लोन का झांसा देकर पचास लाख ट्रांसफर कराए:भिंड में साइबर ठगी के 4 मामले; लिंक खोलते ही खाते से रुपए गए
भिंड जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अज्ञात ठगों ने मोबाइल लिंक, ऑनलाइन ऐप और अन्य माध्यमों से लोगों के बैंक खातों से लाखों रुपए निकाल लिए। पीड़ितों ने शिकायत संबंधित अलग-अलग पुलिस थानों में पिछले एक महीने में की थी। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केस–1 : मोबाइल लिंक हैकिंग से एक लाख रुपए की चपत
भिंड देहात थाना क्षेत्र के विशाल नगर, बीटीआई रोड निवासी नीलम राठौर के मोबाइल पर 29 नवंबर की शाम एक अज्ञात नंबर से लिंक भेजा गया। लिंक खोलते ही उनका मोबाइल पूरी तरह हैक हो गया और स्क्रीन लॉक हो गई। लगभग 20 मिनट तक मोबाइल उनके नियंत्रण से बाहर रहा। इस दौरान IDBI बैंक खाते से अलग–अलग ट्रांजेक्शनों में कुल एक लाख रुपए उड़ा लिये गए। राशि कटने का मैसेज मिलने पर पीड़िता ने तुरंत बैंक और साइबर सेल से संपर्क किया। पुलिस ने अज्ञात साइबर गिरोह के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केस–2 : ऑनलाइन ऐप के जरिए 1 लाख 44 हजार की ठगी
मेहगांव थाना क्षेत्र में रहने वाले पीड़ित इरशाद पुत्र फिरोज खान ने बताया कि 1 दिसंबर की रात उनके फोन पर अचानक बैंक खाते से ट्रांजैक्शन अलर्ट आने लगे। सुबह जब उन्होंने बैंक पासबुक अपडेट करवाई, तो खाते से 1,44,020 रुपये निकाले जाने की पुष्टि हुई। ठगी किस ऐप या किस माध्यम से हुई इसकी जानकारी खुद पीड़ित को भी नहीं थी। आरोप है कि किसी अज्ञात एप और ऑटो पेमेंट सेटिंग के जरिए राशि ट्रांसफर की गई। बैंक शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। केस–3 : बिना कॉल–मैसेज आये गायब हुए 1,06,213 रुपए
मेहगांव निवासी मुकेश राठौर के खाते से 11 नवंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में 1,06,213 रुपए गायब हो गए। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उन्हें न तो कोई कॉल आया, न कोई लिंक भेजा गया और न ही किसी ऐप इंस्टॉल का मैसेज मिला। जब उन्होंने बैंक बैलेंस चेक किया तो खाते में सिर्फ कुछ हजार रुपए शेष मिले। पूरे दिन वे बैंक रिकॉर्ड खंगालते रहे, तब जाकर ठगी का पता चला। पीड़ित ने साइबर सेल और थाना पुलिस से शिकायत कर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस तकनीकी एंगल से मामले की जांच कर रही है। केस–4 : लोन दिलाने के नाम पर साइबर फ्रॉड किया
उमरी थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। यहां मनदीप सोनी ने पुलिस को बताया कि वो खाटूश्याम दर्शन के लिए राजस्थान जाता था। वहां कुछ युवकों से दोस्ती हुई। इन युवकों ने लोन दिलाने का झांसा देते हुए नए अकाउंट बैंक में खुलवाए। इस दौरान उन्होंने एटीएम व पासबुक ले ली। इसी समय एक नया मोबाइल नंबर इश्यू कराया गया था उसकी सिम भी झांसा देकर ले ली। इसके बाद आरोपियों ने साइबर ठगी कर पचास लाख से ज्यादा की रकम खाते में ट्रांसफर कराई। पीड़ित का कहना है मेरे पास नये बैंक अकाउंट की चेकबुक थी। जब चेकबुक से मैंने अकाउंट को चैक कराया तो फर्जीबाड़ा की जानकारी लगी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी। लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद एसपी डा. असित यादव ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक को न खोलें, अनजान काल या ऐप के झांसे में न आएं। बैंक से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी से बचाव को लेकर पुलिस जांच के साथ जागरूकता अभियान भी चला रही है।
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