बसवाराजू समेत 8 नक्सलियों के शवों का अंतिम संस्कार:पुलिस बोली-बॉडी सड़ रही थी, कोई कानूनी दावा नहीं आया, ताड़मेटला से लूटे हथियार भी बरामद
छत्तीसगढ़ में बस्तर के अबूझमाड़ में मारे गए 10 करोड़ रुपए के इनामी नक्सली बसवाराजू समेत 8 नक्सलियों के शवों का नारायणपुर में पुलिस ने अंतिम संस्कार कर दिया है। इनमें एक के परिजन भी शामिल हुए। जबकि, अन्य 19 नक्सलियों के शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। नारायणपुर SP प्रभात कुमार ने इसकी पुष्टि की है। दरअसल, 19 मई को दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर और कोंडागांव से भारी संख्या में DRG के जवान अबूझमाड़ के कुडमेल-कलहाजा-जाटलूर इलाके में नक्सल ऑपरेशन पर निकले हुए थे। वहीं 21 मई को मुठभेड़ हुई। जिसमें मारे गए 27 नक्सलियों की बॉडी जवानों ने रिकवर किया था। 26 मई तक 20 बॉडी सौंपी वहीं तब से 26 मई तक कुल 20 नक्सलियों की बॉडी परिजनों को सौंप दी गई। वहीं महिला नक्सली हुंगी के परिजनों ने नारायणपुर में ही शव का अंतिम संस्कार किया। शव सड़ रहा था। जिससे संक्रामक रोग फैलने की आशंका को देखते हुए, अंतिम संस्कार नारायणपुर मुख्यालय में ही करवाने का अनुरोध किया गया था। पुलिस बोली- 7 बॉडी के लिए नहीं आया कानूनी दावा वहीं बसवा राजू समेत 7 नक्सलियों के शवों के लिए कोई स्पष्ट कानूनी दावा नहीं आया। इसलिए नक्सल संगठन के महासचिव बसवा राजू समेत 7 नक्सलियों के शवों का अंतिम संस्कार कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार नारायणपुर में किया गया। भाई को जानकारी नहीं उधर, बसवा राजू के भाई प्रसाद ने कहा कि, उनकी बॉडी को लेकर आंध्र प्रदेश अपने गृहग्राम ले जाना चाहते हैं। पुलिस बॉडी नहीं दे रही है। हालांकि, 26 मई की रात 10 बजे तक उन्हें जानकारी नहीं थी कि बसवा राजू के शव का पुलिस ने अंतिम संस्कार कर दिया है। लूट के 7 हथियार बरामद नारायणपुर के SP प्रभात कुमार ने बताया कि, नक्सलियों के पास से भारी संख्या में 3 AK-47, राइफल, 4 नग SLR, 6 नग इंसास राइफल, 1 नग कार्बाइन, 6 नग 303 राइफल, 1 नग BGL लॉन्चर, 2 नग रॉकेट लॉन्चर, 2 12 बोर बंदूक समेत अन्य हथियार बरामद हुए हैं। इनमें से 4 हथियार साल 2010 में ताड़मेटला और 2017 में बुरकापाल मुठभेड़ के बाद जवानों से लूटे हुए थे। जिन्हें अब रिकवर कर लिया गया है। क्या हुआ था मुठभेड़ में साल 2010 में दंतेवाड़ा जिले के ताड़मेटला में नक्सलियों ने जवानों को एंबुश में फंसाया था। जिसकी प्लानिंग बसवा राजू ने की थी। वहीं इस मुठभेड़ में CRPF के 76 जवान शहीद हुए थे। ये देश का सबसे बड़ा नक्सल हमला था। इस हमले के बाद नक्सलियों ने जवानों के हथियार लूट लिए थे। इसी तरह साल 2017 में नक्सलियों ने सुकमा जिले के बुरकापाल में CRPF जवानों पर हमला किया था। इस हमले में 25 जवानों की शहादत हुई थी। इस मुठभेड़ के बाद भी नक्सलियों ने जवानों के हथियार लूटे थे। बसवा साल 2018 से महासचिव गणपति के बाद साल 2018 में बसवा राजू नक्सल संगठन का महासचिव बना। ये नक्सल संगठन में सबसे बड़ा पद है। बसवा राजू मूलतः आंध्र प्रदेश का रहने वाला था। बीटेक की पढ़ाई किया था। नक्सल विचारधारा से प्रभावित हुआ और माओवाद संगठन में शामिल हो गया था। एक के बाद एक बड़े पद में सक्रिय रहा। इसकी बनाई प्लानिंग में नक्सलियों को कई सफलताएं मिली। जेल ब्रेक, ताड़मेटला, झीरम, बुरकापाल जैसी बड़ी नक्सल घटनाओं का मास्टर माइंड था। छत्तीसगढ़ में इसपर डेढ़ करोड़ और देशभर में इसपर 10 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। .............................. ये खबर भी पढ़ें... नक्सलियों ने माना बसवाराजू के साथ 28 साथी मारे गए:पुलिस ने 27 के शव किए बरामद, 6 महीने से माड़ में था महासचिव, सरेंडर नक्सलियों ने दिया था इनपुट 21 मई को छ्त्तीसगढ़ में बस्तर के अबूझमाड़ में DRG जवानों ने 27 नहीं बल्कि 28 नक्सलियों का एनकाउंटर किया है। जवानों ने 10 करोड़ रुपए के इनामी नक्सली बसवा राजू समेत 27 के शव बरामद कर किए, जबकि एक शव नक्सली अपने साथ लेकर गए हैं। जिस टीम के साथ मुठभेड़ हुई उसमें कुल 35 नक्सली थे, 7 जिंदा बचे हैं। पढ़ें पूरी खबर नक्सल लीडर के भाई से मिले थे अब्दुल कलाम: एयरफोर्स से रिटायर एन दिलेश्वर बोले- भाई माओवादी विचारधारा चुनेगा इसका अंदाजा भी नहीं था छत्तीसगढ़ में एक एनकाउंटर में देश का सबसे बड़ा माओवादी लीडर एन. केशवराव उर्फ बसवा राजू मारा गया। बेहद कम लोगों को यह जानकारी होगी कि बसवा राजू के बड़े भाई एन. दिलेश्वर राव एयरफोर्स के रिटायर्ड ऑफिसर हैं। यानी एक भाई नक्सलियों का टॉप लीडर था। वहीं दूसरा अंडमान निकोबार में एयरफोर्स का पोर्ट एडमिनिस्ट्रेटर रहा। पढ़ें पूरी खबर
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