उधारी न चुकाने पर दोस्त के साथी की हत्या:6 गुंडों ने किडनैप कर बेसबॉल बैट, बेल्ट से 10 घंटे तक पीटा, लाइटर से भी दागा

Jul 7, 2025 - 10:18
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उधारी न चुकाने पर दोस्त के साथी की हत्या:6 गुंडों ने किडनैप कर बेसबॉल बैट, बेल्ट से 10 घंटे तक पीटा, लाइटर से भी दागा
हरदा में रविवार को अपहरण और बेरहमी से पिटाई के बाद युवक की मौत हो गई। मृतक 26 वर्षीय मोहित गौर को छह बदमाशों ने अगवा कर लाइटर से दागा, बेसबॉल बैट, पाइप और बेल्ट से बेहोश होने तक पीटा और अधमरी हालत में बारह बंगला क्षेत्र में फेंककर भाग गए थे। अंदरूनी चोटों के चलते मोहित को पहले जिला अस्पताल और फिर इंदौर रेफर किया गया था, जहां रविवार रात उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मोहित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और इलेक्ट्रिक की दुकान पर काम करता था। पैसे के लेनदेन को लेकर किया गया हमला मोहित का खुद से कोई विवाद नहीं था। लेकिन उसका दोस्त शुभम मालवीय, आरोपी यूनुस उर्फ कट्टू से रुपए के लेनदेन को लेकर उलझा हुआ था। इसी रंजिश में यूनुस ने अपने पांच साथियों के साथ मिलकर मोहित का 29 जून, रविवार दिनदहाड़े अपहरण किया और उसे कार में बिठाकर ले गए। आरोपियों ने पहले उसे लाइटर से जलाया और फिर बुरी तरह पीटा। इसके बाद आरोपियों ने बारह बंगला क्षेत्र के एक क्वार्टर में लाकर पिटाई करने के बाद उसी दिन अधमरा छोड़कर भाग गए थे। मोहित ने होश आने पर मोबाइल से अपने परिजनों को सारी घटना बताई थी। यूनुस को पैसे चाहिए थे, शुभम जेल में था मोहित ने बताया था कि उसके दोस्त शुभम से आरोपी यूनुस को 1 लाख रुपए लेने थे। यूनुस ने रुपए मुझसे मांगे और कहा कि शुभम जेल में है, उसके रुपए तू देगा। फिर गाली-गलौज कर मुझे जबरन कार में बैठा लिया। शहर के बाहर वाइन शॉप से शराब खरीदी और सभी साथियों ने जमकर शराब पी। इसके बाद मेरे हाथ-पैर बांधकर मुझे डिक्की में डाल दिया और रहटगांव के जंगल में ले गए। वहां करीब 4 घंटे तक मारपीट की। मैं बार-बार छोड़ देने की गुहार लगाता रहा, लेकिन उन्हें दया नहीं आई। उन्होंने लाइटर जलाकर गाल, हाथ और अन्य जगहों पर चटके लगाए। शाम को मुझे कार से रेलवे क्वार्टर लाए और एक खाली क्वार्टर में बेहोश होने तक पीटा। इसके निशान आज भी हाथ, पैर, पीठ और कमर के नीचे बने हुए हैं। डर की वजह से मैंने न तो रिपोर्ट की और न ही इलाज कराया। पिता की समझाइश और असहनीय दर्द के कारण जिला अस्पताल में इलाज कराने गया। अब भी उठने-बैठने में परेशानी हो रही है। ये बयान मोहित ने जिला अस्पताल में भर्ती होने के बाद दिया। घटना के तीन दिन बाद अस्पताल पहुंचा पीड़ित घटना के बाद मोहित इतना डर गया था कि उसने पुलिस को सूचना तक नहीं दी और इलाज कराने को भी तैयार नहीं हुआ। परिजनों के समझाने पर वह तीन दिन बाद यानी 2 जुलाई को जिला अस्पताल में भर्ती हुआ। यहीं से पुलिस को घटना की जानकारी मिली और केस दर्ज किया गया। तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार पुलिस ने मामले में घटना के एक हफ्ते बाद 6 जुलाई, रविवार को यूनुस उर्फ कट्टू, शाहरुख और नागेश को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों का मेडिकल कराकर थाने लाया गया, जहां उनका जुलूस भी निकाला गया। वहीं विवेक, फैजान और हैमर नामक आरोपी फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। इन धाराओं में दर्ज हुआ केस कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296 (हत्या), 109 (षड्यंत्र), 225 (अवैध तरीके से बंधक बनाना), 351(3) (जानलेवा हमला), 140(1), 126(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है।

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