'ट्रेन में सीट मांगी, बदले में धक्का और गाली मिली':बताया- बिजलीकर्मी को क्यों मारी गोली; एक सप्ताह तक रेकी की, मारकर एक पैर से भागा
बिजलीकर्मी रामनरेश वर्मन (60) पर गुरुवार शाम 6 बजे गोली चली। वर्मन के सीने में गोली लगने के बाद भी वह हमलावर से भिड़ गए। गोली मारने वाला दिव्यांग था। हाथापाई में हमलावर का आर्टिफिशियल पैर अलग हो गया। जैसे-तैसे वह वहां से एक पैर से कूदते हुए फरार हो गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची तो हमले की कहानी पूरी फिल्मी निकली। डेढ़ महीने पहले आरोपी ने वर्मन से ट्रेन में सीट मांगी थी, जिसके बदले उसे धक्का और गाली मिली थी। इसी अपमान का बदला लेने आरोपी ने गोली मारी। उस पर 8 मामलों में प्रकरण दर्ज हैं। इसके लिए वह पिछले 15 दिनों से तैयारी कर रहा था। उसने वर्मन की एक-एक बात की जानकारी जुटाई थी। पहले घटनाक्रम की चार तस्वीरें... दैनिक भास्कर ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई तो काफी चौंकाने वाली कहानी निकली, पढ़िए रिपोर्ट… पहले पूरा घटनाक्रम जानिए
सतना के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम यह वारदात हुई। प्रेमनगर क्षेत्र स्थित बिजली कंपनी के प्यून रामनरेश वर्मन निवासी नौगंवा जिला मैहर पर अज्ञात हमलावर ने कट्टे से फायर कर दिया। गोली उनके सीने में जा लगी। घायल होने के बावजूद रामनरेश ने साहस दिखाते हुए हमलावर से भिड़ गए। उन्होंने बताया कि मैं सतना में इलेक्ट्रिकल सेफ्टी विभाग में प्यून हूं। नौगंवा मैहर से प्रतिदिन अपडाउन करता हूं। ड्यूटी खत्म कर मैं प्रतिदिन की तरह अंडर ब्रिज के पास पहुंचा तो समाने से एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन से प्रेमनगर की ओर आते दिखा। उसने मुझे क्रॉस किया और बांई ओर कट्टा अड़ाकर फायर कर दिया। गोली लगने के बाद भी मैंने उसका गला पकड़ लिया। उसने मुझे घसीटना शुरू कर दिया। गोली मेरे बाएं सीने में लगी, मैं लडख़ड़ा गया, लेकिन हिम्मत नहीं हारा। मैं घिसटते हुए कुछ दूर तक चल गया। इसके बाद वह सीढ़ी से नीचे गिर गया, जिससे उसके होंठ पर चोट लग गई। कुछ लोग वहां आ गए, उन्होंने कहा- तुम इसे यहीं छोड़ दो, दिव्यांग है, कहीं नहीं भाग पाएगा। पहले कोतवाली चलो। रामनरेश ने बताया कि हिम्मत कर कट्टा और नकली पैर लेकर मैं किसी तरह से कोतवाली थाने पहुंचा। मेरी हालत देखकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मी दंग रह गए। कट्टा और कृत्रिम पैर कब्जे में लेकर तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मेरा इलाज शुरू किया। स्मार्ट सिटी के सीसीटीवी खंगाले, तब मिला सुराग
पुलिस के मुताबिक आरोपी राजेंद्र वारदात के बाद एक पैर से लड़खड़ाते हुए अंडरब्रिज से नीचे सड़क पर उतरते हुए तो दिखा, लेकिन वह धवारी तरफ गया या फिर अन्य किसी दिशा में निकला, यह पता करने के लिए रात में ही पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। एक टीम स्मार्ट सिटी के कमांड सेंटर गई और चौराहों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने पहुंची। वहीं, दूसरी टीम उसी दिशा में आरोपी की तलाश जुटी रही। जो कृत्रिम पैर मौके से मिला, उस पर ‘राजेंद्र’ नाम लिखा हुआ है। इसी आधार पर पुलिस ने धवारी, राजेंद्र नगर और आसपास के क्षेत्रों में दिव्यांग लोगों से पूछताछ की। सेमरिया चौक के एक सीसीटीवी फुटेज में आरोपी ऑटो से उतरता नजर आया। इसके बाद पुलिस को शुक्रवार दोपहर पता चला कि पैर से दिव्यांग एक युवक संग्राम कालोनी में रहता है। मुखबिर तंत्र के जरिए पुलिस ने जब आरोपी के घर में दबिश दी तो वह मिल गया। अब पढ़िए, वह कहानी, जो बनी हमले की वजह
पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी राजेन्द्र पिता त्रिवेणी सोनी निवासी संग्राम कॉलोनी ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले वह कटनी से सतना आ रहा था। वह ट्रेन की जनरल बोगी में सफर कर रहा था। रामनरेश वर्मन भी इसी ट्रेन में थे। वे सीट में बैठे हुए थे। मैं, रामनरेश के पास पहुंचा और सीट देने को कहा। रामनरेश ने अपशब्द कहते हुए मुझे धक्का दे दिया। मैं नीचे गिर गया, जिससे मुझे चोट लग गई। रामनरेश की इस हरकत से मेरा खून खौल गया, लेकिन तब मैंने कुछ नहीं कहा। खून के घूंट पी कर चुपचाप रह गया। मैंने सतना तक का सफर तो शांतिपूर्वक किया, लेकिन रामनरेश को देखकर मन ही मन आगबबूला होता रहा। सतना आकर मैंने अपना इलाज करवाया। ट्रेन में मैंने सुन लिया था कि रामनरेश अपडाउन करता है। मैंने उसी दिन ठान लिया था कि अपने अपमान का बदला लेकर रहूंगा। अपमान का बदला लेने के लिए मैं सतना स्टेशन पर सुबह पहुंच जाता और मैहर तरफ से आने वाली हर ट्रेन में रामनरेश को खोजता। एक दिन रामनरेश ट्रेन से प्लेटफॉर्म पर उतरते दिख गया। मैंने उसका पीछा किया। रामनरेश प्लेटफॉर्म से पटरी के किनारे-किनारे प्रेमनगर अंडरब्रिज होते हुए बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचा। मैं दिनभर वहीं आसपास भटकता रहा, यह पता करने के लिए की रामनरेश शाम को कब निकलता है। रोज की तरह शाम को रामनरेश उसी रूट से वापस स्टेशन पहुंचा और ट्रेन पकड़कर मैहर निकल गया। मैं रोज उसी टाइम आता और दिनभर दफ्तर के आसपास भटकता। करीब एक हफ्ते तक मैं रेकी करता रहा। मैं, यह पुख्ता करना चाहता था कि रामनरेश रोजाना किस ट्रेन से आता है और वापसी किस ट्रेन से करता है। पूरी टाइमिंग पता करने के बाद रामनरेश को मारने का प्लान बनाया। गुरुवार सुबह स्टेशन पहुंचा। यह पता करने कि रामनरेश आया है या नहीं। रामनरेश स्टेशन से दफ्तर पहुंचा तो मैं अपने घर चला गया। शाम करीब 5 बजे कट्टा लेकर घर से निकला। पटरी किनारे प्रेमनगर अंडर ब्रिज के पास बैठकर रामनरेश के आने का इंतजार करने लगा। ट्रेन पकड़ने प्लेटफॉर्म तरफ जा रहे रामनरेश को मौका पाते ही गोली मार दी। शादी नहीं की, बुजुर्ग मां के साथ रहता है
पड़ताल में सामने आया कि आरोपी राजेंद्र सोनी की शादी नहीं हुई है। वह अपनी बुजुर्ग मां के साथ रहता है। पिता का कुछ साल पहले निधन हो चुका है। गुजर-बसर के लिए वह कुछ समय पहले तक ई-रिक्शा चलाया करता था, लेकिन बाद में बंद कर दिया। ट्रेन से गिरने से एक पैर गंवाना पड़ा
यह भी बात सामने आई है कि आरोपी राजेंद्र सोनी 2022 में ट्रेन से गिर गया था, जिसमें उसने अपना एक पैर गंवा दिया था। आरोपी ने बताया कि उसने राजस्थान से 7 हजार रुपए में कृत्रिम पैर बनवाया था। पुलिस का कहना है कि आरोपी पर 8 आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं। राजेंद्र ने पैर गंवाने के बाद 2022 में कट्टा खरीदा था। उसी कट्टे से उसने रामनरेश को गोली मारी थी। कट्टा जब्त कर लिया गया है। घटना की मूल खबर पढ़िए... बिजलीकर्मी को गोली मारकर एक पैर से भागा दिव्यांग सतना में दिव्यांग ने लूट के इरादे से बिजलीकर्मी के सीने में गोली मार दी। बिजलीकर्मी ने उससे कट्टा छीन लिया। इसी दौरान दिव्यांग का आर्टिफिशियल पैर निकल गया। फायरिंग की आवाज सुन लोग भी इकट्ठा हो गए, उन्हें लगा कि आरोपी भाग नहीं पाएगा। लेकिन वह एक पैर से ही कूदते हुए फरार हो गया। पढ़ें पूरी खबर...
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