मई-जून में ग्रहों की युति भारत के लिए शुभ संकेत:30 मई को सूर्य और बुध की युति, शुक्र के राशि परिवर्तन से बदलेंगी स्थितियां
इस माह ग्रहों की चाल और युति-प्रति युति भारत के पक्ष में नई संभावनाएं तो लेकर आ रही है, लेकिन कुछ ग्रह योग देश-दुनिया के लिए चिंता का विषय भी बन सकते हैं। ज्योतिष मठ संस्थान, नेहरू नगर भोपाल के ज्योतिषाचार्य पं. विनोद गौतम के अनुसार मई और जून माह में बनने वाले विशेष ग्रह योग राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में असर डालेंगे। नौतपा में वर्षा के योग, सूर्य 25 मई को प्रवेश करेंगे रोहिणी नक्षत्र में
25 मई से सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 2 जून तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। यह अवधि 'नौतपा' कहलाती है, जब सूर्य की सीधी किरणें पृथ्वी पर पड़ती हैं। इस बार विशेष ग्रह युति के कारण नौतपा के दौरान वर्षा की संभावना बनी हुई है। 30 मई को सूर्य-बुध की युति और शुक्र का राशि परिवर्तन
30 मई को सूर्य और बुध की युति होगी, वहीं शुक्र मीन से निकलकर मेष राशि में भ्रमण करेंगे। पं. गौतम के अनुसार यह परिवर्तन व्यापार, कला और सौंदर्य से जुड़े क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगा। वहीं 6 जून को मंगल कर्क से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे अंगारक योग बनेगा। यह योग सैन्य, प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्रों में टकराव की स्थिति निर्मित कर सकता है। वहीं 24 जून को मिथुन राशि में सूर्य, चंद्र, बुध और गुरु का चतुर्ग्रही योग बनेगा, जो व्यापारिक क्षेत्रों में महंगाई और अस्थिरता के संकेत दे रहा है। षड़ाष्टक योग से टकराव और धार्मिक उन्माद की आशंका
जून में राहु और मंगल का षड़ाष्टक योग भी प्रभावी रहेगा, जिससे सैन्य और राजनीतिक टकराव बढ़ सकते हैं। गुरु के अतिचारी होने से धार्मिक उन्माद और वैचारिक असहिष्णुता बढ़ने की संभावना है। हालांकि, शनि धर्म राशि में भ्रमण रत हैं, जो भारत की प्रभाव राशि से जुड़ी हुई है। इससे भारत के पक्ष में न्याय और स्थायित्व की स्थिति बन रही है। पं. गौतम के अनुसार, जून में एक बार पुनः चार ग्रह मीन राशि में इकट्ठे होंगे, जो शास्त्रों के अनुसार देश में संकट की स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं। ऐसे में शासन और जनता दोनों को सजग रहने की आवश्यकता है।
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