गरियाबंद में शुक्रवारी बाजार व्यवस्थापन का विरोध:भूख हड़ताल पर बैठे फुटकर व्यापारी, 5 की हालत खराब
गरियाबंद नगर पालिका के शुक्रवारी बाजार में व्यवस्थापन के विरोध में फुटकर व्यापारी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनमें से 9 व्यापारी 21 जून की सुबह 10 बजे से हड़ताल पर हैं, इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं, भूख हड़ताल से 5 लोगों की हालत खराब हो गई है। बाजार में पिछले 15-20 सालों से मनिहारी, कपड़ा और चूड़ी बेचने वाले 50 से अधिक फुटकर व्यापारी नगर पालिका के बाजार आबंटन का विरोध कर रहे हैं। व्यापारियों की मांग है कि आबंटन निरस्त किया जाए और बैठक व्यवस्था यथावत रखी जाए। साथ ही स्थल में निर्माण पूरा होने पर यथास्थिति आबंटन किया जाए। उन्होंने लाटरी आबंटन में भेदभाव का आरोप भी लगाया है। बारिश में भी धरने पर बैठे गांधी मैदान में चल रही भूख हड़ताल की प्रशासन मॉनिटरिंग कर रहा है। लेकिन कोई भी अधिकारी मांगों को पूरा करने का लिखित आश्वासन देने नहीं आया है। दोपहर से हो रही बारिश से धरना स्थल पानी से भीग गया है। टिकेश्वरी योगी, निहाल नेकराम, पुरुषोत्तम सिन्हा, शहजादी बेगम और प्रिया वर्मा का शुगर लेवल कम हो गया है। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने ग्लूकोज चढ़ाने की सलाह दी है, लेकिन व्यापारियों ने इलाज लेने से मना कर दिया है। समीर खान, अल्ताफ खान, बंटी खान और अंजुमन बेग भी हड़ताल में शामिल हैं। पार्षद छगन यादव, पुना राम, निरंजन प्रधान और पार्वती ध्रुव ने प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया है। पालिका अध्यक्ष का कहना है कि शेड चबूतरा निर्माण पूरा होने के बाद ही व्यवस्थापन होगा। बाजार सुव्यवस्थित करने उठाया गया है कदम - नपा अध्यक्ष नगर पालिका अध्यक्ष रिखी राम यादव ने कहा कि सालों पुरानी पारम्परिक बाजार में बैठक व्यवस्था सुव्यवस्थित करने की पहल सर्वसम्मति से किया जा रहा है। सब्जी, मनिहारी, चूड़ी जैसे अलग अलग व्यापार को पृथक पृथक स्थान पर सुव्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि बाजार में आने वाले लोग और व्यापारी दोनों को सहूलियत हो। जिस भाग का निर्माण पूरा हुआ है उसी से संबंधित व्यापारी को स्थल आबंटित किया गया है।जब तक निर्माण पूर्ण नहीं हो जाता तब तक व्यवस्थापन भी नहीं किया जाएगा। बगैर सोचे समझे किया जाना यह प्रदर्शन भी समझ से परे है।
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