पीएम रिपोर्ट में बाघ की खोपड़ी की हड्डियां टूटी मिली:नाखून टूटा, आंख पर मिले दांत का निशान; सागर टाइगर रिवर्ज में टेरिटरी फाइट में हुई मौत

Feb 17, 2026 - 09:23
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पीएम रिपोर्ट में बाघ की खोपड़ी की हड्डियां टूटी मिली:नाखून टूटा, आंख पर मिले दांत का निशान; सागर टाइगर रिवर्ज में टेरिटरी फाइट में हुई मौत
सागर स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 15 फरवरी को एक युवा बाघ मृत मिला। प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उसकी मौत किसी अन्य बाघ के साथ टेरिटरी को लेकर हुई लड़ाई में हुई। मृत बाघ की खोपड़ी की हड्डियां टूटी मिलीं, आंख पर दांत का निशान था और एक पैर का नाखून भी टूटा हुआ मिला। वन विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। 15 फरवरी को मिला था शव टाइगर रिजर्व की निगरानी टीम को रेडियो कॉलर के जरिए बाघ की लोकेशन लगातार एक ही स्थान पर मिल रही थी। 15 फरवरी को टीम लोकेशन के आधार पर मानेगांव बीट के कक्ष क्रमांक 159 में पहुंची। वहां बाघ मृत अवस्था में पड़ा मिला। दो दिन मूवमेंट नहीं बदला तो बढ़ा संदेह बाघ को 18-19 जनवरी की रात खुले जंगल में छोड़ा गया था। शुरुआत से ही उसका मूवमेंट कम था। पहले दिन मूवमेंट न होने पर टीम ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन दूसरे दिन भी लोकेशन नहीं बदली तो संदेह हुआ। तीसरे दिन मौके पर जाकर जांच की गई, जहां उसकी मौत की पुष्टि हुई। तीन डॉक्टरों की पैनल ने किया पोस्टमार्टम राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रोटोकॉल के तहत तीन डॉक्टरों की पैनल ने पोस्टमार्टम किया। इसमें पन्ना टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता, रहली के पशु चिकित्सक नीरज ठाकुर और एनटीसीए प्रतिनिधि डॉ. प्रशांत देशमुख शामिल रहे। वन संरक्षक सागर रिपुदमन सिंह भदोरिया की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। खोपड़ी टूटी, दांत के गहरे निशान प्राथमिक पीएम रिपोर्ट में सामने आया कि बाघ की खोपड़ी की हड्डियां टूटी हुई थीं। आंख के पास दांत का निशान था और एक पैर का नाखून टूटा हुआ मिला। इन साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि उसकी किसी अन्य बाघ से जबरदस्त भिड़ंत हुई थी। डॉग स्क्वॉड से सर्चिंग, पानी की जांच मामले के बाद वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड से आसपास सर्चिंग कराई। मौके पर दूसरे बाघ के पगमार्क मिले। आसपास के तालाबों के पानी की लिटमस पेपर से जांच की गई, जिसमें पीएच वैल्यू सामान्य पाई गई। करंट या जहर जैसी किसी संभावना के संकेत नहीं मिले। डीएफओ ने दी जानकारी टाइगर रिजर्व के डीएफओ रजनीश कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में मौत का कारण टेरिटरी फाइट सामने आया है। अन्य बाघ के पगमार्क और चोटों के आधार पर यही स्पष्ट होता है कि संघर्ष में यह बाघ मारा गया। एक माह पहले कान्हा से लाया गया था मृत बाघ को करीब एक माह पहले कान्हा टाइगर रिजर्व से शिफ्ट किया गया था। उसे मुहली रेंज के कोर एरिया में रेडियो कॉलर के साथ छोड़ा गया था, ताकि उसकी निगरानी की जा सके। प्रबंधन के अनुसार, अप्रैल 2023 में सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व के रूखड़ परिक्षेत्र से यह शावक के रूप में रेस्क्यू किया गया था। उस समय उसकी उम्र करीब 4-5 माह थी। वह अपनी मां से बिछड़ गया था। रिवाइल्डिंग के बाद हुआ था शिफ्ट मां का पता नहीं चलने पर उसे कान्हा के घोरेला रिवाइल्डिंग बाड़े में रखा गया। करीब 35 माह की ट्रेनिंग के बाद वह खुद शिकार करने में सक्षम हुआ। इसके बाद उसे वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया था।

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