गुरुजी बोले-दूसरों के हित में किए कर्म ही सच्ची साधना:देवास में गीता जयंती पर स्टूडेंट्स ने 15वें अध्याय का सामूहिक पाठ किया
1 दिसंबर को पूरे प्रदेश में गीता जयंती महोत्सव मनाया गया। इसी क्रम में देवास जिले में भी यह महोत्सव आयोजित किया गया। इस दौरान स्टूडेंट्स ने श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक स्व-स्वर पाठ किया। आध्यात्मिक गुरु इंदरसिंह नागर ने कहा कि निस्वार्थ भाव से दूसरों के हित में किए गए सद्कर्म ही सच्ची आध्यात्मिक साधना है। उन्होंने श्रीकृष्ण को भारतवर्ष के मनोबल का ध्रुवमान बताते हुए कहा कि भारतीय चित्त, प्रज्ञा और मानस उन्हीं से प्रेरणा और गति पाते हैं। नागर ने श्रीकृष्ण के जीवन आदर्शों और वचनों को दैनिक व्यवहार में लाने का आह्वान किया, क्योंकि जहां श्रीकृष्ण हैं, वहीं श्री, समृद्धि, विजय, विभूति और अचल नीति है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता की अमरवाणी इसी परम सत्य से साक्षात्कार कराती है। इससे पहले महोत्सव का शुभारंभ मां सरस्वती और गीताजी के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। गगन तिवारी ने शंखनाद कर स्वस्ति वाचन किया। डॉ. मनीषा सोनी ने सरस्वती वंदना और जितेंद्र त्रिवेदी ने गुरु वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु इंदरसिंह नागर, भाजपा जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव, महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, राजेश यादव, अपर कलेक्टर शोभाराम सोलंकी, नगर निगम उपायुक्त आरती खेडेकर और जिला शिक्षा अधिकारी हरिसिंह भारती सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को रायसिंह सेंधव, राजेश यादव और शोभाराम सोलंकी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बीईओ प्रमिला डावर, स्त्रोत समन्वयक किशोर वर्मा, सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य देवेंद्र बंसल, महेंद्र स्थापक, शिवानंद प्रजापति, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य सुधीर सोमानी सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और गीतनुरागी गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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