बैतूल में कहीं झमाझम तो कहीं सूखा:चिचोली में सबसे ज्यादा 33.37, आठनेर में सबसे कम 15 इंच बारिश

Sep 7, 2026 - 12:10
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बैतूल में कहीं झमाझम तो कहीं सूखा:चिचोली में सबसे ज्यादा 33.37, आठनेर में सबसे कम 15 इंच बारिश
बैतूल जिल में इस सीजन में कुछ इलाकों में 30 इंच से ज्यादा बारिश हुई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में आंकड़ा 15 इंच के आसपास ही है। चिचोली में अब तक 33.37 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि आठनेर में सिर्फ 15 इंच पानी बरसा है। दोनों क्षेत्रों के बीच 18.37 इंच का अंतर है। बारिश में इस अंतर की एक वजह जिले की भौगोलिक बनावट भी है। बैतूल सतपुड़ा क्षेत्र में आता है। यहां ऊंची पहाड़ियां, पठारी इलाके, घाटियां और अलग-अलग ऊंचाई वाले क्षेत्र हैं। ये भूभाग बादलों और नमी वाली हवाओं के रास्ते को प्रभावित करते हैं। पहाड़ और ऊंचाई कैसे बढ़ाते हैं बारिश मौसम विभाग के अनुसार जब मानसून की नमी वाली हवाएं ऊंचे भूभाग या पहाड़ी से टकराती हैं तो उन्हें ऊपर उठना पड़ता है। ऊपर जाने पर हवा ठंडी होती है। इससे बादल बनने और बारिश की संभावना बढ़ जाती है। इसे आमतौर पर पर्वतीय प्रभाव कहा जाता है। हालांकि, पहाड़ों के कारण हर बार उन्हीं इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश हो, ऐसा जरूरी नहीं है। मानसूनी हवा की दिशा, नमी की मात्रा, स्थानीय तापमान, बादलों की गति और गरज-चमक वाले सिस्टम भी बारिश को प्रभावित करते हैं। इसलिए कुछ किलोमीटर के अंतर पर भी बारिश के आंकड़ों में बड़ा अंतर दिखाई दे सकता है। चिचोली, घोड़ाडोंगरी में ज्यादा बारिश जिले में चिचोली और घोड़ाडोंगरी जैसे इलाकों में इस बार ज्यादा बारिश हुई है। ये क्षेत्र सतपुड़ा के पहाड़ी और पठारी भूभाग से जुड़े हैं। यहां मानसूनी हवाओं को ऊंचाई का सामना करना पड़ता है, जिससे बादल बनने और स्थानीय बारिश की संभावना बढ़ती है। भीमपुर में अब तक 28.87 इंच बारिश दर्ज हुई है। मुलताई में 26.01 इंच बारिश हुई है। इससे जिले के पहाड़ी और वन क्षेत्रों में अच्छी बारिश की स्थिति सामने आती है। हालांकि, ऊंचाई और भू-आकृति का असर पूरे जिले में एक जैसा नहीं है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार इसमें बदलाव होता है। आठनेर और बैतूल पीछे इसके उलट आठनेर में अब तक सिर्फ 15 इंच बारिश हुई है। बैतूल में 20.55 इंच बारिश दर्ज की गई है। कम बारिश की वजह केवल कम ऊंचाई होना नहीं है। बादलों का रास्ता किस दिशा में रहा, नमी कहां ज्यादा थी और स्थानीय स्तर पर कितने गरज-चमक वाले सिस्टम बने, इनका भी बारिश पर असर पड़ता है। शनिवार को बैतूल में करीब एक इंच बारिश इस असमान बारिश के बीच शनिवार को बैतूल शहर में 24.2 मिमी यानी करीब 0.95 इंच बारिश हुई। इससे लोगों को लगा कि मानसून फिर सक्रिय हो रहा है। हालांकि, इसके बाद बारिश का जोर दोबारा कमजोर पड़ गया। 7 सितंबर सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटे में पूरे जिले में औसतन सिर्फ 0.09 इंच बारिश दर्ज हुई। सामान्य से 17.94 इंच कम बारिश 7 सितंबर सुबह 8 बजे तक जिले में इस मानसून की औसत बारिश 24.73 इंच हो चुकी है। जिले की सामान्य औसत बारिश 42.67 इंच है। इस हिसाब से अभी सामान्य से 17.94 इंच बारिश कम है। पिछले साल इसी अवधि तक 33.14 इंच बारिश हो चुकी थी। इस साल जिला पिछले साल की तुलना में 8.41 इंच पीछे है। सरकारी आंकड़ों में भी अंतर 7 सितंबर सुबह 8 बजे तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार चिचोली में सबसे ज्यादा 33.37 इंच बारिश दर्ज हुई है। घोड़ाडोंगरी में 31.81 इंच और भीमपुर में 28.87 इंच बारिश हुई है। मुलताई में 26.01 इंच, शाहपुर में 25.45 इंच, भैंसदेही में 23.66 इंच, प्रभात पट्टन में 22.74 इंच, आमला में 20.71 इंच और बैतूल में 20.55 इंच बारिश दर्ज हुई है। आठनेर में सबसे कम 15 इंच बारिश हुई है। इस तरह जिले में सिर्फ बारिश की कमी ही नहीं, बल्कि उसका असमान वितरण भी इस मानसून की बड़ी तस्वीर सामने आ रहा है।

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