चांदी की मछलियों की 60 हजार से ज्यादा बिक्री:रायपुर-दुर्ग-भिलाई में स्टॉक खत्म, व्यापारी बोले‑ पं.प्रदीप मिश्रा ने बढ़ाई डिमांड, सिक्के‑मूर्तियों को पीछे छोड़ा

Oct 20, 2025 - 13:05
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चांदी की मछलियों की 60 हजार से ज्यादा बिक्री:रायपुर-दुर्ग-भिलाई में स्टॉक खत्म, व्यापारी बोले‑ पं.प्रदीप मिश्रा ने बढ़ाई डिमांड, सिक्के‑मूर्तियों को पीछे छोड़ा
रायपुर और दुर्ग-भिलाई में धनतेरस पर इस बार सर्राफा बाजारों में कुछ ऐसा ट्रेंड देखने को मिला, जिसने सभी को चौंका दिया। हर साल लोग सोने-चांदी के सिक्के, मां लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां या कछुए खरीदते थे। लेकिन इस बार सबसे ज्यादा डिमांड रही चांदी की मछलियों की है। कारोबारियों का कहना है कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के प्रवचन चांदी की मछलियों की बिक्री की मुख्य वजह है। पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि घर या दुकान के गल्ले में चांदी की मछली रखने से मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की कृपा बनी रहती है, जिससे घर में धन-संपत्ति और समृद्धि आती हैं। बता दें कि दुर्ग-भिलाई और रायपुर में धनतेरस पर 60 हजार से ज्यादा चांदी की मछलियां बिकी। दुकानदारों ने बताया डिमांड इतनी रही कि स्टॉक कम पड़ गए। सिर्फ रायपुर में ही 30 हजार से ज्यादा चांदी की मछलियों की बिक्री हुई। पहले देखिए ये तस्वीरें- दुर्ग-भिलाई में दुकानों में खत्म हो गई चांदी की मछलियां दुर्ग सर्राफा व्यापारी संघ के अध्यक्ष प्रकाश सांखला ने बताया कि दुर्ग-भिलाई में करीब 350 ज्वेलर्स है। इस बार हर दुकान पर 50 से 100 चांदी की मछलियां बिकी हैं। पिछले साल भी कुछ मांग थी, लेकिन इस बार तो स्थिति यह रही कि बाजार में मछली खत्म हो गई। दुकानदारों ने पहले से ज्यादा स्टॉक मंगाया था फिर भी कम पड़ गया। कथा के बाद लोगों ने बदला ट्रेंड व्यापारियों ने बताया कि पंडित प्रदीप मिश्रा के कथा के बाद चांदी के मछली की खरीदी का ट्रेंड बढ़ा है। इस बार छोटे-छोटे चांदी के सामान और पूजा से जुड़ी वस्तुओं की डिमांड ज्यादा रही। चांदी की मछली और छोटे आइटम्स पर सबसे ज्यादा फोकस रहा। सोने में हल्की वजन की ज्वेलरी बिकी। ओवरऑल सर्राफा बाजार इस बार बेहद अच्छा रहा। रायपुर में रिकॉर्ड बिक्री, हर दुकान से बिकीं सैकड़ों मछलियां रायपुर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश भंसाली ने बताया कि इस बार रायपुर में 30 हजार से ज्यादा चांदी की मछलियां बिकीं। शहर में 600 दुकानें हैं। अगर हर दुकान पर औसतन 50 मछलियां भी बिकीं, तो 30 हजार से ज्यादा मछलियां बिक चुकी हैं। कुछ दुकानों पर तो 200-300 मछलियां भी बिकी हैं। भंसाली ने बताया कि प्रदीप मिश्रा के प्रवचन के बाद लोगों में मछली को लेकर आस्था बढ़ी है। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा था कि मछली को धनतेरस पर खरीदकर पूजा स्थल या गल्ले पर रखने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। शाम को ही खत्म हो गई मछली, खाली हाथ लौटे ग्राहक सुरेश भंसाली ने बताया कि इस बार छोटी मछली की इतनी मांग रही कि दुकानदारों को ग्राहकों को लौटाना पड़ा। मैंने खुद धनतेरस की रात करीब 50 ग्राहकों को लौटाया, क्योंकि हमारे पास मछली का स्टॉक खत्म हो गया था। किसी के पास एक भी मछली नहीं बची थी। रायपुर-दुर्ग में इस बार चांदी के सिक्के की जगह पूरी तरह मछली ने ले ली है। 2 सालों से लगातार चांदी की मछली पर प्रवचन व्यापारियों के मुताबिक पंडित प्रदीप मिश्रा 2024 में भी छत्तीसगढ़ आए थे, उन्होंने धनतेरस पर चांदी की मछली खरीदने के लिए भक्तों से अपील की थी। इसके बाद पिछले साल की दिवाली में भी लोगों की भीड़ चांद की मछली खरीदने उमड़ पड़ी थी। सर्राफा व्यापारियों को इसकी भनक तक नहीं थी कि अचानक से लोग चांदी की मछली की डिमांड करेंगे। इस साल 2025 में भी पंडित प्रदीप मिश्रा ने धनतेरस पर चांदी की मछली के फायदे भक्तों को बताए थे। इसे देखते हुए व्यापारियों ने पहले से ही तैयारी कर ज्यादा स्टॉक मंगाया था। यह स्टॉक भी शाम होते तक खत्म हो गया। ग्राहक खाली हाथ लौटते रहे। कथावाचक मिश्रा ने कथाओं में बताया शुभ और लाभकारी पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथाओं में चांदी की मछली को काफी शुभ बताया था। कहा था कि चांदी की मछली घर में धन, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाती है। पूजा स्थल के अलावा अपने दुकान के गल्ले में रखने से लक्ष्मी और कुबेर की कृपा लाती है, जिससे घर में धन का आगमन होता है और व्यापार में उन्नति होती है। धनतेरस पर सोना, चांदी, बर्तन और कपड़े आदि की खरीदारी करना शुभ होता है। धनतेरस पर सोने-चांदी से बनी मछली और हाथी खरीदने से भी मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की विशेष कृपा होती है। पंडित प्रदीप मिश्रा ने ये फायदे भी बताए थे ...................................... इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में धनतेरस पर 2200 करोड़ का कारोबार: 1000 करोड़ के सोने-चांदी की खरीदारी; ऑटोमोबाइल-सेक्टर में रिकॉर्ड बिक्री, 10 हजार से ज्यादा कारें बिकी छत्तीसगढ़ में इस बार धनतेरस पर खरीदारी का अलग ही जोश देखने को मिला। GST (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) की दर कम होने का भी असर दिखा। पूरे राज्य में 2200 करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ है। प्रदेश में 10 हजार से ज्यादा कारें और 50,000 बाइक बिके हैं। वहीं दिवाली पर देसी मिठाई-खजूर की डिमांड बढ़ी है। पढ़ें पूरी खबर...

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