सुरक्षित हैं। इनमें पुरानी जेल (बंदीगृह), कालकोठरी और कैदियों का कारावास शामिल है। इसके अलावा रियासतकालीन सचिवालय भवन, हाईकोर्ट भवन और गवर्नमेंट प्रेस की इमारतें अब सरकारी कार्यालय, स्कूल और अस्पतालों में तब्दील हो चुकी हैं। इतिहासकार शंकर लाल सोनी ने बताया कि छतरपुर और नौगांव के चर्च ब्रिटिश काल की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। छतरपुर का चर्च अमेरिकी मिशनरियों द्वारा स्थापित किया गया था, जबकि नौगांव का चर्च अंग्रेजों ने बनवाया था। उन्होंने कहा कि इन संरचनाओं से छतरपुर जिले के लंबे और समृद्ध इतिहास की झलक मिलती है। क्रिसमस पर होंगे विशेष धार्मिक कार्यक्रम 25 दिसंबर को क्रिसमस के अवसर पर छतरपुर और नौगांव के चर्चों में विशेष प्रार्थनाएं और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मसीही समाज द्वारा चर्चों में पूरे महीने धार्मिक आयोजन किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। क्रिसमस सेलिब्रेशन की तस्वीरें देखिए...

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