निरीक्षक ने गाया- मैं कवि नहीं, वर्दी बोल रही:पुलवामा दिवस पर रचना पढ़ी; पुलवामा- लहू से लिखी इबारत, 2019 का दर्द बताया

Feb 14, 2026 - 14:49
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निरीक्षक ने गाया- मैं कवि नहीं, वर्दी बोल रही:पुलवामा दिवस पर रचना पढ़ी; पुलवामा- लहू से लिखी इबारत, 2019 का दर्द बताया
पुलवामा दिवस के अवसर पर राजगढ़ में पुलिस निरीक्षक (रेडियो) संजय ठाकुर ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए एक कविता लिखी। उन्होंने अपनी इस कविता को सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसका शीर्षक "पुलवामा—लहू से लिखी इबारत" है। यह कविता 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले की स्मृति में लिखी गई है। इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 40 जवान शहीद हो गए थे। यह घटना देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और दुखद अध्याय के रूप में दर्ज है। वीडियो की शुरुआत में निरीक्षक ठाकुर कहते हैं, "मैं कवि हूँ साहब, शब्द कांप रहे हैं, पर आज कविता नहीं लिख रहा हूँ, आज वर्दी बोल रही है..."। यह पंक्ति दर्शाती है कि यह प्रस्तुति केवल एक साहित्यिक रचना नहीं, बल्कि एक पुलिसकर्मी की भावनाओं और संकल्प की अभिव्यक्ति है। कविता में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा प्रतिरोध, शहीद जवानों के प्रति गहरा सम्मान और राष्ट्र की अखंडता के प्रति अटूट विश्वास व्यक्त किया गया है। इसमें देश की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति दृढ़ संकल्प को शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

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